बुलंदशहर गैंगरेप का मुख्य आरोपी गिरफ्तार, पीड़िताओं ने की पहचान
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बुलंदशहर गैंगरेप मामले में पुलिस ने दावा किया है कि एनएच-91 पर मां-बेटी से हुई गैंगरेप की घटना के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी के साथ उसके दो साथियों को भी गिरफ्तार किया है।
आरोपी का नाम सलीम बताया जा रहा है। पुलिस ने उसे बावरिया गैंग का सरगना करार दिया है। जानकारी के मुताबिक गैंगरेप पीड़िताओं ने भी आरोपी की शिनाख्त की है।
वहीं पुलिस अब इस मामले पर मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस करेगी। गौरतलब है कि पुलिस इससे पहले भी मामले में तीन आरोपियों को गिरप्तार कर चुकी है। जिनसे पूछताछ जारी है। सूत्रों को मुताबिक जांच के लिए मेरठ आईजी की अगुआई में एक टीम बनाई गई थी। जिसे यह कामयाबी मिली।
हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए अखिलेश सरकार से किया सवाल
इससे पहले आज दुष्कर्म की घटना का हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए इस मामले की सुनवाई की। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने अखिलेश सरकार से जवाब मांगा।
अदालत ने यूपी सरकार से पूछा कि क्यों न इस मामले की सीबीआई जांच कराई जाए। कोर्ट ने कहा कि आप इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया कोर्ट में फाइल कीजिए।
इसके साथ ही कोर्ट ने सरकार से इस मामले में चल रही जांच पर भी 24 घंटे में रिपोर्ट मांगी है।
बता दें कि महिलाओं के प्रति होने वाले अत्याचार की श्रेणी के तहत आपराधिक जनहित याचिका चीफ जस्टिस कोर्ट में पेश मुकदमों की सूची में सीरियल नंबर 45 पर सूचीबद्ध है। मुख्य न्यायाधीश दिलीप बी भोंसले और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की खंडपीठ इस मामले पर सुनवाई कर रही है।
29 जुलाई को एनएच-91 पर हुई थी वारदात
मालूम हो कि 29 जुलाई की रात एक परिवार नोएडा से शाहजहांपुर जा रहा था। बुलंदशहर से गुजर रहे राष्ट्रीय राजमार्ग 91 पर बदमाशों ने परिवार को रोक लिया तथा सभी को बंधक बनाकर मां और चौदह वर्षीया नाबालिग बेटी के साथ गैंगरेप किया गया।
बदमाशों ने पीड़ित परिवार से नकदी लूटने के अलावा महिलाओं के जेवर भी उतरवा लिए थे। घटना से संबंधित रिपोर्ट मीडिया में प्रकाशित होने के बाद अदालत ने इस मामले पर स्वत: संज्ञान लेते हुए पीआईएल के जरिये निगरानी करने का निर्णय लिया है।
इस जघन्य अपराध की गूंज राष्ट्रीय राजमार्ग 91 से संसद तक सुनाई दी। भाजपा, बसपा और कांग्रेस ने संसद के भीतर और बाहर उत्तर प्रदेश सरकार पर जमकर हमला बोला और कानून-व्यवस्था के मामले में नाकाम रहने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के इस्तीफे की मांग की थी।
तुरंत कार्रवाई करते हुए तीन आरोपी पहले किए गए थे गिरफ्तार
घटना के बाद आनन-फानन में डीजीपी जावीद अहमद और प्रमुख सचिव (गृह) देवाशीष पंडा बुलंदशहर पहुंचे थे। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया था और बताया कि ये बावरिया गैंग के हैं।
पीड़ितों ने बदमाशों की पहचान भी कर ली थी। मामले की संवेदनशीलता देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने एसएसपी वैभव कृष्ण, एसपी सिटी, डीएसपी, कंट्रोल रूम प्रभारी सहित सात अधिकारियों-कर्मचारियों को निलंबित भी कर दिया था।
गैंगरेप पर हाईकोर्ट के संज्ञान लेेने से पिता ने जताया संतोष
बुलंदशहर हाईवे गैंगरेप की घटना के बाद पुलिस की लापरवाही के संबंध में हाईकोर्ट के जवाब मांगने पर पीड़िता के पिता ने संतोष जताया है। उन्होंने कहा कि अब जांच में तेजी आएगी और दरिंदे जल्द पकड़े जाएंगे। उधर, रविवार को विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने पीड़िता के पिता से बात की।
आज बयान दर्ज कराएंगी मां-बेटी
दिल्ली-कानपुर नेशनल हाईवे (एनएच-91) पर दरिंदगी का शिकार हुईं मां-बेटी के बयान सोमवार को मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज होंगे। रविवार को खोड़ा पहुंचे विवेचक नगर कोतवाल आरके सिंह के अनुरोध पर गैंगरेप पीड़ित परिवार ने मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराने पर सहमति जताई।