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Faridabad News: प्रत्याशी खेल रहे आखिरी दांव, घर-घर जाकर मांग रहे वोट
Wed, 25 Sep 2024 11:02 PM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
Updated Wed, 25 Sep 2024 11:02 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। विधानसभा चुनावों में प्रचार के लिए अब 10 दिन से भी कम समय बचा है, ऐसे में प्रत्याशियों ने नुक्कड़ सभाओं और डोर-टू-डोर प्रचार के लिए अपनी ताकत झाेंक दी है। घर-घर पहुंचकर प्रत्याशी बुजुर्गों को ताऊ की उपाधि देकर वोट मांग रहे हैं तो बूढ़ी अम्मा को बेटे जैसा होने का वास्ता देकर विधायक बनवाने की दुहाई मांग रहे हैं। नुक्कड़ सभाओं में पुरुष जहां स्वयं को क्षेत्र का बेटा बताकर वोट मांग रहे हैं तो महिला प्रत्याशी क्षेत्र की बेटी और बहू बनकर मतदान करने का आग्रह कर रही हैं। कोई क्षेत्र का भाई और कोई क्षेत्र का बेटा बनकर चंडीगढ़ विधानसभा तक पहुंचाने की गुजारिश में लगा है।
जिले की छह विधानसभाओं में कड़ी टक्कर देने वाले तीन से चार प्रत्याशी जीत की उम्मीद में इस प्रचार की दौड़ में एक-दूसरे को पछाड़ने में लगे हैं। विशेषकर सभी विधानसभाओं में कांग्रेस, भाजपा, इनेलो-बसपा, जजपा और आप पार्टी के अलावा कुछ निर्दलीय प्रत्याशी प्रतिदिन छह से 8 नुक्कड़ सभाएं कर रहे हैं। फरीदाबाद लोकसभा के अंतर्गत 9 विधानसभा सीटें हैं। लोकसभा चुनाव की अपेक्षा विधानसभाओं में कमोवेश काफी कम क्षेत्र होने के चलते नुक्कड़ सभाओं और घर-घर जाकर वोट मांगना प्रत्याशियों के लिए संभव हो रहा है। ऐसे में प्रत्याशी सुबह से लेकर देर रात तक वोट मांगने निकल रहे हैं।
4 दिन बढ़ा चुनाव तो प्रचार के लिए मिला अधिक समय
5 अक्तूबर को विधानसभा चुनाव में मतदान के लिए जिले की छह विधानसभाओं में कुल चार से पांच बड़ी पार्टियों के करीब 15 से 20 प्रत्याशी हैं। साथ ही टिकट न मिलने से नाराज होकर निर्दलीय ही चुनाव मैदान में 5 से 8 कद्दावर निर्दलीय प्रत्याशियों ने चुनावी ताल ठोंक रखी है। पूर्व में 1 अक्तूबर को चुनाव होना था लेकिन बाद में निर्वाचन आयोग ने 4 दिन इसका समय बढ़ा दिया गया। बड़ी पार्टियों की सीट घोषित होने के करीब 20 से 25 दिनों का समय प्रचार के लिए प्रत्याशियों को मिल गया है। ऐसे में प्रत्याशी और पार्टियां घर-घर जाकर और नुक्कड़ सभाएं कर प्रचार में लगी हैं।
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प्रत्याशी ही नहीं पार्टी के नेता भी प्रचार में लगे
भाजपा और कांग्रेस जैसी बड़ी पार्टियों के प्रत्याशी तो चुनावी मैदान में हैं। साथ ही इनके पार्टी संगठन के नेता भी प्रचार के लिए जा रहे हैं। भाजपा से जिलाध्यक्ष राजकुमार वोहरा और अन्य नेता स्वयं बाजारों और डोर-टू-डोर प्रचार में लगे हैं। वहीं, कांग्रेस से स्थानीय और प्रदेश संगठन स्तर के नेता विधानसभाओं में प्रचार कर रहे हैं।
डोर-टू-डोर प्रचार में लगीं प्रत्याशियों की पत्नियां, भाई और बच्चे
