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Faridabad News: दिल्ली-गुरुग्राम रूट पर बनेगा चार लेन का फ्लाईओवर, यातायात होगा सुगम
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प्रहलादपुर बॉर्डर से गुरुग्राम रोड तक करीब एक किलोमीटर हिस्से में यातायात व्यवस्था सुधारने की योजना
एफएमडीए ने विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कराने की प्रक्रिया शुरू की
पैदल यात्रियों, सर्विस रोड और भूमिगत यूटिलिटी का भी होगा अध्ययन
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। दिल्ली से फरीदाबाद होते हुए गुरुग्राम की ओर जाने वाले प्रमुख मार्ग पर यातायात का दबाव कम करने के लिए चार लेन का फ्लाईओवर बनाने की योजना आगे बढ़ी है। फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) ने प्रहलादपुर बॉर्डर दिल्ली से गुरुग्राम मोड़-बड़खल रोड से जुड़े करीब एक किलोमीटर हिस्से में प्रस्तावित फ्लाईओवर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कराने का काम शुरू कर दिया है।
यह सड़क नेटवर्क फरीदाबाद को दिल्ली और गुरुग्राम से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण मार्गों में शामिल है। सूरजकुंड रोड, बड़खल रोड और गुरुग्राम रोड की ओर जाने वाले यातायात के कारण इस पूरे क्षेत्र में स्थानीय और बाहरी वाहनों का दबाव बना रहता है। ऐसे में किसी प्रमुख जंक्शन या क्रॉसिंग पर वाहनों की रफ्तार कम होने का असर आसपास के पूरे सड़क नेटवर्क पर दिखाई देता है। प्रस्तावित फ्लाईओवर को इसी यातायात दबाव को व्यवस्थित करने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है।
पहले तैयार होगी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट
एफएमडीए की मौजूदा प्रक्रिया सीधे फ्लाईओवर निर्माण शुरू करने की नहीं बल्कि उसकी डीपीआर तैयार कराने की है। इसका मतलब है कि परियोजना की अंतिम लागत, डिजाइन, निर्माण अवधि और काम शुरू होने की तारीख अभी तय नहीं मानी जा सकती। इन पहलुओं पर डीपीआर तैयार होने और संबंधित स्तरों से मंजूरी मिलने के बाद ही आगे निर्णय होगा।
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सूरजकुंड रोड और गुरुग्राम रोड से जुड़ता है महत्वपूर्ण नेटवर्क
प्रहलादपुर बॉर्डर से बड़खल और गुरुग्राम की ओर जाने वाला यह सड़क नेटवर्क फरीदाबाद के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। सूरजकुंड रोड से आने-जाने वाले वाहनों के अलावा बड़खल, अनखीर, फरीदाबाद के दक्षिणी हिस्सों और गुरुग्राम की दिशा में जाने वाला यातायात भी इसी व्यापक नेटवर्क पर निर्भर करता है।
आधुनिक सर्वे से तैयार होगी डीपीआर
प्रस्तावित डीपीआर में सड़क की मौजूदा स्थिति और यातायात व्यवस्था का विस्तृत अध्ययन किया जाएगा। इसके लिए एलआईडीएआर और ड्रोन आधारित तकनीक से स्थलाकृतिक सर्वे का प्रावधान है। वहीं जमीन के नीचे मौजूद बिजली, पानी और गैस की पाइपलाइन जैसी यूटिलिटी की जानकारी जुटाने के लिए ग्राउंड पेनिट्रेटिंग रडार और इंडक्शन लोकेटर जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। भूमिगत यूटिलिटी का सर्वे इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि फ्लाईओवर या अन्य बड़े सड़क ढांचे के निर्माण के दौरान बिजली केबल, पानी की पाइपलाइन या गैस लाइन सामने आने पर काम प्रभावित हो सकता है।
स्थानीय लोगों की आवाजाही और जलभराव भी चुनौती
फ्लाईओवर बनने से मुख्य मार्ग पर सीधे गुजरने वाले यातायात को राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन इसके नीचे और आसपास के स्थानीय यातायात की व्यवस्था भी महत्वपूर्ण होगी। सूरजकुंड रोड और बड़खल रोड के आसपास आबादी, बाजार और स्थानीय संपर्क मार्ग हैं। यहां रहने वाले लोगों और दुकानदारों को मुख्य यातायात से अलग सुरक्षित आवागमन की सुविधा नहीं मिली तो फ्लाईओवर के बाद भी स्थानीय स्तर पर जाम की समस्या बनी रह सकती है।
