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Faridabad News: मुनाफा कमाने के चक्कर में गंवाए साढ़े 17 लाख रुपये
Wed, 06 Dec 2023 11:27 PM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
Updated Wed, 06 Dec 2023 11:27 PM IST
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टास्क पूरा करने का दिया था लालच, थाना साइबर सेल पुलिस ने मामला दर्ज किया
संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। अधिक मुनाफा कमाने के चक्कर में निजी कंपनी कर्मी ने साढ़े 17 लाख रुपये गंवा दिए। साइबर ठग ने उन्हें टास्क को पूरा करने पर दोगुना मुनाफे का लालच दिया गया। थाना साइबर सेल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सेक्टर-7 ई निवासी सौरभ सिंघल ने बताया कि वह निजी कंपनी में कार्यरत है। उनके पास 21 नवंबर को गूगल मैप पर समीक्षा संबंधित परियोजना से व्हाट्सएप पर प्राप्त हुआ। इसमें उनको समूह में शामिल होने के लिए टेलीग्राम लिंक भेजा गया। समूह में शामिल होने के बाद उनको प्रत्येक समीक्षा के लिए 50 रुपये भुगतान किया गया। विभिन्न प्रकार के टास्क को पूरा करने पर उनके खाते में 2800 रुपये भेजे गए। उसके बाद 23 नवंबर को क्रिप्टो करेंसी के नाम पर पांच हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करने के लिए कहा गया।
पैसे देने के बाद उनको वीआईपी टास्क ग्रुप में जोड़ दिया गया। 28 नवंबर को सभी कार्य पूरा करने के बाद खाते में अपना रिफंड वापस लेने के लिए विड्रॉल रिक्वेस्ट करने के लिए बैंक खाते का विवरण भरने के लिए कहा। कुछ समय के बाद उनको पता चला कि खाते का विवरण सही ढंग से दर्ज नहीं किया गया है। इसकी वजह से बैंक खाता ब्लॉक हो गया। उस खाते को अनब्लॉक करने के लिए कुल धनराशि का 25 प्रतिशत यानी 6 लाख 66 हजार 875 रुपये भुगतान करने के लिए कहा, जोकि उन्होंने करने से मना कर दिया। मुनाफा कमाने के चक्कर में उन्होंने 17 लाख 79 हजार 800 रुपये गंवा दिए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। अधिक मुनाफा कमाने के चक्कर में निजी कंपनी कर्मी ने साढ़े 17 लाख रुपये गंवा दिए। साइबर ठग ने उन्हें टास्क को पूरा करने पर दोगुना मुनाफे का लालच दिया गया। थाना साइबर सेल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सेक्टर-7 ई निवासी सौरभ सिंघल ने बताया कि वह निजी कंपनी में कार्यरत है। उनके पास 21 नवंबर को गूगल मैप पर समीक्षा संबंधित परियोजना से व्हाट्सएप पर प्राप्त हुआ। इसमें उनको समूह में शामिल होने के लिए टेलीग्राम लिंक भेजा गया। समूह में शामिल होने के बाद उनको प्रत्येक समीक्षा के लिए 50 रुपये भुगतान किया गया। विभिन्न प्रकार के टास्क को पूरा करने पर उनके खाते में 2800 रुपये भेजे गए। उसके बाद 23 नवंबर को क्रिप्टो करेंसी के नाम पर पांच हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करने के लिए कहा गया।
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पैसे देने के बाद उनको वीआईपी टास्क ग्रुप में जोड़ दिया गया। 28 नवंबर को सभी कार्य पूरा करने के बाद खाते में अपना रिफंड वापस लेने के लिए विड्रॉल रिक्वेस्ट करने के लिए बैंक खाते का विवरण भरने के लिए कहा। कुछ समय के बाद उनको पता चला कि खाते का विवरण सही ढंग से दर्ज नहीं किया गया है। इसकी वजह से बैंक खाता ब्लॉक हो गया। उस खाते को अनब्लॉक करने के लिए कुल धनराशि का 25 प्रतिशत यानी 6 लाख 66 हजार 875 रुपये भुगतान करने के लिए कहा, जोकि उन्होंने करने से मना कर दिया। मुनाफा कमाने के चक्कर में उन्होंने 17 लाख 79 हजार 800 रुपये गंवा दिए।
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