एक ओर पार्टियां तो अपने प्रत्याशी के लिए नुक्कड़ सभाएं और डोर-टू-डोर प्रचार कर रही हैं। इसके अलावा परिवार और रिश्तेदारों की फौज चुनाव मैदान में प्रचार के लिए उतरी हैं। परिजन घर-घर जाकर प्रत्याशी के लिए वोट मांग रहे हैं। महिलाओं को महिलाओं से मिलने का जिम्मा दिया गया है। साथ ही पुरुष ग्रामों और बाजारों में व्यापारियों और दुकानदारों से मिल रहे हैं। बड़खल से कांग्रेस प्रत्याशी विजय प्रताप के पिता पूर्व मंत्री महेंद्र प्रताप, भाई सुरेंद्र प्रताप, विजय प्रताप की पत्नी और बच्चे प्रचार में लगे हैं। फरीदाबाद में भाजपा प्रत्याशी विपुल गोयल की पत्नी और बच्चे घर-घर जाकर लोगों से मिल रहे हैं। निर्दलीय चुनाव लड़ रही शारदा राठौड़ के भाई नुक्कड़ सभाएं आयोजित कर रहे हैं।
14 से 16 घंटे तक कर रहे प्रचार
जीत की उम्मीद लिए प्रत्याशी प्रचार के लिए दिन-रात एक कर रहे हैं। सुबह आठ बजे प्रत्याशी अपने समर्थकों के साथ प्रचार के लिए निकल रहे हैं। इसके बाद देर रात 11 बजे से 1 बजे तक घर पहुंच रहे हैं।
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कौन सी पार्टी से कौन से प्रत्याशी हैं मैदान में
भाजपा: भाजपा की ओर से जहां बल्लभगढ़ से मूलचंद शर्मा, फरीदाबाद से विपुल गोयल, एनआइटी से सतीश फागना, बड़खल से धनेश अदलखा, तिगांव से राजेश नागर और पृथला से टेकचंद शर्मा ने चुनाव प्रचार के लिए ताकत झाेंकी हुई है।
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कांग्रेंस: कांग्रेस पार्टी की ओर से बल्लभगढ़ में पराग शर्मा, पृथला से रघुबीर तेवतिया, बड़खल से विजय प्रताप, फरीदाबाद से लखन सिंगला, तिगांव से रोहित नागर मैदान में है।
इनेलो-बसपा: इनेलो-बसपा पार्टी में भाजपा से नाराज होकर आए एनआईटी से नगेंद्र भड़ाना, फरीदाबाद सीट से नरेंद्र पाल सिंह ने चुनाव मैदान में ताल ठोंकी हुई है।
निर्दलीय: तिगांव से कद्दावर नेता और कांग्रेस छोड़कर आए ललित नागर और बल्लभगढ़ में कांग्रेस छोड़कर आईं शारदा राठौड़ कद्दावर प्रत्याशी हैं। इसके अलावा पृथला से निवर्तमान विधायक नयनपाल रावत भी कद्दावर चेहरा हैं।
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फरीदाबाद। विधानसभा चुनावों में प्रचार के लिए अब 10 दिन से भी कम समय बचा है, ऐसे में प्रत्याशियों ने नुक्कड़ सभाओं और डोर-टू-डोर प्रचार के लिए अपनी ताकत झाेंक दी है। घर-घर पहुंचकर प्रत्याशी बुजुर्गों को ताऊ की उपाधि देकर वोट मांग रहे हैं तो बूढ़ी अम्मा को बेटे जैसा होने का वास्ता देकर विधायक बनवाने की दुहाई मांग रहे हैं। नुक्कड़ सभाओं में पुरुष जहां स्वयं को क्षेत्र का बेटा बताकर वोट मांग रहे हैं तो महिला प्रत्याशी क्षेत्र की बेटी और बहू बनकर मतदान करने का आग्रह कर रही हैं। कोई क्षेत्र का भाई और कोई क्षेत्र का बेटा बनकर चंडीगढ़ विधानसभा तक पहुंचाने की गुजारिश में लगा है।
जिले की छह विधानसभाओं में कड़ी टक्कर देने वाले तीन से चार प्रत्याशी जीत की उम्मीद में इस प्रचार की दौड़ में एक-दूसरे को पछाड़ने में लगे हैं। विशेषकर सभी विधानसभाओं में कांग्रेस, भाजपा, इनेलो-बसपा, जजपा और आप पार्टी के अलावा कुछ निर्दलीय प्रत्याशी प्रतिदिन छह से 8 नुक्कड़ सभाएं कर रहे हैं। फरीदाबाद लोकसभा के अंतर्गत 9 विधानसभा सीटें हैं। लोकसभा चुनाव की अपेक्षा विधानसभाओं में कमोवेश काफी कम क्षेत्र होने के चलते नुक्कड़ सभाओं और घर-घर जाकर वोट मांगना प्रत्याशियों के लिए संभव हो रहा है। ऐसे में प्रत्याशी सुबह से लेकर देर रात तक वोट मांगने निकल रहे हैं।
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4 दिन बढ़ा चुनाव तो प्रचार के लिए मिला अधिक समय
