बग्गा की गिरफ्तारी: क्या पंजाब पुलिस ने तजिंदर को अरेस्ट कर किया नियमों का उल्लंघन, पढ़ें क्या कहते हैं जानकार?
साकेत कोर्ट के सीनियर वकील राकेश मालवीय का कहना है कि सीआरपीसी की धारा 79 के तहत अगर किसी राज्य की पुलिस किसी को गिरफ्तार करने दूसरे राज्य में जाती है तो उसे उस राज्य की स्थानीय थाना पुलिस को सूचना देना अनिवार्य है।
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भाजपा नेता तजिंदर पाल सिंह बग्गा को गिरफ्तार करने से पहले पंजाब पुलिस को दिल्ली पुलिस को सूचना देनी चाहिए थी। मगर पंजाब पुलिस ने दिल्ली पुलिसा को भाजपा नेता की गिरफ्तारी को लेकर कोई सूचना नहीं दी थी। इसी बात पर हंगामा खड़ा हो गया। जानकारों का कहना है कि अगर पंजाब पुलिस दिल्ली पुलिस को सूचना दे दी तो शायद हंगामा खड़ा नहीं होता। हालांकि ये नियम आजकल प्रेक्टिस में नहीं है।
दिल्ली पुलिस के रिटायर एसीपी वेदभूषण का कहना है कि एक राज्य की पुलिस दूसरे राज्य में किसी को गिरफ्तार करने जाती है तो उसे उस राज्य की पुलिस को संबंधित पुलिस स्टेशन में इसकी सूचना देनी चाहिए। ये कानूनन जरूरी है। साथ ही जिस व्यक्ति को गिरफ्तार किया है उसके परिजनों को बताना जरूरी है। व्यक्ति को जिस जगह से गिरफ्तार किया है उस जगह की कोर्ट में व्यक्ति को पेश करना होता है। उसके बाद उसे ट्रांजिट रिमांड पर अपने राज्य ला सकती है। कोर्ट में पेश करने से पहले उस व्यक्ति की मेडिकल जांच करनी जरूरी होती है। इसके बाद उसे अपने राज्य की कोर्ट में पेश करना होता है।
साकेत कोर्ट के सीनियर वकील राकेश मालवीय का कहना है कि सीआरपीसी की धारा 79 के तहत अगर किसी राज्य की पुलिस किसी को गिरफ्तार करने दूसरे राज्य में जाती है तो उसे उस राज्य की स्थानीय थाना पुलिस को सूचना देना अनिवार्य है। उस राज्य की पुलिस को गिरफ्तार करने से पहले संबंधित थानाध्यक्ष से वारंट पर हस्ताक्षर करना जरूरी होता है। इसके बाद उस राज्य की पुलिस को संबंधित थाने के डेली डायरी रजिस्टर में डीडी एंट्री करनी होती है। उसके बाद वह गिरफ्तार व्यक्ति को अपने राज्य में ले सकते हैं।
साकेत कोर्ट के सीनियर वकील नरेंद्र हुड्डा का कहना है कि अगर एक राज्य की पुलिस दूसरे राज्य में किसी को गिरफ्तार करने जाती है तो संबंधित राज्य की स्थानीय पुलिस को इसकी सूचना देना जरूरी होता है। इसका सीआरपीसी में प्रावधान है। इस संबंध में दिल्ली हाईकोर्ट का भी आदेश है।
पुलिस की प्रेक्टिस में नहीं है बताना
दिल्ली पुलिस के कुछ अफसरों ने बताया कि आजकल गिरफ्तार व्यक्ति के संबंध में स्थानीय थाना पुलिस को बताना या फिर वहां के थाने में डीडी एंट्री करना प्रेक्टिस में नहीं है। आजकल ये होता है कि अगर एक राज्य की पुलिस दूसरे राज्य में किसी को गिरफ्तार करने जाती है तो उसे गिरफ्तार करके अपने राज्य ले आती है और उसे अपने राज्य के कोर्ट में पेश कर देती है। हालांकि, जिस व्यक्ति को गिरफ्तार किया जाता है उसे 24 घंटे के अंदर कोर्ट में पेश करना होता है।
दिल्ली पुलिस अक्सर यही करती है। वह किसी व्यक्ति को पड़ोसी राज्यों से गिरफ्तार करके ले आती है और उसे 24 घंटे में दिल्ली की संबंधित कोर्ट में पेश कर देती है। हां अगर किसी गिरफ्तार व्यक्ति को 24 घंटे में दिल्ली में लाकर पेश करना संभव नहीं होता तो उसे संबंधित राज्य की कोर्ट में पेश कर ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाती है।