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Faridabad News: सीएम ने दिया किसान को मुआवजा देने का आदेश
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फरीदाबाद। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की लापरवाही के कारण किसान की दस एकड़ फसल बर्बाद हो गई। बुधवार को मामला सीएम के दरबार पहुंचा। किसान ने एनएचएआई को जिम्मेदार बताते हुए मुआवजे की मांग रखी। सीएम ने मुआवजा राशि को निर्धारित कर राज्य आपदा प्रतिक्रिया निधि (एसडीआरएफ) से किसान को मुआवजा देने का आदेश दिया है।
सेक्टर-12 एचएसवीपी कन्वेंशन में आयोजित जिला लोक सम्पर्क एवं परिवाद समिति की बैठक में किसान दीप किशोर ने अपनी फसल की बर्बादी के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को दोषी मानते हुए मुआवजा राशि दिए जाने की मांग की। दीप किशोर ने अपनी शिकायत में बताया कि गांव मोहला में वह करीब 130 कनाल जमीन पर खेतीबाड़ी का काम करता है। जिसमें से उसने 8 एकड़ जमीन पर आलू एवं 2.5 एकड़ में गेहूं की फसल बोई थी। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने खेतों के पास बनाए गए रजवाहे को अंडरपास बनाने के चक्कर में तोड़ दिया। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने नाला तो बना दिया, लेकिन रजवाहे को कच्चा छोड़ दिया गया। सिंचाई विभाग ने जब नहर में पानी छोड़ा तो दीप किशोर के खेतों में पानी भर गया और उसकी फसल बर्बाद हो गई।
दीप किशोर ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को इसके लिए जिम्मेदार ठहराते हुए सीएम से शिकायत की। मुख्यमंत्री ने परिवादी की शिकायत सुनने के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को जिम्मेदार माना। उन्होंने जिला उपायुक्त को दीप किशोर की बर्बाद हुई फसल का आकलन करवाकर राज्य आपदा प्रतिक्रिया निधि से मुआवजा राशि भुगतान करने का आदेश जारी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार किसी भी सूरत में किसानों की फसल बर्बाद होने पर मुआवजा राशि का भुगतान करती आई है। वजह, चाहे कुछ भी हो किसानों का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।
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सेक्टर-12 एचएसवीपी कन्वेंशन में आयोजित जिला लोक सम्पर्क एवं परिवाद समिति की बैठक में किसान दीप किशोर ने अपनी फसल की बर्बादी के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को दोषी मानते हुए मुआवजा राशि दिए जाने की मांग की। दीप किशोर ने अपनी शिकायत में बताया कि गांव मोहला में वह करीब 130 कनाल जमीन पर खेतीबाड़ी का काम करता है। जिसमें से उसने 8 एकड़ जमीन पर आलू एवं 2.5 एकड़ में गेहूं की फसल बोई थी। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने खेतों के पास बनाए गए रजवाहे को अंडरपास बनाने के चक्कर में तोड़ दिया। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने नाला तो बना दिया, लेकिन रजवाहे को कच्चा छोड़ दिया गया। सिंचाई विभाग ने जब नहर में पानी छोड़ा तो दीप किशोर के खेतों में पानी भर गया और उसकी फसल बर्बाद हो गई।
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दीप किशोर ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को इसके लिए जिम्मेदार ठहराते हुए सीएम से शिकायत की। मुख्यमंत्री ने परिवादी की शिकायत सुनने के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को जिम्मेदार माना। उन्होंने जिला उपायुक्त को दीप किशोर की बर्बाद हुई फसल का आकलन करवाकर राज्य आपदा प्रतिक्रिया निधि से मुआवजा राशि भुगतान करने का आदेश जारी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार किसी भी सूरत में किसानों की फसल बर्बाद होने पर मुआवजा राशि का भुगतान करती आई है। वजह, चाहे कुछ भी हो किसानों का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।
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