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एक और फर्जीवाड़ा आया सामने, बनवा रखे हैं एक से अधिक वोट
Updated Mon, 23 Apr 2018 08:40 PM IST
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एसआरएस ग्रुप प्रकरण: अनिल जिंदल समेत परिवार के कई सदस्यों के पास हैं दो-दो वोटर कार्ड
फरीदाबाद। एसआरएस ग्रुप का एक और फर्जीवाड़ा सामने आया है। ग्रुप के चेयरमैन अनिल जिंदल सहित उनके परिवार व निदेशकों के परिजनों ने एक से अधिक वोटर कार्ड बनवा रखे हैं। एक से अधिक वोटर कार्ड बनवाना कानूनन जुर्म है। माना जा रहा है कि बड़े स्तर पर की गई धोखाधड़ी में दस्तावेज को बदल-बदल कर इस्तेमाल करने के लिए यह सारा खेल किया गया है। मामले को उजागर करने वाले समाजसेवी मनोज अग्रवाल ने जिला निर्वाचन अधिकारी सहित हरियाणा के मुख्य चुनाव अधिकारी व मुख्य चुनाव आयुक्त को इसकी शिकायत की है।
एसआरएस ग्रुप के चेयरमैन अनिल जिंदल सहित चार निदेशकों को हाल ही में करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इस समय सभी आरोपी जेल में बंद हैं। इस दौरान इनका एक और फर्जीवाड़ा सामने आया है। अनिल जिंदल सहित उनके परिवार, निदेशकों व उनके परिजनों के एक से अधिक वोट व वोटर कार्ड बने हुए हैं। एसआरएस ग्रुप से जुड़े कई अन्य लोगों के भी इस तरह से दो-दो वोट बने हुई हैं। इसमें इन्होंने अपने नाम की स्पेलिंग को बदलकर या फिर पिता या पति के नाम छोटा या बड़ा करके इस्तेमाल किया हुआ है।
जिसे आपत्ति है वो एफआईआर दर्ज करवाए
मेरे संज्ञान में ऐसी कोई शिकायत नहीं है। यदि किसी को कोई शिकायत है तो वह खुद पुलिस में मुकदमा दर्ज करवाए। चुनाव आयोग की गाइडलाइंस के अनुसार हम लोग कोई कार्रवाई नहीं कर सकते हैं।
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- संत लाल, चुनाव तहसीलदार, फरीदाबाद
एक और मामले में प्रोडक्शव वारंट पर लेने की तैयारी
जेल में बंद एसआरएस ग्रुप के चेयरमैन अनिल जिंदल को आर्थिक अपराध शाखा धोखाधड़ी के एक और मामले में प्रोडक्शन वारंट पर लेने की तैयारी कर रही है। सेक्टर-31 थाने में 13 अप्रैल 2018 को दर्ज एफआईआर नंबर 238 में प्रोडक्शन वारंट पर लेने की तैयारी कर रही है। इस मामले में शिकायतकर्ता ने बताया था कि उसने एसआरएस ग्रुप में करीब सवा दो करोड़ रुपये निवेश किए थे। मगर उसने जो चेक दिए थे, उसमें हेराफेरी कर उस पैसे को किसी और खाते में ट्रांसफर कर दिया गया। इस मामले में जांच के बाद आर्थिक अपराध शाखा ने मामला दर्ज किया था। जल्द ही पुलिस उस मामले में अनिल जिंदल को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर पूछताछ करेगी।
फरीदाबाद। एसआरएस ग्रुप का एक और फर्जीवाड़ा सामने आया है। ग्रुप के चेयरमैन अनिल जिंदल सहित उनके परिवार व निदेशकों के परिजनों ने एक से अधिक वोटर कार्ड बनवा रखे हैं। एक से अधिक वोटर कार्ड बनवाना कानूनन जुर्म है। माना जा रहा है कि बड़े स्तर पर की गई धोखाधड़ी में दस्तावेज को बदल-बदल कर इस्तेमाल करने के लिए यह सारा खेल किया गया है। मामले को उजागर करने वाले समाजसेवी मनोज अग्रवाल ने जिला निर्वाचन अधिकारी सहित हरियाणा के मुख्य चुनाव अधिकारी व मुख्य चुनाव आयुक्त को इसकी शिकायत की है।
एसआरएस ग्रुप के चेयरमैन अनिल जिंदल सहित चार निदेशकों को हाल ही में करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इस समय सभी आरोपी जेल में बंद हैं। इस दौरान इनका एक और फर्जीवाड़ा सामने आया है। अनिल जिंदल सहित उनके परिवार, निदेशकों व उनके परिजनों के एक से अधिक वोट व वोटर कार्ड बने हुए हैं। एसआरएस ग्रुप से जुड़े कई अन्य लोगों के भी इस तरह से दो-दो वोट बने हुई हैं। इसमें इन्होंने अपने नाम की स्पेलिंग को बदलकर या फिर पिता या पति के नाम छोटा या बड़ा करके इस्तेमाल किया हुआ है।
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जिसे आपत्ति है वो एफआईआर दर्ज करवाए
मेरे संज्ञान में ऐसी कोई शिकायत नहीं है। यदि किसी को कोई शिकायत है तो वह खुद पुलिस में मुकदमा दर्ज करवाए। चुनाव आयोग की गाइडलाइंस के अनुसार हम लोग कोई कार्रवाई नहीं कर सकते हैं।
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- संत लाल, चुनाव तहसीलदार, फरीदाबाद
एक और मामले में प्रोडक्शव वारंट पर लेने की तैयारी
जेल में बंद एसआरएस ग्रुप के चेयरमैन अनिल जिंदल को आर्थिक अपराध शाखा धोखाधड़ी के एक और मामले में प्रोडक्शन वारंट पर लेने की तैयारी कर रही है। सेक्टर-31 थाने में 13 अप्रैल 2018 को दर्ज एफआईआर नंबर 238 में प्रोडक्शन वारंट पर लेने की तैयारी कर रही है। इस मामले में शिकायतकर्ता ने बताया था कि उसने एसआरएस ग्रुप में करीब सवा दो करोड़ रुपये निवेश किए थे। मगर उसने जो चेक दिए थे, उसमें हेराफेरी कर उस पैसे को किसी और खाते में ट्रांसफर कर दिया गया। इस मामले में जांच के बाद आर्थिक अपराध शाखा ने मामला दर्ज किया था। जल्द ही पुलिस उस मामले में अनिल जिंदल को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर पूछताछ करेगी।