अंकल गंदे हैं,मुझे अब कभी स्कूल नहीं जाना हैं..
गांधी नगर में एक स्कूल के भीतर शनिवार को हैवानियत का शिकार हुई पांच साल की मासूम सहमी हुई है। रविवार दिन भर वह अपनी मां से बस यही शब्द दोहरा रही है। स्कूल का नाम लेते ही वह कांप जाती है। मासूम की हालत से परिजन परेशान हैं।
अभिभावकों ने स्कूल प्रशासन और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।रविवार को इलाज के बाद मासूम को चाचा नेहरू अस्पताल से छुट्टी मिल गई। बच्ची के पिता ने बताया कि वह गांधी नगर में सपरिवार रहते हैं।
उनका सिलाई मशीन ठीक करने का काम है। परिवार में एक नौ साल का बेटा भी है। छात्रा गांधी नगर स्थित टैगोर पब्लिक स्कूल में पहली कक्षा में पढ़ती है। वहीं,आरोपी विकास स्कूल में सिक्योरिटी गार्ड के अलावा टीचर्स को चाय पिलाने और रिक्शा से बच्चों को स्कूल लाने ले जाने का भी काम करता था।
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
शनिवार दोपहर के समय मासूम बच्ची जैसे ही स्कूल के टायलेट में गई आरोपी भी वहां पहुंच गया। उसने वारदात को अंजाम दिया।घटना के बाद मासूम बुरी तरह डर गई। शाम करीब चार बजे बच्ची के प्राइवेट पार्ट से खून बहने लगा तो मां को इसका पता चला।
मां ने तुंरत बच्ची के पिता को इसकी जानकारी दी। इसके बाद उसे चाचा नेहरू अस्पताल ले जाया गया।अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने परिजनों को बताया कि मासूम के साथ दुष्कर्म किया गया है।
मामले की सूचना पुलिस को दी गई। बच्चे से पूछताछ के बाद रात के समय ही आरोपी विकास (38) को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर इस बात का पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी ने कुछ अन्य बच्चों के साथ इससे पहले तो कभी वारदात को अंजाम नहीं दिया।