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छात्र के अपहरण में गिरफ्तारी, रुपयों के लेन-देन में दिया वारदात को अंजाम
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
Updated Mon, 26 Sep 2016 12:06 AM IST
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गिरफ्तार आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
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सेक्टर-39 कोतवाली क्षेत्र में बीटेक के छात्र के अपहरण में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य आरोपी फरार है। पूछताछ में पता चला कि रुपयों के लेन-देन को लेकर वारदात को अंजाम दिया गया।
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एक कंसलटेंसी कंपनी के मालिक अवनीश सूर्या ने बिना पढ़े हापुड़ की एक यूनिवर्सिटी से 2.30 लाख रुपये में डिग्री दिलाने का दावा किया था। छात्र ने 70 हजार रुपये भी दे दिए थे, लेकिन बाकी रकम न देने पर कंपनी मालिक और उसके दो दोस्तों ने छात्र का अपहरण कर लिया था।
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आरोपियों ने छात्र को ग्रेटर नोएडा में बंधक बनाकर रखा था और बैंक के माध्यम से 35 हजार रुपये की फिरौती लेने के बाद छात्र को छोड़ दिया था। पुलिस ने आरोपियों से 10 हजार रुपये व रस्सी आदि बरामद की है। मुख्य आरोपी की तलाश है।
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एसपी सिटी दिनेश यादव ने बताया कि मूलत: आजमगढ़ के मुस्ताफाबाद निवासी मदन कुमार यादव यहां सलारपुर गांव में रहता है। उसने 2013 में एनआईईटी कॉलेज में बीटेक में दाखिला लिया था, मगर पहले ही साल वह फेल हो गया।
वह यह बात परिजनों को बताना नहीं चाहता था। एक दोस्त ने उसे ग्रेनो स्थित एक कंसलटेंसी कंपनी के मालिक अवनीश सूर्या का नाम बताया, जो मोनार्ड यूनिवर्सिटी से बिना पढ़े ही डिग्री दिलाने का दावा करता है।
मदन और अशोक नगर, दिल्ली निवासी अवनीश सूर्या के बीच 2.30 लाख रुपये में डिग्री दिलाने का सौदा तय हुआ। मदन ने उसे 70 हजार रुपये दे दिए थे, लेकिन बाकी रकम न देने पर अवनीश ने उसकी मार्कशीट नहीं दी।
इसी बात को लेकर दोनों में पिछले कई माह से विवाद चल रहा था। मदन जब भी मार्कशीट मांगता तो अवनीश उससे रुपये देने की बात कहता। 22 सितंबर को अवनीश ने मदन को फोन कर डिग्री आने की बात कही।
उसने बताया कि वह अपने दोस्तों के साथ डिग्री लेने के लिए ग्रेटर नोएडा जाएगा, इसलिए वह उन्हें जीआईपी मॉल के पास मिल जाए। इसके बाद शाम को अवनीश और उसके दो दोस्त चंपारण (बिहार) के रानीगंज चकिया निवासी अभिषेक और विपुल स्विफ्ट कार में मदन को लेकर ग्रेटर नोएडा स्थित अभिषेक के किराये के मकान पर पहुंचे।
यहां तीनों ने मदन को बंधक बनाया और उसके परिजनों से दो लाख रुपये की फिरौती मांगी। परिजनों ने पुलिस को पूरी जानकारी दी। पुलिस ने छात्र को सकुशल छुड़वाने के लिए फिरौती देने की बात मानने की बात परिजनों से कही।
बाद में आरोपियों के कहने पर परिजनों ने एक बार में 10 हजार और दूसरी बार में 25 हजार रुपये अभिषेक के पिता के बैंक खाते में रुपये डाल दिए। इसके बाद आरोपियों ने छात्र को मुक्त कर दिया।
मदन से सारी जानकारी लेने के बाद पुलिस ने दो आरोपियों-अभिषेक और विपुल को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी अभिषेेक एक यूनिवर्सिटी में बीबीए का, जबकि विपुल एनआईआईटी कॉलेज में बीटेक के छात्र है और ग्रेटर नोएडा में रहते हैं।