फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Faridabad News ›   Demand for strict action on violation of RTE, letter written to the Chief Minister

Faridabad News: आरटीई का उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की मांग, मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

Sun, 31 Aug 2025 12:23 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 31 Aug 2025 12:23 AM IST
विज्ञापन
Demand for strict action on violation of RTE, letter written to the Chief Minister
- जिले के 28 स्कूलों की मान्यता रद्द करने की सिफारिश
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी

फरीदाबाद। शिक्षा का अधिकार (आरटीई) कानून के तहत गरीब बच्चों को दाखिला न देने वाले प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ विवाद गहराता जा रहा है। पहले जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) ने जिले के 28 स्कूलों की मान्यता रद्द करने की सिफारिश शिक्षा निदेशक को भेजी थी और अब ऑल इंडिया पैरेंट्स एसोसिएशन (आईपा) ने सीधे मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को पत्र लिखकर दोषी स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।


आईपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक अग्रवाल ने शुक्रवार को भेजे गए पत्र में कहा है कि फरीदाबाद के प्राइवेट स्कूल राष्ट्रीय कानून का घोर उल्लंघन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि डीईओ ने इस मामले को लेकर पहले भी शिक्षा निदेशक पंचकूला को दो पत्र लिखे, लेकिन स्कूलों की सशक्त लॉबी के दबाव में आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। अग्रवाल ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि जिन बच्चों का नाम इन स्कूलों की आरटीई सूची में आया है, उन्हें तुरंत दाखिला दिलाया जाए।
विज्ञापन




आईपा ने इसे गरीब बच्चों के संवैधानिक अधिकारों पर हमला बताया है। अग्रवाल का कहना है कि यह मामला केवल प्रवेश तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और समानता पर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने जल्द ही पीड़ित बच्चों के हित में ठोस कदम नहीं उठाए तो आईपा न्यायपालिका का दरवाजा खटखटाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन




आईपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता कैलाश शर्मा ने भी कहा कि संगठन इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं होती तो हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की जाएगी।


आरटीई कानून के तहत प्राइवेट स्कूलों को 25 प्रतिशत सीटें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और वंचित वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित करनी होती हैं। आईपा की शिकायत है कि कई स्कूल इन नियमों की अनदेखी कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed