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वृद्ध बेकरी संचालक की दो परिचतों ने हत्या की
Updated Sat, 27 Jan 2018 08:44 PM IST
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बेकरी संचालक के कत्ल में कहीं प्रॉपर्टी का विवाद तो नहीं
- 25 जनवरी को वृद्ध संचालक की पेट्रोल डाल की गई थी हत्या
- दो परिचितों ने घटना को दिया था अंजाम, मरने से पहले मृतक ने बयान में लिये थे दो नाम
- हत्यारोपी को पकड़ने में पुलिस के हाथ तीन दिन बाद भी खाली
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। एक वृद्ध बेकरी संचालक राकेश चड्ढा को उसके ही दो परिचितों ने पेट्रोल छिड़क कर आग के हवाले कर देने के मामले में तीन दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। हालांकि, हत्या के पीछे प्रॉपर्टी का विवाद बताया जा रहा है। गंभीर रूप से झुलसे बेकरी संचालक ने सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ने से पहले मृणाल और राकेश पर उसे आग के हवाले करने का बयान दर्ज कराया था। मृतक के एक बेटे का नाम भी मृणाल है इसलिए पुलिस सही हत्यारोपी तक पहुंचने के प्रयास में जुटी है।
घटना 25 जनवरी दोपहर बाद की है। 59 वर्षीय राकेश चड्ढा की सेक्टर 37 हाईवे स्थित डीएस डोर्स नाम से बेकरी है। वह इसी बेकरी की पहली मंजिल पर रहते थे। 25 जनवरी की दोपहर बाद दो युवक उनके कमरे पर पहुंचे। दोनों ने राकेश चड्ढा के शरीर पर पेट्रोल छिड़का और आग लगाकर फरार हो गए। उनके चीखने चिल्लाने की आवाज सुन आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें बचाया और सफदरजंग अस्पताल दिल्ली पहुंचाया। यहां इलाज के दौरान बुजुर्ग चड्ढा ने पुलिस को बयान दिया किया कि मृणाल और राकेश ने उन पर पेट्रोल छिड़क कर आग लगाई। पुलिस ने डाइंग डिक्लेरेशन के आधार पर मृणाल और राकेश के खिलाफ हत्या के प्रयास का केस नामजद किया, इस दौरान राकेश चड्ढा की मौत हो गई। तफ्तीश में पुलिस को पता चला कि राकेश चड्ढा ने दो विवाह किए थे। एक पत्नी ग्रीन फील्ड और दूसरी सेक्टर 28 में रहती है। उनके एक बेटे का नाम मृणाल है। हालांकि, हत्या के पीछे प्रॉपर्टी विवाद बताया जा रहा है। आरोप है कि मृणाल बेकरी की दुकान हड़पना चाहता है। वह पिता पर दुकान खाली करने का दबाव बनाने के लिए धमकाता था। मामले की जांच कर रहे सराय ख्वाजा थाने के एएसआई मुकेश कुमार ने बताया कि हत्या करने वाला मृतक राकेश का बेटा था या कोई दूसरा मृणाल, यह साफ नहीं हो सका है। मृतक ने कहीं भी अपने बयान में बेटे मृणाल की ओर संकेत नहीं किया है। हत्यारे मृणाल का पता लगाने के लिए तफ्तीश जारी है।
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- 25 जनवरी को वृद्ध संचालक की पेट्रोल डाल की गई थी हत्या
- दो परिचितों ने घटना को दिया था अंजाम, मरने से पहले मृतक ने बयान में लिये थे दो नाम
- हत्यारोपी को पकड़ने में पुलिस के हाथ तीन दिन बाद भी खाली
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। एक वृद्ध बेकरी संचालक राकेश चड्ढा को उसके ही दो परिचितों ने पेट्रोल छिड़क कर आग के हवाले कर देने के मामले में तीन दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। हालांकि, हत्या के पीछे प्रॉपर्टी का विवाद बताया जा रहा है। गंभीर रूप से झुलसे बेकरी संचालक ने सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ने से पहले मृणाल और राकेश पर उसे आग के हवाले करने का बयान दर्ज कराया था। मृतक के एक बेटे का नाम भी मृणाल है इसलिए पुलिस सही हत्यारोपी तक पहुंचने के प्रयास में जुटी है।
घटना 25 जनवरी दोपहर बाद की है। 59 वर्षीय राकेश चड्ढा की सेक्टर 37 हाईवे स्थित डीएस डोर्स नाम से बेकरी है। वह इसी बेकरी की पहली मंजिल पर रहते थे। 25 जनवरी की दोपहर बाद दो युवक उनके कमरे पर पहुंचे। दोनों ने राकेश चड्ढा के शरीर पर पेट्रोल छिड़का और आग लगाकर फरार हो गए। उनके चीखने चिल्लाने की आवाज सुन आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें बचाया और सफदरजंग अस्पताल दिल्ली पहुंचाया। यहां इलाज के दौरान बुजुर्ग चड्ढा ने पुलिस को बयान दिया किया कि मृणाल और राकेश ने उन पर पेट्रोल छिड़क कर आग लगाई। पुलिस ने डाइंग डिक्लेरेशन के आधार पर मृणाल और राकेश के खिलाफ हत्या के प्रयास का केस नामजद किया, इस दौरान राकेश चड्ढा की मौत हो गई। तफ्तीश में पुलिस को पता चला कि राकेश चड्ढा ने दो विवाह किए थे। एक पत्नी ग्रीन फील्ड और दूसरी सेक्टर 28 में रहती है। उनके एक बेटे का नाम मृणाल है। हालांकि, हत्या के पीछे प्रॉपर्टी विवाद बताया जा रहा है। आरोप है कि मृणाल बेकरी की दुकान हड़पना चाहता है। वह पिता पर दुकान खाली करने का दबाव बनाने के लिए धमकाता था। मामले की जांच कर रहे सराय ख्वाजा थाने के एएसआई मुकेश कुमार ने बताया कि हत्या करने वाला मृतक राकेश का बेटा था या कोई दूसरा मृणाल, यह साफ नहीं हो सका है। मृतक ने कहीं भी अपने बयान में बेटे मृणाल की ओर संकेत नहीं किया है। हत्यारे मृणाल का पता लगाने के लिए तफ्तीश जारी है।
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