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Faridabad News: शहर के युवक की महाकुंभ भगदड़ में गई जान
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एक साल के बेटे ने दी मुखाग्नि, मौनी अमावस्या पर स्नान करने के लिए 28-29 जनवरी की रात संगम तट पर परिवार के था मौजूद
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। संजय कॉलोनी से अयोध्या के बाद कुंभ पहुंचे परिवार के सदस्य 34 साल के अमित की वहां मची भगदड़ में गंभीर रूप से घायल होने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। अमित का शव बृहस्पतिवार को संजय कॉलोनी स्थित घर पहुंचा। जहां एक साल के बेटे रुद्राक्ष ने चिता को मुखाग्नि दी।
संजय कॉलोनी निवासी अमित 25 जनवरी की दोपहर महाकुंभ के लिए निकले। उनके साथ पत्नी पूजा (27) मां सरिता (62) उनके चार बच्चे काव्या (6), नित्या (4), मन्नत (3), बेटा रुद्राक्ष (1) और मौसी की बेटी मुनीषा थी। अमित के बेटे का 27 जनवरी को पहला जन्मदिन था। उस दिन अयोध्या में राम मंदिर और हनुमान गढ़ी में दर्शन पूजन किया।
सभी मौनी अमावस्या पर स्नान करने के लिए 28-29 जनवरी की रात महाकुंभ में संगम के तट पर पहुंचे थे। जहां स्नान से पहले तट पर बैठकर आराम करने लगे। अमित नहाने की जगह देखने के लिए गए। इसी दौरान कुछ लोगों ने कहा कि नागा साधु स्नान के लिए आ रहे हैं। तो पूजा, सरिता और मुनीषा बच्चों को लेकर दूर चले गए। लेकिन सरिता दोबारा अमित के इंतजार में वहां आ गईं।
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इसी दौरान संगम तट पर भगदड़ मच गई। सभी बिछड़ गए। उसके बाद सरिता ने किसी तरह से अमित को तलाश किया। प्रशासन की मदद से नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचीं। जहां से अमित को हॉयर सेंटर रेफर कर दिया गया। जहां दूसरे अस्पताल में आईसीयू फुल होने के कारण अमित को मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों ने अमित को मृत घोषित कर दिया। वहीं पूजा और मुनीषा अमित और पूजा की खोज में थे। बुधवार सुबह सरिता ने पुलिसकर्मी के फोन से पूजा को घटना की सूचना दी। उसके बाद प्रशासन सभी को मोती लाल नेहरू अस्पताल लाया। जहां से अमित के शव और अन्य सभी को बुधवार शाम को फरीदाबाद भेजा।
बृहस्पतिवार को संजय कॉलोनी पहुंचा शव
अमित का शव बृहस्पतिवार को संजय कॉलोनी स्थित घर पहुंचा। जहां कुछ देर शव को घर पर रखने के बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया। अमित की चिता को मुखाग्नि एक साल के बेटे रुद्राक्ष ने दी। अमित 2016 में मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस (एमईएस) में कार्यरत थे। उनकी पोस्टिंग दिल्ली कैंट में लिफ्ट मैकेनिक के पद पर हो गई थी।
परिवार का एक मात्र सहारा थे अमित
अमित अपने परिवार का एकमात्र सहारा थे। उनके पिता का निधन 2012 हो चुका है। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद के बगई गांव के रहने वाले थे। पिछले 40 साल से अपने परिवार के साथ फरीदाबाद की संजय कॉलोनी में रहते थे। अमित की शादी 2017 में पूजा से हुई। अमित के परिवार में बुजुर्ग माता सरिता (62), पत्नी पूजा (27) और अमित के चार बच्चे बेटी काव्या (6), नित्या (4), मन्नत (3), बेटा रुद्राक्ष (1) शामिल हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। संजय कॉलोनी से अयोध्या के बाद कुंभ पहुंचे परिवार के सदस्य 34 साल के अमित की वहां मची भगदड़ में गंभीर रूप से घायल होने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। अमित का शव बृहस्पतिवार को संजय कॉलोनी स्थित घर पहुंचा। जहां एक साल के बेटे रुद्राक्ष ने चिता को मुखाग्नि दी।
संजय कॉलोनी निवासी अमित 25 जनवरी की दोपहर महाकुंभ के लिए निकले। उनके साथ पत्नी पूजा (27) मां सरिता (62) उनके चार बच्चे काव्या (6), नित्या (4), मन्नत (3), बेटा रुद्राक्ष (1) और मौसी की बेटी मुनीषा थी। अमित के बेटे का 27 जनवरी को पहला जन्मदिन था। उस दिन अयोध्या में राम मंदिर और हनुमान गढ़ी में दर्शन पूजन किया।
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सभी मौनी अमावस्या पर स्नान करने के लिए 28-29 जनवरी की रात महाकुंभ में संगम के तट पर पहुंचे थे। जहां स्नान से पहले तट पर बैठकर आराम करने लगे। अमित नहाने की जगह देखने के लिए गए। इसी दौरान कुछ लोगों ने कहा कि नागा साधु स्नान के लिए आ रहे हैं। तो पूजा, सरिता और मुनीषा बच्चों को लेकर दूर चले गए। लेकिन सरिता दोबारा अमित के इंतजार में वहां आ गईं।
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इसी दौरान संगम तट पर भगदड़ मच गई। सभी बिछड़ गए। उसके बाद सरिता ने किसी तरह से अमित को तलाश किया। प्रशासन की मदद से नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचीं। जहां से अमित को हॉयर सेंटर रेफर कर दिया गया। जहां दूसरे अस्पताल में आईसीयू फुल होने के कारण अमित को मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों ने अमित को मृत घोषित कर दिया। वहीं पूजा और मुनीषा अमित और पूजा की खोज में थे। बुधवार सुबह सरिता ने पुलिसकर्मी के फोन से पूजा को घटना की सूचना दी। उसके बाद प्रशासन सभी को मोती लाल नेहरू अस्पताल लाया। जहां से अमित के शव और अन्य सभी को बुधवार शाम को फरीदाबाद भेजा।
बृहस्पतिवार को संजय कॉलोनी पहुंचा शव
अमित का शव बृहस्पतिवार को संजय कॉलोनी स्थित घर पहुंचा। जहां कुछ देर शव को घर पर रखने के बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया। अमित की चिता को मुखाग्नि एक साल के बेटे रुद्राक्ष ने दी। अमित 2016 में मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस (एमईएस) में कार्यरत थे। उनकी पोस्टिंग दिल्ली कैंट में लिफ्ट मैकेनिक के पद पर हो गई थी।
परिवार का एक मात्र सहारा थे अमित
अमित अपने परिवार का एकमात्र सहारा थे। उनके पिता का निधन 2012 हो चुका है। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद के बगई गांव के रहने वाले थे। पिछले 40 साल से अपने परिवार के साथ फरीदाबाद की संजय कॉलोनी में रहते थे। अमित की शादी 2017 में पूजा से हुई। अमित के परिवार में बुजुर्ग माता सरिता (62), पत्नी पूजा (27) और अमित के चार बच्चे बेटी काव्या (6), नित्या (4), मन्नत (3), बेटा रुद्राक्ष (1) शामिल हैं।