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फ्लॉप रही महापंचायत: पलवली हत्याकांड आरोपियों के परिजनों ने बुलाई पंचायत
Updated Sun, 01 Jul 2018 11:00 PM IST
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बेनतीजा रही महापंचायत: पलवली हत्याकांड आरोपियों के परिजनों ने बुलाई पंचायत
फरीदाबाद। पलवली सामूहिक हत्याकांड के संबंध में हत्यारोपी पक्ष के रिश्तेदार रविवार को ग्रेटर फरीदाबाद स्थित उमंग गार्डन में एकत्र हुए, रिश्तेदारों ने इसे महापंचायत का नाम दिया था। पीड़ित पक्ष से महापंचायत में कोई नहीं पहुंचा, इससे बैठक बे-नतीजा रही। यह महापंचायत किसने बुलाई थी इसके बारे में किसी ने कोई जानकारी नहीं दी।
गांव पलवली में सरपंची के चुनाव को लेकर बिल्लू परिवार और बिजेंद्र के बीच रंजिश चल रही थी। इन दोनों गुटों के बीच कई बार कहासुनी हो चुकी थी और मामला झगड़े तक पहुंच गया था। 17 सितंबर 2017 की सुबह बिजेंद्र पक्ष से कन्हैया के बेटे हरीश और बिल्लू के बेटे मिरिंडा के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। शाम को दोनों पक्षों के बीच पहले लाठी, डंडे और तलवारें चलीं और फिर कुछ देर बाद बिल्लू पक्ष की तरफ से आए दर्जनों लोगों ने हमला कर दिया। इस दौरान बिल्लू के परिवार के एक सदस्य ने राइफल से गोलियां दागनी शुरू कर दी थीं। गोलियां लगने से श्रीचंद, राजेंद्र, ईश्वर, नवीन और देवेंद्र की मौत हो गई थी। पुलिस इस हत्याकांड में पलवली की सरपंच दयावती, उनके पूर्व सरपंच पति बिल्लू, एएसआई धर्मेंद्र समेत 27 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इनमें महिला आरोपियों को जमानत मिल गई थी जबकि एक आरोपी नंद किशोर की मौत हो गई थी। हत्यारोपी परिवार के रिश्तेदारों की ओर से रविवार को गेे्रटर फरीदाबाद स्थित एक लॉन में महापंचायत की घोषणा की। अखिल भारतीय ब्राह्मण सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित सुरेंद्र शर्मा उर्फ बबली ने बताया कि पीड़ित पक्ष का एक भी सदस्य शामिल नहीं हुआ इसलिए कथित महापंचायत फ्लॉप रही, उन्होंने कहा कि पीड़ित पक्ष अदालत के फैसले को ही मानेगा।
फरीदाबाद। पलवली सामूहिक हत्याकांड के संबंध में हत्यारोपी पक्ष के रिश्तेदार रविवार को ग्रेटर फरीदाबाद स्थित उमंग गार्डन में एकत्र हुए, रिश्तेदारों ने इसे महापंचायत का नाम दिया था। पीड़ित पक्ष से महापंचायत में कोई नहीं पहुंचा, इससे बैठक बे-नतीजा रही। यह महापंचायत किसने बुलाई थी इसके बारे में किसी ने कोई जानकारी नहीं दी।
गांव पलवली में सरपंची के चुनाव को लेकर बिल्लू परिवार और बिजेंद्र के बीच रंजिश चल रही थी। इन दोनों गुटों के बीच कई बार कहासुनी हो चुकी थी और मामला झगड़े तक पहुंच गया था। 17 सितंबर 2017 की सुबह बिजेंद्र पक्ष से कन्हैया के बेटे हरीश और बिल्लू के बेटे मिरिंडा के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। शाम को दोनों पक्षों के बीच पहले लाठी, डंडे और तलवारें चलीं और फिर कुछ देर बाद बिल्लू पक्ष की तरफ से आए दर्जनों लोगों ने हमला कर दिया। इस दौरान बिल्लू के परिवार के एक सदस्य ने राइफल से गोलियां दागनी शुरू कर दी थीं। गोलियां लगने से श्रीचंद, राजेंद्र, ईश्वर, नवीन और देवेंद्र की मौत हो गई थी। पुलिस इस हत्याकांड में पलवली की सरपंच दयावती, उनके पूर्व सरपंच पति बिल्लू, एएसआई धर्मेंद्र समेत 27 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इनमें महिला आरोपियों को जमानत मिल गई थी जबकि एक आरोपी नंद किशोर की मौत हो गई थी। हत्यारोपी परिवार के रिश्तेदारों की ओर से रविवार को गेे्रटर फरीदाबाद स्थित एक लॉन में महापंचायत की घोषणा की। अखिल भारतीय ब्राह्मण सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित सुरेंद्र शर्मा उर्फ बबली ने बताया कि पीड़ित पक्ष का एक भी सदस्य शामिल नहीं हुआ इसलिए कथित महापंचायत फ्लॉप रही, उन्होंने कहा कि पीड़ित पक्ष अदालत के फैसले को ही मानेगा।
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