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अस्पताल में बेड फुल तो व्हीलचेयर पर इलाज
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फरीदाबाद (धनंजय चौहान )। सरकार की ओर से स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार के भले ही लाख दावे किए जा रहे हों, लेकिन सिविल अस्पताल बीके में स्वास्थ्य सेवाएं सुधर नहीं रही है। रविवार को सिविल अस्पताल बीके की इमरजेंसी में बुखार के इलाज के पहुंचे एक मरीज को जब बेड नहीं मिला तो डॉक्टरों ने उनका व्हीलचेयर पर ही इलाज शुरू कर दिया। वहीं कुछ मरीजों का स्ट्रेचर पर इलाज किया गया। इससे अस्पताल में सुविधाओं की एक बार फिर पोल खुल गई।
सिविल अस्पताल बीके में मरीजों के लिए दो सौ बेड है। डेंगू सहित विभिन्न बीमारियों से पीड़ित मरीजों को भर्ती किया जाता है। इसके अलावा इमरजेंसी वार्ड में 15 बेड हैं। पिछले करीब एक माह से जिले में डेंगू और वायरल बुखार का प्रकोप भी लगातार बढ़ रहा है। इससे अस्पतालों में बेड की संख्या कम पड़ गई है। हालत यह है कि काफी संख्या में मलेरिया, उल्टी, दस्त और वायरल बुखार के मरीज आने से इमरजेंसी में बेडों की संख्या कम पड़ने लगे हैं। इस कारण जब तक इमरजेंसी में भर्ती मरीजों को डिस्चार्ज नहीं कर दिया जाता है या दूसरे वार्ड में शिफ्ट नहीं कर दिया जाता तब तक नए मरीजों को बेड नहीं मिलता है। यही वजह से रविवार को अस्पताल में एक बार फिर अव्यवस्था को मरीजों को सामना करना पड़ा। बल्लभगढ़ से इलाज के लिए राम कपूर ने बताया कि कई दिनों से बुखार हो रहा है। तबीयत बिगड़ने पर इमरजेंसी में आया तो यहां डॉक्टरों ने बताया कि बेड खाली नहीं है। ऐसे में व्हीलचेयर पर ही डॉक्टरों ने इलाज शुरू कर दिया। पिछले दिनों भी अस्पताल में ऐसा ही एक मामला सामने आया था। जब बेड न मिलने पर डॉक्टरों ने स्ट्रेचर पर ही मरीज का इलाज शुरू कर दिया था। यही हाल अब भी बना हुआ है। इससे परेशानी मरीजों को उठानी पड़ रही है।
मौसम में बदलाव के कारण वायरल मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है। अस्पताल में मरीजों के इलाज के पूरे इंतजाम है। मरीजों की संख्या को देखते हुए अतिरिक्त बेड भी लगाए गए है। यदि जरूरत पड़ेगी तो और भी बेड बढ़ाए जाएंगे। हमारा उद्देश्य मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देना है।
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- डॉ. सविता यादव, प्रधान चिकित्सा अधिकारी, सिविल अस्पताल बीके
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सिविल अस्पताल बीके में मरीजों के लिए दो सौ बेड है। डेंगू सहित विभिन्न बीमारियों से पीड़ित मरीजों को भर्ती किया जाता है। इसके अलावा इमरजेंसी वार्ड में 15 बेड हैं। पिछले करीब एक माह से जिले में डेंगू और वायरल बुखार का प्रकोप भी लगातार बढ़ रहा है। इससे अस्पतालों में बेड की संख्या कम पड़ गई है। हालत यह है कि काफी संख्या में मलेरिया, उल्टी, दस्त और वायरल बुखार के मरीज आने से इमरजेंसी में बेडों की संख्या कम पड़ने लगे हैं। इस कारण जब तक इमरजेंसी में भर्ती मरीजों को डिस्चार्ज नहीं कर दिया जाता है या दूसरे वार्ड में शिफ्ट नहीं कर दिया जाता तब तक नए मरीजों को बेड नहीं मिलता है। यही वजह से रविवार को अस्पताल में एक बार फिर अव्यवस्था को मरीजों को सामना करना पड़ा। बल्लभगढ़ से इलाज के लिए राम कपूर ने बताया कि कई दिनों से बुखार हो रहा है। तबीयत बिगड़ने पर इमरजेंसी में आया तो यहां डॉक्टरों ने बताया कि बेड खाली नहीं है। ऐसे में व्हीलचेयर पर ही डॉक्टरों ने इलाज शुरू कर दिया। पिछले दिनों भी अस्पताल में ऐसा ही एक मामला सामने आया था। जब बेड न मिलने पर डॉक्टरों ने स्ट्रेचर पर ही मरीज का इलाज शुरू कर दिया था। यही हाल अब भी बना हुआ है। इससे परेशानी मरीजों को उठानी पड़ रही है।
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मौसम में बदलाव के कारण वायरल मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है। अस्पताल में मरीजों के इलाज के पूरे इंतजाम है। मरीजों की संख्या को देखते हुए अतिरिक्त बेड भी लगाए गए है। यदि जरूरत पड़ेगी तो और भी बेड बढ़ाए जाएंगे। हमारा उद्देश्य मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देना है।
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- डॉ. सविता यादव, प्रधान चिकित्सा अधिकारी, सिविल अस्पताल बीके