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प्रिया मेहरा हत्याकांड: हत्या में किसी दूसरे शख्स के होने की संभावना
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 28 Oct 2017 10:05 AM IST
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प्रिया मेहरा (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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अदालत ने शालीमार बाग इलाके में पत्नी की हत्या करने वाले पंकज मेहरा को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर सौंप दिया। पुलिस इस हत्याकांड में पंकज के किसी साथी के लिप्त होने के मुद्दे पर भी जांच कर रही है। वहीं पुलिस उससे हत्या की साजिश व हत्या में इस्तमाल किए गए हथियार की बरामदगी के बारे में पूछताछ करना चाहती है।
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रोहिणी जिला अदालत के महादंडाधिकारी रविन्द्र सिंह के समक्ष पंकल मेहरा को पेश किया गया। अदालत ने पुलिस के तर्क सुनने के बाद अपने निर्णय में कहा कि आरोपी पर गंभीर आरोप है और मामले की पूछताछ के लिए रिमांड जरूरी है।
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अदालत के समक्ष पुलिस ने दलील दी कि आरोपी पंकज मेहरा ने गलत जानकारी देकर पुलिस को गुमराह किया है। प्रिया मेहरा की हत्या में प्रयोग की गई रिवॉल्वर को बरामद करने के लिए आरोपी से पूछताछ की जानी जरूरी है।
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किसी अन्य के साथ मिल दिया हत्याकांड को अंजाम
शालीमार बाग में महिला की हत्या
- फोटो : अमर उजाला
इसके साथ ही पुलिस ने कहा कि इस वारदात के के बारे में आरोपी ने जो बयान दिए हैं, उनसे हत्या के मकसद का पता नहीं लग सका है। इसलिये पुलिस आरोपी से इस बारे में भी पूछताछ करना चाहती है।
इतना ही नहीं जिस तरीके से वारदात को अंजाम दिया गया, उससे लगता है कि आरोपी ने अपने किसी अन्य साथी के साथ मिलकर इस हत्याकांड को अंजाम दिया। वारदात के सही कारणों और साजिश को ठीक तरीके से जांचने के लिए पुलिस घटनास्थल पर हत्या की फिर से जांच करना चाहती है।
इन सभी तर्कों को आधार बनाते हुए पुलिस ने पंकज मेहरा के पांच दिन के रिमांड की मांग की। वहीं बचाव पक्ष से पंकज मेहरा के वकील सत्यप्रकाश शर्मा ने पुलिस को पांच दिन का रिमांड देने का विरोध करते हुए कहा कि पंकज 24 अक्तूबर से ही पुलिस की हिरासत में था, लेकिन पुलिस ने 26 अक्तूबर को उसकी गिरफ्तारी दिखाई। वकील ने कहा कि उनका मुव्वकिल पहले ही तीन दिन से पुलिस के हिरासत में है। ऐसे में रिमांड न दिया जाए।
इतना ही नहीं जिस तरीके से वारदात को अंजाम दिया गया, उससे लगता है कि आरोपी ने अपने किसी अन्य साथी के साथ मिलकर इस हत्याकांड को अंजाम दिया। वारदात के सही कारणों और साजिश को ठीक तरीके से जांचने के लिए पुलिस घटनास्थल पर हत्या की फिर से जांच करना चाहती है।
इन सभी तर्कों को आधार बनाते हुए पुलिस ने पंकज मेहरा के पांच दिन के रिमांड की मांग की। वहीं बचाव पक्ष से पंकज मेहरा के वकील सत्यप्रकाश शर्मा ने पुलिस को पांच दिन का रिमांड देने का विरोध करते हुए कहा कि पंकज 24 अक्तूबर से ही पुलिस की हिरासत में था, लेकिन पुलिस ने 26 अक्तूबर को उसकी गिरफ्तारी दिखाई। वकील ने कहा कि उनका मुव्वकिल पहले ही तीन दिन से पुलिस के हिरासत में है। ऐसे में रिमांड न दिया जाए।