5 अक्तूबर को विधानसभा चुनाव में मतदान के लिए जिले की छह विधानसभाओं में कुल चार से पांच बड़ी पार्टियों के करीब 15 से 20 प्रत्याशी हैं। साथ ही टिकट न मिलने से नाराज होकर निर्दलीय ही चुनाव मैदान में 5 से 8 कद्दावर निर्दलीय प्रत्याशियों ने चुनावी ताल ठोंक रखी है। पूर्व में 1 अक्तूबर को चुनाव होना था लेकिन बाद में निर्वाचन आयोग ने 4 दिन इसका समय बढ़ा दिया गया। बड़ी पार्टियों की सीट घोषित होने के करीब 20 से 25 दिनों का समय प्रचार के लिए प्रत्याशियों को मिल गया है। ऐसे में प्रत्याशी और पार्टियां घर-घर जाकर और नुक्कड़ सभाएं कर प्रचार में लगी हैं।
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प्रत्याशी ही नहीं पार्टी के नेता भी प्रचार में लगे
भाजपा और कांग्रेस जैसी बड़ी पार्टियों के प्रत्याशी तो चुनावी मैदान में हैं। साथ ही इनके पार्टी संगठन के नेता भी प्रचार के लिए जा रहे हैं। भाजपा से जिलाध्यक्ष राजकुमार वोहरा और अन्य नेता स्वयं बाजारों और डोर-टू-डोर प्रचार में लगे हैं। वहीं, कांग्रेस से स्थानीय और प्रदेश संगठन स्तर के नेता विधानसभाओं में प्रचार कर रहे हैं।
डोर-टू-डोर प्रचार में लगीं प्रत्याशियों की पत्नियां, भाई और बच्चे
एक ओर पार्टियां तो अपने प्रत्याशी के लिए नुक्कड़ सभाएं और डोर-टू-डोर प्रचार कर रही हैं। इसके अलावा परिवार और रिश्तेदारों की फौज चुनाव मैदान में प्रचार के लिए उतरी हैं। परिजन घर-घर जाकर प्रत्याशी के लिए वोट मांग रहे हैं। महिलाओं को महिलाओं से मिलने का जिम्मा दिया गया है। साथ ही पुरुष ग्रामों और बाजारों में व्यापारियों और दुकानदारों से मिल रहे हैं। बड़खल से कांग्रेस प्रत्याशी विजय प्रताप के पिता पूर्व मंत्री महेंद्र प्रताप, भाई सुरेंद्र प्रताप, विजय प्रताप की पत्नी और बच्चे प्रचार में लगे हैं। फरीदाबाद में भाजपा प्रत्याशी विपुल गोयल की पत्नी और बच्चे घर-घर जाकर लोगों से मिल रहे हैं। निर्दलीय चुनाव लड़ रही शारदा राठौड़ के भाई नुक्कड़ सभाएं आयोजित कर रहे हैं।
14 से 16 घंटे तक कर रहे प्रचार
जीत की उम्मीद लिए प्रत्याशी प्रचार के लिए दिन-रात एक कर रहे हैं। सुबह आठ बजे प्रत्याशी अपने समर्थकों के साथ प्रचार के लिए निकल रहे हैं। इसके बाद देर रात 11 बजे से 1 बजे तक घर पहुंच रहे हैं।
कौन सी पार्टी से कौन से प्रत्याशी हैं मैदान में
भाजपा: भाजपा की ओर से जहां बल्लभगढ़ से मूलचंद शर्मा, फरीदाबाद से विपुल गोयल, एनआइटी से सतीश फागना, बड़खल से धनेश अदलखा, तिगांव से राजेश नागर और पृथला से टेकचंद शर्मा ने चुनाव प्रचार के लिए ताकत झाेंकी हुई है।
कांग्रेंस: कांग्रेस पार्टी की ओर से बल्लभगढ़ में पराग शर्मा, पृथला से रघुबीर तेवतिया, बड़खल से विजय प्रताप, फरीदाबाद से लखन सिंगला, तिगांव से रोहित नागर मैदान में है।
इनेलो-बसपा: इनेलो-बसपा पार्टी में भाजपा से नाराज होकर आए एनआईटी से नगेंद्र भड़ाना, फरीदाबाद सीट से नरेंद्र पाल सिंह ने चुनाव मैदान में ताल ठोंकी हुई है।
निर्दलीय: तिगांव से कद्दावर नेता और कांग्रेस छोड़कर आए ललित नागर और बल्लभगढ़ में कांग्रेस छोड़कर आईं शारदा राठौड़ कद्दावर प्रत्याशी हैं। इसके अलावा पृथला से निवर्तमान विधायक नयनपाल रावत भी कद्दावर चेहरा हैं।