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श्रद्धालुओं ने की मां ब्रह्मचारिणी की पूजा
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फरीदाबाद। नवरात्रि के दूसरे दिन जिले भर में मां ब्रह्मचारिणी की पूजा अर्चना की गई। इस दौरान पूजा-अर्चना के लिए देवी मंदिरों में दिनभर श्रद्धालुओं की कतार लगी रही। इस दौरान कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए मास्क और सामाजिक दूरी के साथ श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश दिया गया।
चैत्र नवरात्र के दूसरे दिन बुधवार को तिकोना पार्क स्थित वैष्णो देवी मंदिर, बस अड्डा स्थित सिद्धपीठ महाकाली मंदिर, सैनिक कॉलोनी स्थित शिव मंदिर, जवाहर कॉलोनी स्थित दुर्गा मंदिर, बल्लभगढ़ का श्याम मंदिर, तिगांव का महाकाली मंदिर, सेक्टर-29 स्थित काली मंदिर, सराय ख्वाजा स्थित शिव मंदिर, नाथी चौक ए ब्लॉक स्थित मां दुर्गा मंदिर, तीन नंबर स्थित दुर्गा मंदिर, एचएच पांच स्थित दुर्गा मंदिर, जवाहर कॉलोनी स्थित जगदंबा मंदिर, ओल्ड फरीदाबाद पथवारी मंदिर सहित शहर के कई मंदिरों में लोगों ने मां भगवती की पूजा की। सुबह से शाम तक श्रद्धालुओं ने हाजिरी लगाई। शाम को मंदिरों में माता का कीर्तन किया गया। सुबह चार बजे से ही मंदिरों के द्वार खोल दिए गए। कोविड नियमों के तहत लोगों की थर्मल जांच और सैनिटाइजेशन के बाद ही उन्हें प्रवेश दिया गया। श्रद्धालुओं में शक्ति के दूसरे स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी के दर्शन किए। इस दौरान कोरोना को देखते हुए दो मिनट से ज्यादा किसी भी श्रद्धालु को रुकने की अनुमति नहीं दी गई।
दिनभर गूंजते रहे जयकारे
मंदिरों में दूसरे दिन सुबह से शाम तक मां भगवती के जयकारे गूंजते रहे। इससे शहर भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने मां भगवती से कोरोना से छुटकारा दिलाने के साथ घर से सुख समृद्धि की कामना की।
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मंदिर परिसर में लगाई सैनिटाइजेशन की मशीन
बस अड्डा स्थित सिद्धपीठ महाकाली मंदिर में कोरोना से बचाव के लिए सैनिटाइज की बड़ी मशीन लगाई गई, जिससे सभी श्रद्धालु सैनिटाइज के बाद मंदिर में प्रवेश कर सकें। मंदिर कमेटी के प्रधान राकेश कुमार ने बताया कि मंदिर परिसर में सामाजिक दूरी, मास्क और सैनिटाइज जैसे नियमों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। मंदिर के प्रवेश द्वार पर सैनिटाइज की दो मशीन लगाई हैं। महारानी वैष्णो देवी मंदिर संस्थान के प्रधान जगदीश भाटिया का कहना है कि ब्रह्म का अर्थ है, तपस्या, तप का आचरण करने वाली भगवती, इस कारण उन्हें ब्रह्मचारिणी कहा गया। श्रद्धालु भक्त व साधक अनेक प्रकार से भगवती की अनुकंपा प्राप्त करने के लिए व्रत-अनुष्ठान व साधना करते हैं।
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चैत्र नवरात्र के दूसरे दिन बुधवार को तिकोना पार्क स्थित वैष्णो देवी मंदिर, बस अड्डा स्थित सिद्धपीठ महाकाली मंदिर, सैनिक कॉलोनी स्थित शिव मंदिर, जवाहर कॉलोनी स्थित दुर्गा मंदिर, बल्लभगढ़ का श्याम मंदिर, तिगांव का महाकाली मंदिर, सेक्टर-29 स्थित काली मंदिर, सराय ख्वाजा स्थित शिव मंदिर, नाथी चौक ए ब्लॉक स्थित मां दुर्गा मंदिर, तीन नंबर स्थित दुर्गा मंदिर, एचएच पांच स्थित दुर्गा मंदिर, जवाहर कॉलोनी स्थित जगदंबा मंदिर, ओल्ड फरीदाबाद पथवारी मंदिर सहित शहर के कई मंदिरों में लोगों ने मां भगवती की पूजा की। सुबह से शाम तक श्रद्धालुओं ने हाजिरी लगाई। शाम को मंदिरों में माता का कीर्तन किया गया। सुबह चार बजे से ही मंदिरों के द्वार खोल दिए गए। कोविड नियमों के तहत लोगों की थर्मल जांच और सैनिटाइजेशन के बाद ही उन्हें प्रवेश दिया गया। श्रद्धालुओं में शक्ति के दूसरे स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी के दर्शन किए। इस दौरान कोरोना को देखते हुए दो मिनट से ज्यादा किसी भी श्रद्धालु को रुकने की अनुमति नहीं दी गई।
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दिनभर गूंजते रहे जयकारे
मंदिरों में दूसरे दिन सुबह से शाम तक मां भगवती के जयकारे गूंजते रहे। इससे शहर भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने मां भगवती से कोरोना से छुटकारा दिलाने के साथ घर से सुख समृद्धि की कामना की।
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मंदिर परिसर में लगाई सैनिटाइजेशन की मशीन
बस अड्डा स्थित सिद्धपीठ महाकाली मंदिर में कोरोना से बचाव के लिए सैनिटाइज की बड़ी मशीन लगाई गई, जिससे सभी श्रद्धालु सैनिटाइज के बाद मंदिर में प्रवेश कर सकें। मंदिर कमेटी के प्रधान राकेश कुमार ने बताया कि मंदिर परिसर में सामाजिक दूरी, मास्क और सैनिटाइज जैसे नियमों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। मंदिर के प्रवेश द्वार पर सैनिटाइज की दो मशीन लगाई हैं। महारानी वैष्णो देवी मंदिर संस्थान के प्रधान जगदीश भाटिया का कहना है कि ब्रह्म का अर्थ है, तपस्या, तप का आचरण करने वाली भगवती, इस कारण उन्हें ब्रह्मचारिणी कहा गया। श्रद्धालु भक्त व साधक अनेक प्रकार से भगवती की अनुकंपा प्राप्त करने के लिए व्रत-अनुष्ठान व साधना करते हैं।