{"_id":"5f046c4ebd5e9278e2049485","slug":"delhi-covid-care-coach-with-capacity-of-8000-beds-is-all-empty-only-28-patients-admit","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिल्लीः आठ हजार बेड वाले कोविड केयर कोच में महज 28 मरीज भर्ती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिल्लीः आठ हजार बेड वाले कोविड केयर कोच में महज 28 मरीज भर्ती
Tue, 07 Jul 2020 06:06 PM IST
पूजा त्रिपाठी
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Tue, 07 Jul 2020 06:06 PM IST
सार
-रेलवे की तरफ से दिल्ली के नौ स्टेशनों पर कोविड केयर कोच तैनात
विज्ञापन
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दिल्ली के दो स्टेशनों को छोड़कर ट्रेनों की आवाजाही रोक दी गई है। आनंद विहार समेत नौ स्टेशनों पर कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को ध्यान में रख कोविड केयर कोच तैनात किया गया है। डॉक्टरों की टीम भी तैनात है। लेकिन शकूरबस्ती रेलवे शेड को छोड़कर एक भी मरीज को यहां भर्ती नहीं किया गया है।
विज्ञापन
रेलवे ने दिल्ली के लोगो को अतिरिक्त सेवा प्रदान करके के उद्देश्य से राज्य सरकार की मांग पर कोविड केयर सेंटर वाले 503 आईसोलेशन कोच उपलब्ध कराया है। 8048 बेड की सुविधा है, लेकिन इनमें महज 28 बेड का ही इस्तेमाल हो रहा है।
विज्ञापन
उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक राजीव चौधरी ने बताया कि आंनद विहार टर्मिनल, शकूरबस्ती, दिल्ली सराय रौहिल्ला, दिल्ली सफदरजंग, दिल्ली शाहदरा, आदर्श नगर, दिल्ली छावनी, बादली और तुगलकाबाद स्टेशन पर कोविड केयर कोच लगाया गया है।
विज्ञापन
कोच के रख-रखाव के लिए इन स्टेशनों पर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं। साथ ही एमंबुलेंस के सुगम आवागमन के लिए सड़क मार्ग भी उपलब्ध है। आक्सीजन सिलेंडर भी उपलब्ध कराया गया है। यहां से ट्रेन का संचालन भी नहीं किया जा रहा है।
शकूरबस्ती स्थित कोविड केयर सेंटर में अब तक कुल 49 मरीज भर्ती किए गए जिसमें से 21 मरीजों को डिस्चार्ज कर दिया गया है। 28 मरीजों का अभी भी उपचार चल रहा है। खिड़कियों को मच्छर जाली से ढंका गया है और अतिरिक्त पंखे भी लगाए गए हैं। पहले के मुताबिक मौसम भी ठीक हो गया है। लिहाजा ज्यादा गर्मी लगने की संभावना भी कम हो गई है।