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Faridabad News: आठ घंटे होटल में रुकने का दावा, रिकॉर्ड में केवल 30 मिनट
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-पीड़िता के बयान और होटल रिकॉर्ड में विरोधाभास होने पर फास्ट ट्रैक कोर्ट ने युवक को किया दोषमुक्त
सचिन कुमार
फरीदाबाद। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दुष्कर्म, धमकी और जातिसूचक टिप्पणी के मामले में युवक को दोषमुक्त कर दिया। कोर्ट ने आदेश में कहा कि युवती ने होटल में दोपहर से रात तक दुष्कर्म होने का आरोप लगाया, जबकि होटल रिकॉर्ड में दोनों के केवल 30 मिनट तक रुकने की पुष्टि हुई। इसके अलावा पीड़िता के अलग-अलग चरणों में दिए गए बयान एक-दूसरे से मेल नहीं खाते, मेडिकल और अन्य साक्ष्य भी आरोपों की पुष्टि नहीं करते हैं।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पुरुषोत्तम कुमार की कोर्ट ने थाना सेंट्रल फरीदाबाद में दर्ज 2018 के मामले में सुमित को सभी आरोपों से दोषमुक्त करार कर दिया। कोर्ट ने 19 मई को सुनाए फैसले में कहा कि युवती ने पुलिस शिकायत, मजिस्ट्रेट के सामने दिए बयान और कोर्ट में दी गई गवाही में अलग-अलग घटनाओं को अलग तरीके से बताया। कोर्ट ने माना कि बयान लगातार बदलते रहे, जिससे गवाही भरोसेमंद नहीं रही। कोर्ट ने यह भी कहा कि युवती ने तीन नवंबर 2017 की घटना में पहले होटल में कई घंटे तक दुष्कर्म होने की बात कही, जबकि होटल रिकॉर्ड के अनुसार दोनों केवल करीब 30 मिनट तक ही होटल में रुके थे।
कोर्ट ने यह भी माना कि युवती ने घटना के बाद न तो होटल स्टाफ को शिकायत दी और न ही पुलिस को जानकारी दी। मेडिकल जांच में भी किसी प्रकार की चोट नहीं मिली और न ही कोई ऐसा वैज्ञानिक या फोरेंसिक साक्ष्य मिला जिससे जबरन दुष्कर्म की पुष्टि हो सके। कोर्ट ने कहा कि युवक के मोबाइल से कोई आपत्तिजनक वीडियो या फोटो भी बरामद नहीं हुआ, जबकि युवती ने वीडियो वायरल करने की धमकी देने का आरोप लगाया था।
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फैसले में कोर्ट ने यह भी कहा कि रिकॉर्ड से दोनों के बीच लंबे समय तक संबंध बने रहने की बात सामने आई और यह साबित नहीं हो सका कि युवक ने शुरू से ही झूठा विवाह का झांसा देकर संबंध बनाए थे। इसी आधार पर कोर्ट ने युवक को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।
तीन युवक पहले ही हुए थे दोषमुक्त घोषित
जांच के दौरान आरोपी बनाए गए देव, सचिन और पप्पू को पुलिस ने पहले ही निर्दोष मान लिया था। बाद में अदालत में उनके खिलाफ कोई अतिरिक्त कार्रवाई नहीं हुई। युवती के द्वारा अपनी शिकायत में बनाए मुख्य आरोपी सुमित को भी कोर्ट ने संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। बता दें कि एफआईआर में महिला ने आरोप लगाया था कि सुमित ने 20 जून 2017 को शादी का वादा किया। इसके बाद तीन नवंबर 2017 को उसे ओल्ड फरीदाबाद के एक होटल में ले गया, जहां दोपहर 12 बजे से रात 8 बजे तक कई बार दुष्कर्म किया। एफआईआर में यह भी आरोप लगाया गया कि छह जनवरी 2018 को सुमित अपने साथियों देव, सचिन और पप्पू के साथ कार में युवती को बैठाकर ले गया, जहां सुमित और उसके साथी ने दुष्कर्म किया व अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी दी।
