{"_id":"5957b50e4f1c1bdc398b480a","slug":"police-arrested-two-accused-in-property-dealer-murder-case-in-gurugram","type":"story","status":"publish","title_hn":"7 साल पहले हुए झगड़े का हत्या से लिया बदला, प्रॉपर्टी डीलर को मारी 7 गोलियां","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
7 साल पहले हुए झगड़े का हत्या से लिया बदला, प्रॉपर्टी डीलर को मारी 7 गोलियां
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम
Updated Sun, 02 Jul 2017 10:57 AM IST
विज्ञापन
property dealer murder case
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गुरुग्राम के प्रॉपर्टी डीलर नरेंद्र कटारिया हत्याकांड की जांच के लिए गठित एसआईटी ने शुक्रवार को बड़ी कामयाबी हासिल की है। टीम ने ब्लाइंड मर्डर केस को सुलझाते हुए दो बदमाशों को गिरफ्तार कर चार दिन के रिमांड पर लिया है। पुलिस ने दो आरोपियों शशिकांत एवं अर्जून निवासी बसई को गिरफ्तार कर लिया है। इन आरोपियों से पूछताछ में पुलिस ने हत्या की वजह का भी खुलासा हो गया है। आरोपियों ने खुलासा किया कि सात साल पहले हुई मारपीट का बदला लेने के लिए उन्होंने इस वारदात को अंजाम दिया था।
विज्ञापन
हालांकि, हत्याकांड का मास्टरमांइड सुमित और उसका दोस्त ललित उर्फ मौनी अभी फरार है। पुलिस जल्द ही उनको गिरफ्तार करने की बात कह रही है। इस हत्याकांड के लिए कई ऐसे भी वजह भी सामने आई हैं जिन्हें पुलिस फिलहाल बताने में कतरा रही है।
विज्ञापन
क्या था पूरा मामला?
2010 में आरोपी अर्जुन और सन्नी उर्फ शशिकांत का गुरुग्राम के प्रॉपर्टी डीलर नरेंद्र कटारिया से किसी बात पर झगड़ा हुआ था। उस समय नरेंद्र और उसके साथियों ने दोनों की जमकर पिटाई की थी। तभी से अर्जुन और सन्नी नरेंद्र से बदला लेने की फिराक में थे। इसी बीच सन्नी किसी मामले में जेल चला गया।
विज्ञापन
बीती 30 मई को सन्नी जेल से छूटा और बाहर आते ही नरेंद्र की हत्या की साजिश रच डाली। इसके लिए उसने अपने दोस्तों की मदद ली। 23 जून की रात नरेंद्र बैडमिंटन खेलकर अपने घर लौट रहा था। जैसे ही वह अपनी गाड़ी तक पहुंचा, दोनों आरोपियों ने दो अन्य शार्प शूटर के साथ मिलकर उसपर गोलियां चला दी। नरेंद्र के शरीर पर सात गोलियां लगी। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
नरेंद्र के भाई ने दर्ज कराया था केस
डीसीपी सुमित कुमार ने हत्या के बाद नरेंद्र के भाई ने पुलिस को शक की बिनाह पर दो लोगों के खिलाफ नामजद मामला दर्ज कराया था। लेकिन पुलिस की प्राथमिक जांच में ही इन दोनों आरोपियों का मामले से कोई लेना देना नहीं पाया गया। हालांकि इसी दौरान पता चला कि नरेंद्र की गांव के ही सुमित नामक युवक के साथ हाल ही में झगड़ा हुआ था। इसी बात को लेकर सुमित ने नरेंद्र की हत्या की योजना बनाई और गांव के ही शशिकांत उर्फ सन्नी के अलावा हत्या के मामले में जेल से जमानत पर आए ललित उर्फ मोनी और अर्जुन की मदद से 22 जून को वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस ने शूटर अर्जुन एवं एक अन्य आरोपी शशिकांत को चंदू को गिरफ्तार कर शुक्रवार को अदालत में पेश किया। जहां से दोनों को आगे की पूछताछ के लिए चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। पुलिस ने अर्जून के पास से एक देशी पिस्टल एवं चार जिंदा कारतूस भी बरामद किये है।