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सुप्रीम कोर्ट की लताड़ के बाद दो महिला पुलिस अधिकारियों की विभागीय जांच के आदेश
Updated Fri, 03 Aug 2018 09:40 PM IST
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दुष्कर्म के आरोपी की गिरफ्तारी न होने पर दो महिला
पुलिस अधिकारियों की जांच के आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। पिछले वर्ष हुए दुष्कर्म के एक मामले में एक साल तक आरोपी की गिरफ्तारी न होने के मामले में सुप्रीम कोर्ट की लताड़ के बाद पुलिस आयुक्त अमिताभ सिंह ढिल्लो ने दो महिला पुलिस अधिकारियों की विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। जांच पुलिस उपायुक्त सेंट्रल लोकेंद्र सिंह को सौंपी गई है।
गत वर्ष 9 अप्रैल को दिल्ली निवासी पीड़ित महिला के साथ सेक्टर-21सी निवासी कारोबारी नरेंद्र वशिष्ठ ने नौकरी का झांसा देकर दुष्कर्म किया था। इस मामले में पीड़िता की शिकायत पर सेक्टर-16 महिला थाने में मामला दर्ज हुआ था। सुप्रीम कोर्ट में पीड़िता ने याचिका दाखिल कर कहा था कि एक वर्ष बाद भी पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस आयुक्त को तलब किया था। बृहस्पतिवार को सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए पुलिस आयुक्त अमिताभ सिंह ढिल्लो पर जांच में ढिलाई बरतने व आरोपी की गिरफ्तारी में देरी होने पर नाराजगी जताई थी।
सुप्रीम कोर्ट से लौटे पुलिस आयुक्त ने दोपहर में ही महिला थाना पुलिस अधिकारियों की बैठक बुलाई और उनसे जवाब तलब किया। बताया जा रहा है कि बैठक के दौरान ही उन्होंने एक वरिष्ठ महिला पुलिस अधिकारी सहित दो के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दे दिए हैं, जोकि डीसीपी लोकेंद्र सिंह करेंगे। संभावना है कि अगली तारीख से पहले जांच कर रिपोर्ट दे दी जाएगी ताकि उस रिपोर्ट को सुप्रीम कोर्ट में दिया जा सके। वहीं सुप्रीम कोर्ट में पेश होने का नोटिस मिलने के बाद ही पुलिस ने 29 जुलाई को आरोपी नरेंद्र वशिष्ठ को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने उसे अदालत में पेश कर जेल भेज दिया।
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पुलिस अधिकारियों की जांच के आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। पिछले वर्ष हुए दुष्कर्म के एक मामले में एक साल तक आरोपी की गिरफ्तारी न होने के मामले में सुप्रीम कोर्ट की लताड़ के बाद पुलिस आयुक्त अमिताभ सिंह ढिल्लो ने दो महिला पुलिस अधिकारियों की विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। जांच पुलिस उपायुक्त सेंट्रल लोकेंद्र सिंह को सौंपी गई है।
गत वर्ष 9 अप्रैल को दिल्ली निवासी पीड़ित महिला के साथ सेक्टर-21सी निवासी कारोबारी नरेंद्र वशिष्ठ ने नौकरी का झांसा देकर दुष्कर्म किया था। इस मामले में पीड़िता की शिकायत पर सेक्टर-16 महिला थाने में मामला दर्ज हुआ था। सुप्रीम कोर्ट में पीड़िता ने याचिका दाखिल कर कहा था कि एक वर्ष बाद भी पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस आयुक्त को तलब किया था। बृहस्पतिवार को सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए पुलिस आयुक्त अमिताभ सिंह ढिल्लो पर जांच में ढिलाई बरतने व आरोपी की गिरफ्तारी में देरी होने पर नाराजगी जताई थी।
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सुप्रीम कोर्ट से लौटे पुलिस आयुक्त ने दोपहर में ही महिला थाना पुलिस अधिकारियों की बैठक बुलाई और उनसे जवाब तलब किया। बताया जा रहा है कि बैठक के दौरान ही उन्होंने एक वरिष्ठ महिला पुलिस अधिकारी सहित दो के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दे दिए हैं, जोकि डीसीपी लोकेंद्र सिंह करेंगे। संभावना है कि अगली तारीख से पहले जांच कर रिपोर्ट दे दी जाएगी ताकि उस रिपोर्ट को सुप्रीम कोर्ट में दिया जा सके। वहीं सुप्रीम कोर्ट में पेश होने का नोटिस मिलने के बाद ही पुलिस ने 29 जुलाई को आरोपी नरेंद्र वशिष्ठ को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने उसे अदालत में पेश कर जेल भेज दिया।
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