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नौकरी के बहाने कराते थे देह व्यापार, मिली सजा

Thu, 10 Jul 2014 10:41 PM IST
Updated Thu, 10 Jul 2014 10:41 PM IST
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two sentanced jail on human trafficing and prostitution

देह व्यापार के लिए लड़कियों की तस्करी के मामले में विशेष सीबीआई अदालत ने जलपाईगुड़ी निवासी आनंद विश्वा उर्फ बिस्वास और श्रीनगर निवासी फारिस शुजा जलाली उर्फ अनूप को चार साल कैद की सजा सुनाई है।

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कोर्ट ने दोनों पर दो-दो हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने 7 जुलाई को आरोपियों को आईटीपी एक्ट के तहत दोषी ठहराया था।

तीस हजारी स्थित विशेष सीबीआई जज जेपीएस मलिक ने बृहस्पतिवार को इमोरल ट्रैफिकिंग प्रिवेंशन एक्ट के तहत सजा सुनाई है।

इन इलाकों की लड़कियां बनती थीं निशाना

two sentanced jail on human trafficing and prostitution

सीबीआई की एंटी ट्रैफिकिंग यूनिट ने छह अगस्त 2012 को दोषियों के खिलाफ चार्जशीट पेश की थी। इसमें कहा गया कि आनंद लड़कियों की तस्करी में शामिल था।

वह नौकरी का झांसा देकर दार्जिलिंग और उत्तर पूर्वी राज्यों से नाबालिग लड़कियों को दिल्ली बुलाता था। इस मामले में भी उसने नौकरी का झांसा देकर लड़की को दिल्ली बुलाया था।

लड़की के दिल्ली आने से पहले ही विश्वा ने उसका जलाली से 40 हजार में सौदा पक्का कर दिया था।

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लड़की बेचने के लिए ली थी पेशगी

two sentanced jail on human trafficing and prostitution

विश्वा के झांसे में आकर लड़की 13 अप्रैल, 2012 को दिल्ली आई थी। सीबीआई की टीम ने उसी दिन दोनों आरोपियों को लाजपत नगर से गिरफ्तार कर पीड़िता को मुक्त करवा लिया था।

लड़की को बेचने के लिए पेशगी के 9,500 रुपये भी सीबीआई ने बरामद कर किया था। जांच में सीबीआई को जलाली के बैंक खाते से 22 लाख रुपये मिले थे। वह इसका कोई हिसाब किताब नहीं दे पाया था।

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