फरीदाबाद। अपहरण, बंधक बनाकर मारपीट और अमानवीय व्यवहार के गंभीर मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार की अदालत ने आरोपी कुलभूषण उर्फ कुल्लू की जमानत याचिका खारिज कर दी हैं। शिकायतकर्ता द्वारा सह-आरोपी की पत्नी के किसी अन्य केस में साथ देने को लेकर रंजिश थी, जिसके चलते उसे अगवा किया गया और बंधक बनाकर मारपीट की गई। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि आरोप बेहद गंभीर हैं और केवल चार्जशीट दाखिल होना जमानत का आधार नहीं बनता। साथ ही, आरोपी के आपराधिक इतिहास को देखते हुए यह आशंका भी जताई गई कि वह जमानत पर बाहर आकर गवाहों को प्रभावित कर सकता है और सबूतों से छेड़छाड़ कर सकता है। मामले के अनुसार तीन जुलाई 2025 की शाम को आरोपी कुलभूषण सह-आरोपियों के साथ मिलकर शिकायतकर्ता राहुल शर्मा को जबरन एक गाड़ी में बैठाकर ले गया। आरोपी उसे अपने ठिकाने पर ले गया, जहां करीब डेढ़ घंटे तक बंधक बनाकर डंडों से मारपीट की गई और उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। जांच के दौरान अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर चार्जशीट दाखिल की गई, जबकि कुलभूषण ने 15 जनवरी 2026 को कोर्ट में सरेंडर किया और तब से न्यायिक हिरासत में है। इससे पहले उसकी जमानत याचिका 16 जनवरी 2026 को भी खारिज हो चुकी थी। बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि जांच पूरी हो चुकी है और ट्रायल लंबा चलेगा, इसलिए जमानत दी जाए। वहीं, अभियोजन पक्ष ने बताया कि आरोपी एक आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ 25 अन्य आपराधिक मामले दर्ज हैं। संवाद