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Faridabad News: औद्योगिक नगरी में रेलवे लाइन पार करते सात माह में 170 की मौत

Wed, 19 Jul 2023 10:54 PM IST
नोएडा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद Updated Wed, 19 Jul 2023 10:54 PM IST
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170 died in seven months while crossing railway line in industrial city
-पिछले साल रेलवे पटरी पर चली गई थी 400 लोगों की जान, आए दिन हो रहे हादसे
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। औद्योगिक नगरी के लोगों को रेलवे लाइन पार करना जिंदगी पर भारी पड़ रहा है। इस साल 15 जुलाई तक रेलवे ट्रैक पार करते समय ट्रेन की चपेट में आने से 170 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि, साल 2022 में करीब 400 लोगों ने ट्रैक पार करते हुए जान गंवाई थी। लोगों की लापरवाही व फुट ओवर ब्रिज नहीं होने के कारण सबसे ज्यादा हादसे हो रहे हैं।
दिल्ली-मुथरा रेलवे लाइन शहर के बीचोंबीच से गुजरती है। ऐसे में लाइन के दोनों ओर कंपनियां-कांलोनियां बसी हुई हैं। शहर में भारी संख्या में कामगार वर्ग रहता है। सबसे ज्यादा हादसे सुबह और शाम को हो रहे हैं। काम पर निकलते समय चंद मिनट बचाने के लिए लोग जान आफत में डाल रहे हैं। रेलवे लाइन पर प्रमुख जगहों पर अभी अंडरपास और फुट ओवर ब्रिज नहीं होने से लोग अपनी जान जोखिम में डालकर ट्रैक पार करते हैं। ऐसे में कई बार ट्रेन की चपेट में आने से हादसे का शिकार हो जाते हैं। मुजेसर फाटक के आसपास के दुकानदार रितेश और रवि ने बताया कि रेलवे फाटक से प्रतिदिन हजारों की संख्या में स्कूली बच्चे और कामगार गुजरते हैं। वह कई बार हादसों का शिकार हो जाते हैं। पिछले 20 साल से फाटक बनना है, लेकिन आज तक काम शुरू नहीं हो सका है।
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कई जगहों पर बाउंड्रीवाल नहीं
लोग रेलवे लाइन पर आसनी से नहीं पहुंच सके, इसके लिए रेलवे लाइन के साथ बाउंड्रीवाल नहीं बनाई गई है। हालांकि कुछ जगहों पर रेलवे ने बाउंड्रीवाल बनाकर रेल पटरी पार करने पर रोकने का प्रयास किया है। अभी भी मुजेसर समेत अन्य जगहों पर रेल पटरी के साथ बाउंड्रीवाल का अभाव है। ऐसे में लोग जल्दबाजी में रेलवे लाइन पार करने लगते हैं।
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एफओबी का अभाव
शहर के बीच से रेलवे लाइन होने के कारण लोगों को परेशानी होती है। लोगों की जरूरत के अनुसार रेलवे ने एफओबी या अंडरपास नहीं बनवाया है। ऐसे में लोग हाईवे या सेक्टरों में जाने के लिए रेलवे लाइन पार कर जाते हैं और कई बार जल्दबाजी में हादसे का शिकार हो जाते हैं।

अधर में योजना, खूनी फाटक लील रहा जिंदगियां
हरियाणा राज्य रोड एवं पुल विकास निगम की ओर से मुजेसर में फाटक पर अंडरपास और लक्कड़पुर फाटक पर फुट ओवरब्रिज बनाने की योजना है। इस योजना को सीएम की मंजूरी मिल चुकी है, इसके बाद भी दोनों फाटकों पर काम शुरू नहीं हो सका है। सबसे ज्यादा हादसे लक्कड़पुर फाटक पर होते हैं। इसे खूनी फाटक भी कहा जाता है। स्थानीय दुकानदार ओमप्रकाश ने बताया कि पीक आवर्स में वाहनों का ज्यादा दबाव रहता है। हादसों में बढ़ोतरी का एक बड़ा कारण अंडरपास का न होना है। आए दिन लोगों की जान जा रही है।

वर्जन-
लोगों को बंद फाटक पार न करने के लिए जागरूक किया जाता है। फाटक बंद होने के बाद क्रॉस करते पाए जाने पर जीआरपी की ओर से 500 से 1000 हजार का चालान किया जाता है।
-राजपाल, एसआई जीआरपी
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लोगों से बातचीत

फाटक से बड़ी आबादी निकलती है, सुबह शाम सबसे ज्यादा लोगों की भीड़ रहती है, कई बार लोग फाटक बंद होने के बाद भी निकलने की कोशिश करते हैं।
-ललित, मुजेसर।
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लक्कड़पुर फाटक खूनी फाटक बनता जा रहा है। अचानक ट्रेन आ जाने से लोग हादसे का शिकार हो रहे हैं, यहां एफओबी बनना बहुत जरूरी है।
-रेखा शर्मा, लक्कड़पुर।


क्या कहते हैं आंकड़े
15 जुलाई तक में: 170 मौत

साल-2022: 400 मौत

साल-2021:280 मौत
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