मुनीर ने पांच एसटीएफ कर्मियों को मारी थी गोलियां, बुलेट प्रूफ जैकेट ने बचाई जानें
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डीएसपी तंजील अहमद की हत्या का आरोपी और खतरनाक शार्प शूटर मुनीर ने बिसरख मंदिर के पास मंगलवार सुबह पकड़े जाने से पहले एसटीएफ की टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी।
एक हाथ में पिस्टल और दूसरे हाथ में रिवॉल्वर से गोली चलाते हुए मुनीर ने नौ और उसके साथी अदनान ने तीन गोलियां चलाई थीं। इनमें से एसटीएफ के डीएसपी समेत पांच सदस्यों को गोलियां लगीं थीं। गनीमत थी कि बुलेट प्रूफ जैकेट होने की वजह से इनकी जानें बच सकीं। गोलियां उनकी जैकेट में फंसी रह गईं।
मुनीर को पकड़ने वाली टीम को लीड कर रहे राजकुमार मिश्र ने बताया कि मुनीर जबरदस्त निशानेबाज है। उसने अपने साथियों से कह रखा था कि जिस दिन उसका एनकाउंटर हुआ तो दो-तीन लोगों को अपने साथ ले ही जाएगा।
पूरी टीम बुलेट प्रूफ जैकेट से लैस थी
इसके लिए वह हमेशा एक पिस्टल और दो रिवॉल्वर अपने साथ रखता था। वहीं, एक साथ दोनों हाथों से गोलियां चलाता है और हमेशा बाइक पर पीछे बैठता है। एसटीएफ टीम पहले से उसके बारे में जानकर अलर्ट थी।
इसलिए पूरी टीम बुलेट प्रूफ जैकेट से लैस थी। उस दिन सुबह शाहबेरी वाले रास्ते पर उसके निकलने की सूचना मिली तो एसटीएफ टीम ने घेरा डाल दिया। अचानक से सामने पुलिस देखकर अदनान ने बाइक बाएं हाथ पर कच्चे रास्ते पर उतार दी और मुनीर रिवाल्वर और पिस्टल निकालकर फायर करने लगा। आगे सीवरेज पाइप पड़े होने और मिट्टी में पानी भरा होने के कारण उनकी बाइक फिसल गई।
इस दौरान अदनान ने भी तीन फायर किए। फायरिंग में डीएसपी राजकुमार, राकेश, दुर्ग विजय, फिरोज और अजय को एक-एक गोली लगी। हालांकि, बुलेट प्रूफ जैकेट होने के कारण क्षति होने से बच गईं। हालांकि, एसटीएफ मुनीर को जिंदा पकड़ने की फिराक में थी। इसलिए केवल उनकी ओर से केवल चार राउंड फायरिंग हुई और दोनों बदमाश पकड़े गए।
बदला एके-47 से लेना चाहता था मुनीर
मुनीर सिरफिरा बदमाश था। एसटीएफ से पूछताछ में उसने बताया कि जब वह पांच साल का था तो उसके पड़ोसियों से लड़ाई हुई थी। जिसमें दादी को दूर की रिश्तेदारी में आकिल ने मारपीट और भला-बुरा कहा था। सालों पहले की बात पर वह आकिल और उसके बेटे सिकंदर से इतना नाराज था कि एके-47 की सारी गोलियां मारना चाहता था। वहीं, उसने अपने गुरू आशुतोष मिश्रा से मारपीट करने वाले तलहा की भी जल्द ही हत्या करने की योजना बनाई थी।
दिल्ली के कमला नगर में डेढ़ करोड़ की लूट में उसने 220 सीसी की काली पल्सर का उपयोग किया था। यह लखनऊ में मारे गए नमन वर्मा की बाइक थी। वह अपनी गर्लफ्रेंड से फोन पर बात कर रहा था। जब उसे गोली मारकर बाइक लूट ली थी। वहीं, अलीगढ़ के इंडसइंड बैंक की कैश वैन से 31 और 34 लाख की लूट में भी उसने एक काली पल्सर का उपयोग किया था। वह बाइक पुलिस को अलीगढ़ में मिल गई है।
पकड़े जाने के दौरान एसटीएफ की टीम को पांच गोलियां लगीं थीं। बुलेट प्रूफ जैकेट के कारण क्षति नहीं हुई। अब टीम आगे होने वाले ऑपरेशन में सिर पर भी पहने जाने वाले बुलेट प्रूफ हैट का उपयोग करेंगे - राजकुमार मिश्र, डीएसपी एसटीएफ