नरौरा में मौत का मामला : ‘गहरी साजिश का शिकार हुए हैं मौलवी सलीम और ड्राइवर’
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नवादा के परिवार के साथ बदायूं गए ड्राइवर और मौलवी किसी गहरी साजिश का शिकार हुए हैं। मौलवी की मौत होने के बावजूद उसके खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
वहीं, ड्राईवर का अब तक कुछ पता नहीं चल पाया है। एक दिन पहले मौलवी के परिजनों ने साजिश व हत्या का आरोप लगाया था। अब, लखनावली निवासी परिजनों ने भी ड्राइवर के गहरी साजिश का शिकार होने का अंदेशा बताया है।
गांव लखनावली स्थित ड्राइवर ओमपाल के घर पर लोगों के आनेजाने का सिलसिला जारी है। वहीं, परिवार के लोग सहमे हुए हैं। आठ दिन बाद भी परिजनों को ओमपाल के संबंध में कोई ठोस जानकारी नहीं मिली है।
पुलिस भी उन्हें कोई ठोस जवाब नहीं दे पा रही है और केवल जल्द खुलासे का आश्वासन दिया जा रहा है। परिजनों ने बताया कि उन्होंने स्वयं बदायूं व नरौरा जाकर पड़ताल की है।
नवादा के रिश्तेदार ने बुक कराई थी ईको
बदायूं दरगाह के पास प्रत्यक्षदर्शी ने जानकारी दी थी कि घटना की रात उन्होंने ईको गाड़ी में ड्राईवर ओमपाल व मौलवी सलीमुद्दीन को बेहोशी की हालत में देखा था। दरगाह के मौलवी न ने उनके संबंध में पूछताछ की, तो दोनों को अस्पताल उपचार के लिए ले जाने की जानकारी दी गई।
नवादा के रिश्तेदार ने बुक कराई थी ईको
ओमपाल के परिजनों ने यह भी जानकारी दी है कि ओमपाल की ईको कार लखनावली के ही एक व्यक्ति ने बुक कराई थी, उसकी नवादा में ससुराल है।
घटना की रात 1:30 बजे गाड़ी बुक कराने वाले व्यक्ति के पास नवादा निवासी उसके रिश्तेदार का फोन आया था। इसके बाद उसने परिजनों को जगाकर ओमपाल के बारे में पूछा था, तब परिजनों ने कहा कि गाड़ी बुक कराकर ओमपाल को तुमने ही भेेजा था। इसके बाद वह वहां सेे चला गया।
केस की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द खुलासे का प्रयास किया जा रहा है। अभी किसी के खिलाफ कोर्ई ठोस सबूत नहीं मिला है, जिससे किसी पर कार्रवाई की जा सके। ठोस साक्ष्य जुटाने का प्रयास जारी हैं।- अभिषेक यादव, एसपी देहात