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Faridabad News: तत्कालीन नायब तहसीलदार सहित 29 के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल
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-यमुना खादर में शामलात देह भूमि घोटाले में राज्य सतर्कता ब्यूरो ने की कार्रवाई
-32 एकड़ भूमि की फर्जी तरीके से की गई थी रजिस्ट्री
संवाद न्यूज एजेंसी
होडल। क्षेत्र के यमुना खादर के गांव (लहरपुर) वली मोहम्मदपुर की शामलात देह की कृषि योग्य लगभग 32 एकड़ भूमि को स्थानीय लोगों की मदद से फर्जी तरीके से रजिस्ट्री करने के मामले राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो टीम ने तत्कालीन नायब तहसीलदार, कानूगो, पटवारी और रजिस्ट्री कर्लक सहित 29 आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया है। टीम खादर के गांव फाटनगर, सतुआ गढ़ी सहित अतवा गांवों में जमीन घोटाले के पांच अन्य मामलों में भी जल्द आरोप पत्र दाखिल करेगी।
गौरतलब है कि गांव वली मोहम्मदपुर(लहरपुर) में युमना खादर में गांव की शामलात कृषि योग्य लगभग 32 एकड़ जमीन को गांव के दो दर्जन लोगों ने तत्कालीन नायब तहसीलदार नरेश जोवल, हल्का कानूगो बिजेंद्र सिंह, हल्का पटवारी ताराचंद के अलावा रजिस्ट्री क्लर्क भगवान सिंह ने अवैध रूप से बिक्री कर बैनामा कर दिया। इस मामले में स्थानीय लोगों ने हरियाणा एवं पंजाब उच्च न्यायालय चंडीगढ़ में जांच की गुहार लगाई। उच्च न्यायालय ने दोनों पक्षों की सुनवाई करने के बाद मामले की जांच एंटी करप्शन ब्यूरो टीम को सौंप दी। इस मामले जांच अधिकारी बिजेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि उच्च न्यायालय के आदेश के बाद टीम के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल यादव ने निष्पक्षता से जांच करने के बाद गांव के 25 नामजद आरोपियों का अलावा नायब तहसीलदार, हल्का कानूगो सहित पटवारी व रजिस्ट्री क्लर्क को दोषी मानते हुए केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
चार वर्ष चली जांच के बाद टीम ने अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश तैयब हुसैन की अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। इस मामले में टीम ने खुलासा करते हुए कहा कि इन सरकारी अधिकारी और कर्मचारियों ने ग्रामीणों के साथ मिली भगत कर गांव की 253 कनाल 15 मरले जमीन को अवैध रूप से बेचने व सरकार के राजस्व को नुकसान पहुंचाने के अलावा अनैतिक लाभ लिया हैं। जांच अधिकारी ने कहा कि इस जमीन घोटाले के अलावा यमुना नदी के खादर के गांव फाटनगर, सतुआ गढ़ी सहित अतवा गांवों में जमीन घोटाले के पांच अन्य मामलों में भी जल्द आरोप पत्र अदालत में जमा करवाएगी। उन्होंने कहा कि गांव लहरपुर के केस की जांच के दौरान लगभग 15 आरोपियों की मौत हो चुकी है।
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-32 एकड़ भूमि की फर्जी तरीके से की गई थी रजिस्ट्री
संवाद न्यूज एजेंसी
होडल। क्षेत्र के यमुना खादर के गांव (लहरपुर) वली मोहम्मदपुर की शामलात देह की कृषि योग्य लगभग 32 एकड़ भूमि को स्थानीय लोगों की मदद से फर्जी तरीके से रजिस्ट्री करने के मामले राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो टीम ने तत्कालीन नायब तहसीलदार, कानूगो, पटवारी और रजिस्ट्री कर्लक सहित 29 आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया है। टीम खादर के गांव फाटनगर, सतुआ गढ़ी सहित अतवा गांवों में जमीन घोटाले के पांच अन्य मामलों में भी जल्द आरोप पत्र दाखिल करेगी।
गौरतलब है कि गांव वली मोहम्मदपुर(लहरपुर) में युमना खादर में गांव की शामलात कृषि योग्य लगभग 32 एकड़ जमीन को गांव के दो दर्जन लोगों ने तत्कालीन नायब तहसीलदार नरेश जोवल, हल्का कानूगो बिजेंद्र सिंह, हल्का पटवारी ताराचंद के अलावा रजिस्ट्री क्लर्क भगवान सिंह ने अवैध रूप से बिक्री कर बैनामा कर दिया। इस मामले में स्थानीय लोगों ने हरियाणा एवं पंजाब उच्च न्यायालय चंडीगढ़ में जांच की गुहार लगाई। उच्च न्यायालय ने दोनों पक्षों की सुनवाई करने के बाद मामले की जांच एंटी करप्शन ब्यूरो टीम को सौंप दी। इस मामले जांच अधिकारी बिजेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि उच्च न्यायालय के आदेश के बाद टीम के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल यादव ने निष्पक्षता से जांच करने के बाद गांव के 25 नामजद आरोपियों का अलावा नायब तहसीलदार, हल्का कानूगो सहित पटवारी व रजिस्ट्री क्लर्क को दोषी मानते हुए केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
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चार वर्ष चली जांच के बाद टीम ने अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश तैयब हुसैन की अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। इस मामले में टीम ने खुलासा करते हुए कहा कि इन सरकारी अधिकारी और कर्मचारियों ने ग्रामीणों के साथ मिली भगत कर गांव की 253 कनाल 15 मरले जमीन को अवैध रूप से बेचने व सरकार के राजस्व को नुकसान पहुंचाने के अलावा अनैतिक लाभ लिया हैं। जांच अधिकारी ने कहा कि इस जमीन घोटाले के अलावा यमुना नदी के खादर के गांव फाटनगर, सतुआ गढ़ी सहित अतवा गांवों में जमीन घोटाले के पांच अन्य मामलों में भी जल्द आरोप पत्र अदालत में जमा करवाएगी। उन्होंने कहा कि गांव लहरपुर के केस की जांच के दौरान लगभग 15 आरोपियों की मौत हो चुकी है।
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