पैदल लोगों का भी रखा जाएगा ध्यान
इसी को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित योजना में हल्के वाहनों और पैदल यात्रियों के लिए अंडरपास, सुरक्षित फुटपाथ और आबादी वाले हिस्सों में सर्विस रोड जैसी व्यवस्थाओं का अध्ययन शामिल किया गया है। पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित फुटपाथ और ग्रिल की व्यवस्था का भी प्रावधान है। फरीदाबाद में मानसून के दौरान कई प्रमुख सड़कों और अंडरपास में जलभराव की समस्या सामने आती रही है। इसलिए प्रस्तावित ढांचे की डिजाइन में जल निकासी व्यवस्था को भी ध्यान में रखा जाएगा।
दिल्ली और गुरुग्राम जाने वाले हजारों यात्रियों के लिए अहम
फरीदाबाद से दिल्ली और गुरुग्राम के बीच रोजाना आवाजाही करने वाले लोगों के लिए यह सड़क नेटवर्क महत्वपूर्ण है। बड़ी संख्या में कर्मचारी, कारोबारी और अन्य यात्री इन दोनों शहरों के बीच आवागमन करते हैं। इसके अलावा फरीदाबाद के दक्षिणी हिस्सों से दिल्ली जाने वाले लोगों के लिए भी सूरजकुंड और बड़खल क्षेत्र महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग हैं।
फ्लाईओवर बनने के बाद वास्तविक लाभ कितना होगा, यह डीपीआर में होने वाले यातायात सर्वे से स्पष्ट होगा। अभी यह आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है कि इस मार्ग से प्रतिदिन कितने वाहन गुजरते हैं और प्रस्तावित फ्लाईओवर बनने के बाद यात्रा समय में कितनी कमी आएगी।
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फ्लाईओवर के लिए प्राथमिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द ही डीपीआर तैयार कर मुख्यालय भेज दी जाएगी।-विशाल बंसल, चीफ इंजीनियर, एफएमडीए
जाम की समस्या को ध्यान में रखते हुए सरकार की तरफ से तेजी से विकास कार्य किए जा रहे हैं, इससे स्थानीय लोगों के साथ बाहर से आने वाले वाहन चालकों को भी काफी लाभ मिलेगा। - धनेश अदलखा, विधायक बड़खल
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एफएमडीए ने विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कराने की प्रक्रिया शुरू की
पैदल यात्रियों, सर्विस रोड और भूमिगत यूटिलिटी का भी होगा अध्ययन
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। दिल्ली से फरीदाबाद होते हुए गुरुग्राम की ओर जाने वाले प्रमुख मार्ग पर यातायात का दबाव कम करने के लिए चार लेन का फ्लाईओवर बनाने की योजना आगे बढ़ी है। फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) ने प्रहलादपुर बॉर्डर दिल्ली से गुरुग्राम मोड़-बड़खल रोड से जुड़े करीब एक किलोमीटर हिस्से में प्रस्तावित फ्लाईओवर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कराने का काम शुरू कर दिया है।
यह सड़क नेटवर्क फरीदाबाद को दिल्ली और गुरुग्राम से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण मार्गों में शामिल है। सूरजकुंड रोड, बड़खल रोड और गुरुग्राम रोड की ओर जाने वाले यातायात के कारण इस पूरे क्षेत्र में स्थानीय और बाहरी वाहनों का दबाव बना रहता है। ऐसे में किसी प्रमुख जंक्शन या क्रॉसिंग पर वाहनों की रफ्तार कम होने का असर आसपास के पूरे सड़क नेटवर्क पर दिखाई देता है। प्रस्तावित फ्लाईओवर को इसी यातायात दबाव को व्यवस्थित करने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है।
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पहले तैयार होगी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट
एफएमडीए की मौजूदा प्रक्रिया सीधे फ्लाईओवर निर्माण शुरू करने की नहीं बल्कि उसकी डीपीआर तैयार कराने की है। इसका मतलब है कि परियोजना की अंतिम लागत, डिजाइन, निर्माण अवधि और काम शुरू होने की तारीख अभी तय नहीं मानी जा सकती। इन पहलुओं पर डीपीआर तैयार होने और संबंधित स्तरों से मंजूरी मिलने के बाद ही आगे निर्णय होगा।