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सचिन कुमार
फरीदाबाद। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दुष्कर्म, धमकी और जातिसूचक टिप्पणी के मामले में युवक को दोषमुक्त कर दिया। कोर्ट ने आदेश में कहा कि युवती ने होटल में दोपहर से रात तक दुष्कर्म होने का आरोप लगाया, जबकि होटल रिकॉर्ड में दोनों के केवल 30 मिनट तक रुकने की पुष्टि हुई। इसके अलावा पीड़िता के अलग-अलग चरणों में दिए गए बयान एक-दूसरे से मेल नहीं खाते, मेडिकल और अन्य साक्ष्य भी आरोपों की पुष्टि नहीं करते हैं।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पुरुषोत्तम कुमार की कोर्ट ने थाना सेंट्रल फरीदाबाद में दर्ज 2018 के मामले में सुमित को सभी आरोपों से दोषमुक्त करार कर दिया। कोर्ट ने 19 मई को सुनाए फैसले में कहा कि युवती ने पुलिस शिकायत, मजिस्ट्रेट के सामने दिए बयान और कोर्ट में दी गई गवाही में अलग-अलग घटनाओं को अलग तरीके से बताया। कोर्ट ने माना कि बयान लगातार बदलते रहे, जिससे गवाही भरोसेमंद नहीं रही। कोर्ट ने यह भी कहा कि युवती ने तीन नवंबर 2017 की घटना में पहले होटल में कई घंटे तक दुष्कर्म होने की बात कही, जबकि होटल रिकॉर्ड के अनुसार दोनों केवल करीब 30 मिनट तक ही होटल में रुके थे।
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कोर्ट ने यह भी माना कि युवती ने घटना के बाद न तो होटल स्टाफ को शिकायत दी और न ही पुलिस को जानकारी दी। मेडिकल जांच में भी किसी प्रकार की चोट नहीं मिली और न ही कोई ऐसा वैज्ञानिक या फोरेंसिक साक्ष्य मिला जिससे जबरन दुष्कर्म की पुष्टि हो सके। कोर्ट ने कहा कि युवक के मोबाइल से कोई आपत्तिजनक वीडियो या फोटो भी बरामद नहीं हुआ, जबकि युवती ने वीडियो वायरल करने की धमकी देने का आरोप लगाया था।
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फैसले में कोर्ट ने यह भी कहा कि रिकॉर्ड से दोनों के बीच लंबे समय तक संबंध बने रहने की बात सामने आई और यह साबित नहीं हो सका कि युवक ने शुरू से ही झूठा विवाह का झांसा देकर संबंध बनाए थे। इसी आधार पर कोर्ट ने युवक को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।
तीन युवक पहले ही हुए थे दोषमुक्त घोषित
जांच के दौरान आरोपी बनाए गए देव, सचिन और पप्पू को पुलिस ने पहले ही निर्दोष मान लिया था। बाद में अदालत में उनके खिलाफ कोई अतिरिक्त कार्रवाई नहीं हुई। युवती के द्वारा अपनी शिकायत में बनाए मुख्य आरोपी सुमित को भी कोर्ट ने संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। बता दें कि एफआईआर में महिला ने आरोप लगाया था कि सुमित ने 20 जून 2017 को शादी का वादा किया। इसके बाद तीन नवंबर 2017 को उसे ओल्ड फरीदाबाद के एक होटल में ले गया, जहां दोपहर 12 बजे से रात 8 बजे तक कई बार दुष्कर्म किया। एफआईआर में यह भी आरोप लगाया गया कि छह जनवरी 2018 को सुमित अपने साथियों देव, सचिन और पप्पू के साथ कार में युवती को बैठाकर ले गया, जहां सुमित और उसके साथी ने दुष्कर्म किया व अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी दी।