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Faridabad News: एसटीपी से शोधित पानी से होगी 277 पार्कों और ग्रीनबेल्ट की सिंचाई
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ट्रायल के तौर पर पहले एक बड़े पार्क तक विशेष लाइन से पहुंचाया जाएगा शोधित पानी
-रेनीवेल के पेयजल को बचाने के लिए
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। रेनीवेल से मिलने वाले पेयजल को बचाने के लिए पार्कों और ग्रीन बेल्ट में एसटीपी से शोधित हुए पानी का प्रयोग करने की योजना एफएमडीए बना रहा है। ट्रायल के तौर पर एक पायलट प्रोजेक्ट के अंतर्गत सबसे पहले एक बड़े पार्क तक एसटीपी से शोधित हुए पानी को विशेष लाइन से पहुंचाया जाएगा। पायलट प्रोजेक्ट सफल होने पर पूरे शहर में इस योजना को अमली जामा पहनाया जाएगा। शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल की पहल पर एफएमडीए ने इस योजना की तैयारी शुरू कर दी है।
शहर में एसटीपी से सीवर के शोधित किए गए पानी का सदुपयोग करने की तैयारी शुरू हो गई है। जिले में प्रतापगढ़ व मिर्जापुर क्षेत्र में एसटीपी तैयार हो गए हैं। इसके अलावा ग्रेटर फरीदाबाद में बादशाहपुर, सेक्टर-77 में एसटीपी हैं। इन एसटीपी पर शहर से निकलने वाला करीब 200 एमएलडी सीवर का पानी पहुंचता है। एसटीपी का पानी स्वच्छ होने के बाद इसे नहरों व नालों में डाल दिया जाता है। इससे शहर का करोड़ों लीटर पानी व्यर्थ होता है।
पायलट प्रोजेक्ट सफल होने के बाद प्रथम चरण में शहर के 277 बड़े पार्क चिह्नित कर इस पानी से इनकी सिंचाई करने की योजना शुरू की जाएगी। इन एसटीपी से साफ हुआ सीवर का पानी सिंचाई के रूप में प्रयोग किया जाएगा। इसके बाद अन्य सभी पार्कों में भी इस पानी का प्रयोग किया जा सकता है।
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प्रतिदिन पड़ती है 120 एमएलडी पानी की कमी
शहर में पेयजल आपूर्ति की मांग लगातार बढ़ रही है। शहर में प्रतिदिन 120 एमएलडी से अधिक पानी की कमी पड़ती है। एफएमडीए के पास 330 एमएलडी पानी का ही इंतजाम है और खपत 450 एमएलडी के पास पहुंच गई है। इसी पानी से पार्कों व ग्रीनबेल्ट की सिंचाई भी की जाती है। इसलिए रेनीवेल से आने वाले पेयजल को बचाने के लिए सिंचाई में प्रयोग होने वाला पानी एसटीपी से लाने की तैयारी है।
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-रेनीवेल के पेयजल को बचाने के लिए
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। रेनीवेल से मिलने वाले पेयजल को बचाने के लिए पार्कों और ग्रीन बेल्ट में एसटीपी से शोधित हुए पानी का प्रयोग करने की योजना एफएमडीए बना रहा है। ट्रायल के तौर पर एक पायलट प्रोजेक्ट के अंतर्गत सबसे पहले एक बड़े पार्क तक एसटीपी से शोधित हुए पानी को विशेष लाइन से पहुंचाया जाएगा। पायलट प्रोजेक्ट सफल होने पर पूरे शहर में इस योजना को अमली जामा पहनाया जाएगा। शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल की पहल पर एफएमडीए ने इस योजना की तैयारी शुरू कर दी है।
शहर में एसटीपी से सीवर के शोधित किए गए पानी का सदुपयोग करने की तैयारी शुरू हो गई है। जिले में प्रतापगढ़ व मिर्जापुर क्षेत्र में एसटीपी तैयार हो गए हैं। इसके अलावा ग्रेटर फरीदाबाद में बादशाहपुर, सेक्टर-77 में एसटीपी हैं। इन एसटीपी पर शहर से निकलने वाला करीब 200 एमएलडी सीवर का पानी पहुंचता है। एसटीपी का पानी स्वच्छ होने के बाद इसे नहरों व नालों में डाल दिया जाता है। इससे शहर का करोड़ों लीटर पानी व्यर्थ होता है।
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पायलट प्रोजेक्ट सफल होने के बाद प्रथम चरण में शहर के 277 बड़े पार्क चिह्नित कर इस पानी से इनकी सिंचाई करने की योजना शुरू की जाएगी। इन एसटीपी से साफ हुआ सीवर का पानी सिंचाई के रूप में प्रयोग किया जाएगा। इसके बाद अन्य सभी पार्कों में भी इस पानी का प्रयोग किया जा सकता है।
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प्रतिदिन पड़ती है 120 एमएलडी पानी की कमी
शहर में पेयजल आपूर्ति की मांग लगातार बढ़ रही है। शहर में प्रतिदिन 120 एमएलडी से अधिक पानी की कमी पड़ती है। एफएमडीए के पास 330 एमएलडी पानी का ही इंतजाम है और खपत 450 एमएलडी के पास पहुंच गई है। इसी पानी से पार्कों व ग्रीनबेल्ट की सिंचाई भी की जाती है। इसलिए रेनीवेल से आने वाले पेयजल को बचाने के लिए सिंचाई में प्रयोग होने वाला पानी एसटीपी से लाने की तैयारी है।