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जिला अस्पताल: परामर्श मिलेगा आज, कल होगी जांच
Thu, 14 Dec 2023 11:37 PM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
Updated Thu, 14 Dec 2023 11:37 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिला नागरिक अस्पताल में मरीजों को जांच करवाने के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। अस्पताल में ओपीडी का समय दोपहर दो बजे तक है, जबकि लैब दोपहर 12 बजे तक बंद हो जाती है। ऐसी स्थिति में दूर-दराज क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को एक दिन परामर्श के लिए आते हैं। दूसरे दिन मरीजों को जांच के लिए आने पर मजबूर होना पड़ रहा है। बीमारी से अधिक परेशान मरीजों को ऐसे में निजी अस्पतालों की लैब का सहारा लेना पड़ता है।
जिला नागरिक अस्पताल में रोजाना ओपीडी के लिए आने वाले मरीजों की संख्या दो से ढाई हजार है। जिनमें से डॉक्टरों की ओर से रोजाना तीन से चार सो मरीजों को जांच के लिए भेजा जाता है। लेकिन वास्तव में अस्पताल की लैब में रोजाना डेढ़ से दो सो मरीजों के खून व पेशाब की जांच के लिए नमूने लिए जाते हैं। इसकी मुख्य वजह लैब का केवल चार घंटे के लिए खुलना है। बुधवार को सवा 12 बजे जांच करवाने वाले मरीजों को इघर-उघर भटकते हुए देखा गया है। दूर-दराज क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को बिना जांच करवाए ही घर लौटना पड़ा।
पेट दर्द की समस्या है कंपनी से छुट्टी लेकर दवाई लेने के लिए पहुंचा हूॅ। पहले ओपीडी कार्ड के लिए लाइन में फिर डाॅक्टर को दिखाने के लिए लाईन में लगा। इसके बाद भी उन्हें इलाज नहीं मिला। डॉक्टर ने उन्हें पेशाब की जांच करवाने के लिए कहा है, लेकिन लैब बंद है। अजय ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा है कि कंपनी से रोज-रोज छुट्टी मिलना मुश्किल है।
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- मरीज अजय, तिलपत
छाती में दर्द की समस्या है। लगभग डेढ़ घंटे लाइन में खड़े रहने के बाद मेरा नंबर आया। डॉक्टर ने खून की जांच के लिए लिखकर दिया है, लेकिन लैब बंद हो चुकी है। ऐसी स्थिति में अब बृहस्पतिवार को दोबारा जांच के लिए आना पड़ेगा। मेरा समय और किराया दोनों की बर्बाद होगा।
- मरीज निक्की, बाटा
पांच महीने की गर्भवती हूं। पिछले कुछ दिनों से बुखार और पेट दर्द की समस्या बनी हुई है। जिससे कि उनके डॉक्टर ने उन्हें खून की जांच करवाने का परामर्श दिया है। ऐसे में उन्हें अब बाहर से जांच करवानी पड़ेगी। इसमें पैसा और समय दोनों खराब होगा।
- मरीज मंजू, नंगला
दांत दर्द की समस्या से परेशान हूं। पहले दो घंटे लाइन में लगने के बाद मेरा नंबर आया था। डॉक्टर ने जांच के बाद खून की जांच करवाने के लिए लिखकर दिया, लेकिन लैब पर ताला लटका हुआ है, ऐसी स्थिति में मेरा पूरा दिन खराब हो गया और मुझे दर्द से निजात भी नहीं मिली।
- मरीज सुखविन्दर, तिलपत
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फरीदाबाद। जिला नागरिक अस्पताल में मरीजों को जांच करवाने के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। अस्पताल में ओपीडी का समय दोपहर दो बजे तक है, जबकि लैब दोपहर 12 बजे तक बंद हो जाती है। ऐसी स्थिति में दूर-दराज क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को एक दिन परामर्श के लिए आते हैं। दूसरे दिन मरीजों को जांच के लिए आने पर मजबूर होना पड़ रहा है। बीमारी से अधिक परेशान मरीजों को ऐसे में निजी अस्पतालों की लैब का सहारा लेना पड़ता है।
जिला नागरिक अस्पताल में रोजाना ओपीडी के लिए आने वाले मरीजों की संख्या दो से ढाई हजार है। जिनमें से डॉक्टरों की ओर से रोजाना तीन से चार सो मरीजों को जांच के लिए भेजा जाता है। लेकिन वास्तव में अस्पताल की लैब में रोजाना डेढ़ से दो सो मरीजों के खून व पेशाब की जांच के लिए नमूने लिए जाते हैं। इसकी मुख्य वजह लैब का केवल चार घंटे के लिए खुलना है। बुधवार को सवा 12 बजे जांच करवाने वाले मरीजों को इघर-उघर भटकते हुए देखा गया है। दूर-दराज क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को बिना जांच करवाए ही घर लौटना पड़ा।
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पेट दर्द की समस्या है कंपनी से छुट्टी लेकर दवाई लेने के लिए पहुंचा हूॅ। पहले ओपीडी कार्ड के लिए लाइन में फिर डाॅक्टर को दिखाने के लिए लाईन में लगा। इसके बाद भी उन्हें इलाज नहीं मिला। डॉक्टर ने उन्हें पेशाब की जांच करवाने के लिए कहा है, लेकिन लैब बंद है। अजय ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा है कि कंपनी से रोज-रोज छुट्टी मिलना मुश्किल है।
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- मरीज अजय, तिलपत
छाती में दर्द की समस्या है। लगभग डेढ़ घंटे लाइन में खड़े रहने के बाद मेरा नंबर आया। डॉक्टर ने खून की जांच के लिए लिखकर दिया है, लेकिन लैब बंद हो चुकी है। ऐसी स्थिति में अब बृहस्पतिवार को दोबारा जांच के लिए आना पड़ेगा। मेरा समय और किराया दोनों की बर्बाद होगा।
- मरीज निक्की, बाटा
पांच महीने की गर्भवती हूं। पिछले कुछ दिनों से बुखार और पेट दर्द की समस्या बनी हुई है। जिससे कि उनके डॉक्टर ने उन्हें खून की जांच करवाने का परामर्श दिया है। ऐसे में उन्हें अब बाहर से जांच करवानी पड़ेगी। इसमें पैसा और समय दोनों खराब होगा।
- मरीज मंजू, नंगला
दांत दर्द की समस्या से परेशान हूं। पहले दो घंटे लाइन में लगने के बाद मेरा नंबर आया था। डॉक्टर ने जांच के बाद खून की जांच करवाने के लिए लिखकर दिया, लेकिन लैब पर ताला लटका हुआ है, ऐसी स्थिति में मेरा पूरा दिन खराब हो गया और मुझे दर्द से निजात भी नहीं मिली।
- मरीज सुखविन्दर, तिलपत