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Faridabad News: डेंटिंग-पेंटिंग तो हुई लेकिन समस्या बरकरार
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आयुष्मान भारत हेल्थ सेंटर में मरीजों की जान पर संकट जस का तस
संवाद न्यूज एजेंसी
तिगांव। फरीदपुर गांव के आयुष्मान भारत हेल्थ सेंटर की हालत काफी समय से खराब है। इसको लेकर कुछ दिन पूर्व समाचार पत्र में आयुष्मान भारत हेल्थ सेंटर की बिगड़ी हालत शीर्षक से खबर को प्राथमिकता से प्रकाशित किया गया था। इसमें फरीदपुर गांव के आयुष्मान भारत हेल्थ सेंटर के जर्जर भवन, सीलन, टूटी खिड़कियां और खराब शौचालय जैसी गंभीर समस्याओं की जानकारी दी गई थी।
प्रशासन ने समाचार पत्र की खबर को संज्ञान में लेते हुए सेंटर में काम तो करवाया लेकिन लोग केवल ऊपरी डेंटिंग पेंटिंग से खाना-पूर्ति करने का आरोप लगा रहे हैं। लोगों का कहना है कि सुविधाओं को भी दुरुस्त किया जाना चाहिए। स्वास्थ्य विभाग ने भवन की मूल मरम्मत करने की बजाय सिर्फ पुताई और डेंटिंग-पेंटिंग कर दी। बाहर से भवन को चमकाने की कोशिश जरूर की गई, लेकिन असली समस्या जस की तस बनी हुई है।
रंग-रोगन करने से खतरा कम नहीं होगा। दीवारों की सीलन, टूटी खिड़कियां और जर्जर छत की वजह से मरीज अब भी खतरे में हैं। - कम्मी कौशिक, स्थानीय निवासी
प्रशासन मीडिया और लोगों को दिखाने के लिए केवल लीपापोती कर रहा है, जबकि असल में स्थायी समाधान की जरूरत है। - मनीराम, स्थानीय निवासी
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संवाद न्यूज एजेंसी
तिगांव। फरीदपुर गांव के आयुष्मान भारत हेल्थ सेंटर की हालत काफी समय से खराब है। इसको लेकर कुछ दिन पूर्व समाचार पत्र में आयुष्मान भारत हेल्थ सेंटर की बिगड़ी हालत शीर्षक से खबर को प्राथमिकता से प्रकाशित किया गया था। इसमें फरीदपुर गांव के आयुष्मान भारत हेल्थ सेंटर के जर्जर भवन, सीलन, टूटी खिड़कियां और खराब शौचालय जैसी गंभीर समस्याओं की जानकारी दी गई थी।
प्रशासन ने समाचार पत्र की खबर को संज्ञान में लेते हुए सेंटर में काम तो करवाया लेकिन लोग केवल ऊपरी डेंटिंग पेंटिंग से खाना-पूर्ति करने का आरोप लगा रहे हैं। लोगों का कहना है कि सुविधाओं को भी दुरुस्त किया जाना चाहिए। स्वास्थ्य विभाग ने भवन की मूल मरम्मत करने की बजाय सिर्फ पुताई और डेंटिंग-पेंटिंग कर दी। बाहर से भवन को चमकाने की कोशिश जरूर की गई, लेकिन असली समस्या जस की तस बनी हुई है।
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रंग-रोगन करने से खतरा कम नहीं होगा। दीवारों की सीलन, टूटी खिड़कियां और जर्जर छत की वजह से मरीज अब भी खतरे में हैं। - कम्मी कौशिक, स्थानीय निवासी
प्रशासन मीडिया और लोगों को दिखाने के लिए केवल लीपापोती कर रहा है, जबकि असल में स्थायी समाधान की जरूरत है। - मनीराम, स्थानीय निवासी