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कर्मचारियों के अभाव में बढ़ रहे डेंगू के मरीज

Sun, 31 Oct 2021 11:12 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 31 Oct 2021 11:12 PM IST
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Dengue patients increasing due to lack of staff
फरीदाबाद। जिले में डेंगू के मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। पिछले तीन महीने में डेंगू के 228 और मलेरिया के नौ मरीजों की पहचान की गई है। इसका मुख्य कारण मलेरिया विभाग में फील्ड वर्कर, सुपरवाइजर और बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारियों का स्वीकृत पद से करीब 70 फीसदी कम होना माना जा रहा है। आरोप है कि इसके अभाव में कूलर, पानी की टंकी और अन्य जगहों पर पनप रहे डेंगू फैलाने वाले मच्छरों की रोकथाम नहीं हो सकी। डेंगू मलेरिया की रोकथाम के लिए मलेरिया विभाग की ओर से करीब एक लाख 95 हजार घरों का सर्वे किया गया है। इनमें से 40 हजार घरों में डेंगू मच्छर के लारवा मिले हैं। मलेरिया विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि घर के कूलर, पानी की टंकी और गमले में पहली बार लारवा मिले हैं, इसलिए उन्हें नोटिस भी दिया गया है। दूसरी बार लारवा मिलेगा तो न्यूनतम 500 रुपये का चलान किया जाएगा।
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क्षेत्रफल तीन गुना बढ़ा, कर्मचारी घटे
वर्ष 1979 में जिले को 39 स्कावॉयर यार्ड में बांटा गया था। इस दौरान मच्छरों की रोकथाम को प्रत्येक यार्ड के लिए तीन फील्ड स्टाफ और एक सुपरवाइजर हुआ करते थे। अब जिले का क्षेत्रफल तीन गुना बढ़ गया है, लेकिन कर्मचारियों की संख्या में लगातार कमी आ रही है। जिले में फील्ड वर्करों के 134 पद स्वीकृत हैं। इनमें से मात्र 37 कर्मचारी तैनात हैं। वही बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारियों के 39 पद स्वीकृत हैं इनमें से मात्र 25 कर्मचारी तैनात हैं। अवकाश प्राप्त कर्मचारियों की जगह नए कर्मचारियों को तैनात नहीं किया गया है। इससे लगातार कर्मचारियों की संख्या में कमी आ रही है।
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चार जोन में बांटा गया है फरीदाबाद
मच्छरों पर अंकुश लगाने के लिए जिले को ओल्ड फरीदाबाद, बल्लभगढ़ और दो एनआईटी यानी चार जोन में बांटा गया गया है। प्रत्येक जोन में 10-10 टीम तैनात करना है। जानकारी के अनुसार ओल्ड फरीदाबाद जोन में मात्र तीन, बल्लभगढ़ जोन में छह और एनआईटी जोन में छह-छह कर्मचारी तैनात हैं। ऐसे में मच्छरों की रोकथाम में दिक्कत आ रही हैं।
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डेंगू के सामान्य लक्षण
- ठंड लगने के साथ अचानक तेज बुखार चढ़ना
- मांसपेशियों तथा जोड़ों में दर्द
- आंखों के पिछले भाग में दर्द होना
- अत्यधिक कमजोरी लगना व भूख न लगना
- गले में दर्द होना
- शरीर पर लाल चकते होना
मलेरिया के सामान्य लक्षण
- अचानक बहुत ठंड लगना और तेज बुखार के साथ दांत बजना
- शरीर में जलन, सिर व बदन दर्द, फिर पसीना आकर बुखार उतरना
ऐसे करें डेंगू-मलेरिया से बचाव
- घर के अंदर और आसपास मच्छर न पनपने दें
- रुके हुए पानी में मच्छर पैदा होते हैं इसलिए पानी इकट्ठा न होने दें।
- कूलर, फूलदान, रेफ्रिजरेटर की ट्रे हफ्ते में एक बार पूरी तरह खाली व साफ करने के बाद सुखाकर इस्तेमाल करें
- घर में टूटे बर्तन, गमले, फूलदान, टायर, नारियल के खोल में भी पानी जमा न होने दें
- पानी की टंकियों को हमेशा ढंककर रखें।
- गड्ढों को ढककर रखें। नालियों में सफाई रखें और पानी रुकने न दें।
- जिस पानी को हटाना संभव न हो, वहां केरोसिन या मोबिल ऑयल डाल दें।
- शरीर का अधिक से अधिक हिस्सा ढक़ने वाले कपड़े पहनें।
मलेरिया विभाग में फील्ड वर्करों के 117 पद स्वीकृत हैं। इनसे अब मात्र 37 वर्कर ही काम कर रहे हैं। इनमें से भी कुछ फील्ड वर्कर को दूसरे विभाग में तैनात कर दिया गया है। इसके कारण डेंगू-मलेरिया की रोकथाम में दिक्कत आ रही है।
-डॉ. पीके अरोड़ा, बायोलॉजिस्ट, मलेरिया विभाग
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