{"_id":"69fe1d54f5e5342faf083825","slug":"despite-the-attachment-of-the-companys-property-construction-continues-causing-anger-among-the-people-faridabad-news-c-26-1-fbd1021-69458-2026-05-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: कंपनी की संपत्ति अटैच किए जाने के बावजूद निर्माण जारी, लोगों में रोष","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: कंपनी की संपत्ति अटैच किए जाने के बावजूद निर्माण जारी, लोगों में रोष
विज्ञापन
रेजिडेंट्स वेलफेयर काउंसिल ने करोड़ों रुपये के घोटाले के आरोप लगाए
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सेक्टर-55 में मौर्या उद्योग कंपनी की ओर से विकसित की जा रही गोकुलम बाय सर्वोम परियोजना को लेकर स्थानीय निवासियों में भारी नाराजगी है। जानकारी के मुताबिक, जनवरी 2026 में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से कंपनी की संपत्ति अटैच किए जाने के बावजूद परियोजना में निर्माण और फ्लैटों की बिक्री जारी है।
एनआईटी गोल्फ क्लब में सेक्टर-55 रेजिडेंट्स वेलफेयर काउंसिल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कंपनी पर करोड़ों रुपये के घोटाले के आरोप लगाए और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। काउंसिल के अनुसार, मौर्या उद्योग कंपनी ने वर्ष 2022 में दीन दयाल जन आवास योजना के तहत करीब छह एकड़ जमीन पर यह आवासीय परियोजना विकसित की थी। आरोप है कि परियोजना का सीवेज सिस्टम सेक्टर की मौजूदा लाइन से जोड़ दिया गया, जिससे अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है।
काउंसिल के प्रधान नरेंद्र कुमार ने बताया कि इस मामले में प्रशासन से कई बार शिकायत की गई, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद मामला हाई कोर्ट पहुंचा, जहां कोर्ट ने डीटीपी में अपील दायर करने के निर्देश दिए। उन्होंने दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर वर्ष 2019 से ईडी कंपनी की जांच कर रही है और करीब 837 करोड़ रुपये खरीदारों से लेकर अन्य माध्यमों में डायवर्ट किए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सेक्टर-55 में मौर्या उद्योग कंपनी की ओर से विकसित की जा रही गोकुलम बाय सर्वोम परियोजना को लेकर स्थानीय निवासियों में भारी नाराजगी है। जानकारी के मुताबिक, जनवरी 2026 में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से कंपनी की संपत्ति अटैच किए जाने के बावजूद परियोजना में निर्माण और फ्लैटों की बिक्री जारी है।
एनआईटी गोल्फ क्लब में सेक्टर-55 रेजिडेंट्स वेलफेयर काउंसिल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कंपनी पर करोड़ों रुपये के घोटाले के आरोप लगाए और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। काउंसिल के अनुसार, मौर्या उद्योग कंपनी ने वर्ष 2022 में दीन दयाल जन आवास योजना के तहत करीब छह एकड़ जमीन पर यह आवासीय परियोजना विकसित की थी। आरोप है कि परियोजना का सीवेज सिस्टम सेक्टर की मौजूदा लाइन से जोड़ दिया गया, जिससे अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है।
विज्ञापन
काउंसिल के प्रधान नरेंद्र कुमार ने बताया कि इस मामले में प्रशासन से कई बार शिकायत की गई, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद मामला हाई कोर्ट पहुंचा, जहां कोर्ट ने डीटीपी में अपील दायर करने के निर्देश दिए। उन्होंने दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर वर्ष 2019 से ईडी कंपनी की जांच कर रही है और करीब 837 करोड़ रुपये खरीदारों से लेकर अन्य माध्यमों में डायवर्ट किए गए हैं।
विज्ञापन