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सूरजकुंड रोड और गुरुग्राम रोड से जुड़ता है महत्वपूर्ण नेटवर्क
प्रहलादपुर बॉर्डर से बड़खल और गुरुग्राम की ओर जाने वाला यह सड़क नेटवर्क फरीदाबाद के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। सूरजकुंड रोड से आने-जाने वाले वाहनों के अलावा बड़खल, अनखीर, फरीदाबाद के दक्षिणी हिस्सों और गुरुग्राम की दिशा में जाने वाला यातायात भी इसी व्यापक नेटवर्क पर निर्भर करता है।
आधुनिक सर्वे से तैयार होगी डीपीआर
प्रस्तावित डीपीआर में सड़क की मौजूदा स्थिति और यातायात व्यवस्था का विस्तृत अध्ययन किया जाएगा। इसके लिए एलआईडीएआर और ड्रोन आधारित तकनीक से स्थलाकृतिक सर्वे का प्रावधान है। वहीं जमीन के नीचे मौजूद बिजली, पानी और गैस की पाइपलाइन जैसी यूटिलिटी की जानकारी जुटाने के लिए ग्राउंड पेनिट्रेटिंग रडार और इंडक्शन लोकेटर जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। भूमिगत यूटिलिटी का सर्वे इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि फ्लाईओवर या अन्य बड़े सड़क ढांचे के निर्माण के दौरान बिजली केबल, पानी की पाइपलाइन या गैस लाइन सामने आने पर काम प्रभावित हो सकता है।
स्थानीय लोगों की आवाजाही और जलभराव भी चुनौती
फ्लाईओवर बनने से मुख्य मार्ग पर सीधे गुजरने वाले यातायात को राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन इसके नीचे और आसपास के स्थानीय यातायात की व्यवस्था भी महत्वपूर्ण होगी। सूरजकुंड रोड और बड़खल रोड के आसपास आबादी, बाजार और स्थानीय संपर्क मार्ग हैं। यहां रहने वाले लोगों और दुकानदारों को मुख्य यातायात से अलग सुरक्षित आवागमन की सुविधा नहीं मिली तो फ्लाईओवर के बाद भी स्थानीय स्तर पर जाम की समस्या बनी रह सकती है।
पैदल लोगों का भी रखा जाएगा ध्यान
इसी को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित योजना में हल्के वाहनों और पैदल यात्रियों के लिए अंडरपास, सुरक्षित फुटपाथ और आबादी वाले हिस्सों में सर्विस रोड जैसी व्यवस्थाओं का अध्ययन शामिल किया गया है। पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित फुटपाथ और ग्रिल की व्यवस्था का भी प्रावधान है। फरीदाबाद में मानसून के दौरान कई प्रमुख सड़कों और अंडरपास में जलभराव की समस्या सामने आती रही है। इसलिए प्रस्तावित ढांचे की डिजाइन में जल निकासी व्यवस्था को भी ध्यान में रखा जाएगा।
दिल्ली और गुरुग्राम जाने वाले हजारों यात्रियों के लिए अहम
फरीदाबाद से दिल्ली और गुरुग्राम के बीच रोजाना आवाजाही करने वाले लोगों के लिए यह सड़क नेटवर्क महत्वपूर्ण है। बड़ी संख्या में कर्मचारी, कारोबारी और अन्य यात्री इन दोनों शहरों के बीच आवागमन करते हैं। इसके अलावा फरीदाबाद के दक्षिणी हिस्सों से दिल्ली जाने वाले लोगों के लिए भी सूरजकुंड और बड़खल क्षेत्र महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग हैं।
फ्लाईओवर बनने के बाद वास्तविक लाभ कितना होगा, यह डीपीआर में होने वाले यातायात सर्वे से स्पष्ट होगा। अभी यह आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है कि इस मार्ग से प्रतिदिन कितने वाहन गुजरते हैं और प्रस्तावित फ्लाईओवर बनने के बाद यात्रा समय में कितनी कमी आएगी।
फ्लाईओवर के लिए प्राथमिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द ही डीपीआर तैयार कर मुख्यालय भेज दी जाएगी।-विशाल बंसल, चीफ इंजीनियर, एफएमडीए
जाम की समस्या को ध्यान में रखते हुए सरकार की तरफ से तेजी से विकास कार्य किए जा रहे हैं, इससे स्थानीय लोगों के साथ बाहर से आने वाले वाहन चालकों को भी काफी लाभ मिलेगा। - धनेश अदलखा, विधायक बड़खल