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Faridabad News: सर्दी, खांसी, जुकाम के साथ बच्चों को सांस लेने में हो रही तकलीफ
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बच्चों की सेहत पर पड़ रहा बदलते मौसम का असर, जिला अस्पताल में रोजाना पहुंच रहे 250 मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। बारिश के मौसम में लगातार बदलते तापमान और बढ़ती उमस का असर अब बच्चों की सेहत पर भी दिखाई देने लगा है। जिला नागरिक अस्पताल में इन दिनों सांस संबंधी परेशानी से पीड़ित शिशु मरीजों की संख्या में इजाफा देखने को मिल रहा है। बच्चों में सर्दी, खांसी, जुकाम के साथ सांस लेने में तकलीफ की शिकायतें भी सामने आ रही हैं।
पिछले महीने जहां जिला नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन करीब 100 से 150 बच्चे सांस संबंधी परेशानी और मौसमी संक्रमण के इलाज के लिए पहुंच रहे थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर करीब 200 से 250 तक पहुंच गई है। हालांकि, इन दिनों अस्पताल की ओपीडी में पहले की तुलना में मरीजों की कुल संख्या में गिरावट भी दर्ज की जा रही है, लेकिन बच्चों में सांस संबंधी समस्या के मामले बढ़ रहे हैं।
चिकित्सकों का कहना है कि बारिश के दौरान वातावरण में नमी बढ़ने और तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव होने से बच्चों को वायरल संक्रमण और सांस संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। खासकर छोटे बच्चों में सर्दी, खांसी और जुकाम के साथ सांस लेने में परेशानी होने की संभावना अधिक रहती है। ऐसे में अभिभावकों को बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
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मौसम बदलने के बाद बच्चे को सर्दी और खांसी की शिकायत होने लगी थी। कुछ दिनों से उसकी तबीयत ठीक नहीं थी और सांस लेने में भी परेशानी हो रही थी। इसलिए बच्चे को इलाज के लिए जिला नागरिक अस्पताल लेकर आई हूं।-दीपा, संजय कॉलोनी
बच्चे को पिछले कुछ दिनों से खांसी और जुकाम की समस्या थी। घर पर दवा देने के बाद भी आराम नहीं मिला तो डॉक्टर को दिखाने के लिए अस्पताल लेकर आई हूं। बारिश के बाद मौसम में बदलाव से बच्चों की तबीयत जल्दी खराब हो रही है।-रंजना, एसी नगर
बारिश के मौसम में तापमान में बदलाव और वातावरण में नमी बढ़ने के कारण बच्चों में वायरल संक्रमण, सर्दी, खांसी और जुकाम की समस्या बढ़ी है। छोटे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण उनमें सांस संबंधी परेशानी देखने को मिल रही है। यदि बच्चे को सांस लेने में परेशानी, तेज बुखार या लगातार खांसी हो तो समय पर चिकित्सक से जांच करवानी चाहिए।-डॉ. विकास गोयल, वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। बारिश के मौसम में लगातार बदलते तापमान और बढ़ती उमस का असर अब बच्चों की सेहत पर भी दिखाई देने लगा है। जिला नागरिक अस्पताल में इन दिनों सांस संबंधी परेशानी से पीड़ित शिशु मरीजों की संख्या में इजाफा देखने को मिल रहा है। बच्चों में सर्दी, खांसी, जुकाम के साथ सांस लेने में तकलीफ की शिकायतें भी सामने आ रही हैं।
पिछले महीने जहां जिला नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन करीब 100 से 150 बच्चे सांस संबंधी परेशानी और मौसमी संक्रमण के इलाज के लिए पहुंच रहे थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर करीब 200 से 250 तक पहुंच गई है। हालांकि, इन दिनों अस्पताल की ओपीडी में पहले की तुलना में मरीजों की कुल संख्या में गिरावट भी दर्ज की जा रही है, लेकिन बच्चों में सांस संबंधी समस्या के मामले बढ़ रहे हैं।
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चिकित्सकों का कहना है कि बारिश के दौरान वातावरण में नमी बढ़ने और तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव होने से बच्चों को वायरल संक्रमण और सांस संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। खासकर छोटे बच्चों में सर्दी, खांसी और जुकाम के साथ सांस लेने में परेशानी होने की संभावना अधिक रहती है। ऐसे में अभिभावकों को बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
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मौसम बदलने के बाद बच्चे को सर्दी और खांसी की शिकायत होने लगी थी। कुछ दिनों से उसकी तबीयत ठीक नहीं थी और सांस लेने में भी परेशानी हो रही थी। इसलिए बच्चे को इलाज के लिए जिला नागरिक अस्पताल लेकर आई हूं।-दीपा, संजय कॉलोनी
बच्चे को पिछले कुछ दिनों से खांसी और जुकाम की समस्या थी। घर पर दवा देने के बाद भी आराम नहीं मिला तो डॉक्टर को दिखाने के लिए अस्पताल लेकर आई हूं। बारिश के बाद मौसम में बदलाव से बच्चों की तबीयत जल्दी खराब हो रही है।-रंजना, एसी नगर
बारिश के मौसम में तापमान में बदलाव और वातावरण में नमी बढ़ने के कारण बच्चों में वायरल संक्रमण, सर्दी, खांसी और जुकाम की समस्या बढ़ी है। छोटे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण उनमें सांस संबंधी परेशानी देखने को मिल रही है। यदि बच्चे को सांस लेने में परेशानी, तेज बुखार या लगातार खांसी हो तो समय पर चिकित्सक से जांच करवानी चाहिए।-डॉ. विकास गोयल, वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