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Faridabad News: दाखिल-खारिज के बहाने बुजुर्ग महिलाओं की जमीन की जीपीए कराकर रजिस्ट्री का आरोप

Tue, 29 Sep 2026 10:50 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 29 Sep 2026 10:50 PM IST
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Allegation of getting GPA and sale deeds executed for elderly women's land under the pretext of mutation.
अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत का आरोप लगाते हुए उपायुक्त और पुलिस आयुक्त से की शिकायत
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) कराने का झांसा देकर दो बुजुर्ग महिलाओं की नूंह स्थित करोड़ों रुपये की जमीन की जीपीए (जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी) फरीदाबाद तहसील में अपने नाम कराने और बाद में उसकी रजिस्ट्री ट्रांसफर कराने का मामला सामने आया है। पीड़िता जगनवती और सुमन ने अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत का आरोप लगाते हुए उपायुक्त और पुलिस आयुक्त से शिकायत की है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त आयुष सिन्हा ने जांच एडीसी को सौंप दी है। पलवल जिले के गांव कारना निवासी जगनवती और सुमन ने शिकायत में बताया कि जसराम उन्हें जमीन के दाखिल-खारिज की प्रक्रिया के नाम पर फरीदाबाद तहसील लेकर आया था। आरोप है कि वहां नूंह जिले के बिस्सर अकबरपुर गांव स्थित करीब 10 कनाल 8 मरला जमीन की जीपीए 6 मई 2026 को जसराम के नाम पंजीकृत करा दी गई। महिलाओं का कहना है कि आरोपी से उनका कोई रक्त संबंध (ब्लड रिलेशन) नहीं है, फिर भी दूसरे जिले की अचल संपत्ति की जीपीए पंजीकृत कर दी गई।
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धोखाधड़ी का पता चलने पर महिलाओं ने 10 जून को फरीदाबाद तहसीलदार को शिकायत देकर जीपीए रद्द करने की मांग की। आरोप है कि शिकायत लंबित होने के बावजूद नायब तहसीलदार ने 26 मई को नूंह में रजिस्ट्री के लिए उक्त जीपीए का सत्यापन (वेरिफिकेशन) कर दिया। इसके बाद आरोपी ने जीपीए के आधार पर जमीन की रजिस्ट्री अपने भतीजे की पत्नी के नाम करा दी। हालांकि महिलाओं का दावा है कि बाद में जीपीए रद्द कर दी गई थी।
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उच्चस्तरीय जांच और रजिस्ट्री रद्द करने की मांग
पीड़ित महिलाओं ने पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराने, फर्जी जीपीए के आधार पर हुई रजिस्ट्री को निरस्त करने और इस धोखाधड़ी में शामिल आरोपी व विभागीय कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उपायुक्त आयुष सिन्हा ने बताया कि मामले की जांच एडीसी को सौंपी गई है। उन्हें निर्धारित समयसीमा में जांच पूरी कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। जांच में जो भी अधिकारी या व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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