{"_id":"67eed7d9eb3d85248707f265469aba68","slug":"if-not-save-a-father-to-kill-sister-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पिता न बचाते तो बहन को भी मार डालते","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पिता न बचाते तो बहन को भी मार डालते
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Fri, 16 Oct 2015 12:47 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रिंकू हत्याकांड में पुलिस ने बृहस्पतिवार को हत्यारोपी दीपक और उसकी शादीशुदा बहन काजल को गिरफ्तार कर लिया। ये दोनों रिंकू की प्रेमिका के भाई-बहन हैं। हत्यारोपी भाई संतोष, उसके दो दोस्त सलमान और करण भागे हुए हैं।
पुलिस का दावा है कि आरोपियों की प्लानिंग रिंकू की प्रेमिका( दीपक की बहन) को भी मारने की थी, लेकिन पिता मिश्रीलाल ने उसे बचा लिया और फैजाबाद ले गए।
एसपी सिटी डॉॅ. अजयपाल ने बताया कि 11 अक्तूबर की रात 12:40 बजे तक रिंकू ने मोबाइल पर प्रेमिका से बात की थी। प्रेेमिका ने बताया कि घर में सब सो गए हैं। इसके बाद रिंकू उसके घर चला गया।
ग्राउंड फ्लोर पर रिंकू की प्रेमिका और उसके बुजुर्र्ग पिता अलग-अलग कमरे में थे। प्रेमिका के भाई संतोष और दीपक छत पर सो रहे थे। रात करीब एक बजे संतोष पानी पीने नीचे आया तो बहन के कमरे से कुछ आवाजें सुनकर अंदर चल गया।
विज्ञापन
उसने बहन को रिंकू के साथ देखा तो आग बबूला होकर रिंकू को पीटने लगा। रिंकू भी उससे भिड़ गया। शोर सुनकर दीपक भी छत से नीचे आया और दोनों भाइयों ने रिंकू को परदा टांगने वाले पाइप और डंडे से पीटा।
रिंकू ने उनसे कहा था कि ‘अभी तुम पीट लो, बाद में मैं भी तुम्हें मारूंगा।’ एक बार दोनों के चंगुल से छूटकर रिंकू घर से बाहर भी निकल गया था, लेकिन उसे दोबारा पकड़कर दीपक और संतोष ले आए।
दीपक ने कॉल कर दोस्तों विजयनगर के करण और हैबतपुर के सलमान को भी बुला लिया। उन्होंने मिलकर रिंकू की छाती पर ईंटें मारी, नहीं मरा तो गला घोंट दिया।
दीपक बहन काजल का सिम अपने साथ ले गया था, ताकि वह बहन और परिवार के अन्य सदस्यों से टच में रहे। उसी सिम की लोकेशन ट्रेस कर पुलिस उस तक पहुंची।
बहन की भूमिका: फर्श से हटाए खून के धब्बे
एसपी सिटी ने बताया कि वारदात के बाद सलमान के कहने पर शव को ग्रेटर नोएडा और सुदामापुरी के बॉर्डर के पास नाले में फेंकना तय किया गया।
दीपक ने इसकी सूचना हैबतपुर निवासी शादीशुदा बहन काजल को भी दी, काजल रात में ही ऑटो से अकेले मायके पहुंच गई। काजल ने हत्या के बाद फर्श पर पड़े खून के धब्बे साफ किए।
हंगामे के डर से मोर्चरी पर तैनात रही पुलिस
रिंकू के शव का बृहस्पतिवार दोपहर पोस्टमार्टम हुआ। इसके बाद परिजनों ने शव को हिंडन घाट पर ही अंतिम संस्कार कर दिया। इस दौरान वहां एसपी सिटी ने एहतियातन पुलिस फोर्स तैनात किया था।
रिंकू के भाई अमित ने बताया कि 10 लाख रुपये मुआवजा दिलाए जाने की मांग उन्होंने नहीं की है, किसी बाहरी व्यक्ति ने ऐसा कहा होगा।
विज्ञापन
पुलिस का दावा है कि आरोपियों की प्लानिंग रिंकू की प्रेमिका( दीपक की बहन) को भी मारने की थी, लेकिन पिता मिश्रीलाल ने उसे बचा लिया और फैजाबाद ले गए।
एसपी सिटी डॉॅ. अजयपाल ने बताया कि 11 अक्तूबर की रात 12:40 बजे तक रिंकू ने मोबाइल पर प्रेमिका से बात की थी। प्रेेमिका ने बताया कि घर में सब सो गए हैं। इसके बाद रिंकू उसके घर चला गया।
विज्ञापन
ग्राउंड फ्लोर पर रिंकू की प्रेमिका और उसके बुजुर्र्ग पिता अलग-अलग कमरे में थे। प्रेमिका के भाई संतोष और दीपक छत पर सो रहे थे। रात करीब एक बजे संतोष पानी पीने नीचे आया तो बहन के कमरे से कुछ आवाजें सुनकर अंदर चल गया।
विज्ञापन
उसने बहन को रिंकू के साथ देखा तो आग बबूला होकर रिंकू को पीटने लगा। रिंकू भी उससे भिड़ गया। शोर सुनकर दीपक भी छत से नीचे आया और दोनों भाइयों ने रिंकू को परदा टांगने वाले पाइप और डंडे से पीटा।
रिंकू ने उनसे कहा था कि ‘अभी तुम पीट लो, बाद में मैं भी तुम्हें मारूंगा।’ एक बार दोनों के चंगुल से छूटकर रिंकू घर से बाहर भी निकल गया था, लेकिन उसे दोबारा पकड़कर दीपक और संतोष ले आए।
दीपक ने कॉल कर दोस्तों विजयनगर के करण और हैबतपुर के सलमान को भी बुला लिया। उन्होंने मिलकर रिंकू की छाती पर ईंटें मारी, नहीं मरा तो गला घोंट दिया।
दीपक बहन काजल का सिम अपने साथ ले गया था, ताकि वह बहन और परिवार के अन्य सदस्यों से टच में रहे। उसी सिम की लोकेशन ट्रेस कर पुलिस उस तक पहुंची।
बहन की भूमिका: फर्श से हटाए खून के धब्बे
एसपी सिटी ने बताया कि वारदात के बाद सलमान के कहने पर शव को ग्रेटर नोएडा और सुदामापुरी के बॉर्डर के पास नाले में फेंकना तय किया गया।
दीपक ने इसकी सूचना हैबतपुर निवासी शादीशुदा बहन काजल को भी दी, काजल रात में ही ऑटो से अकेले मायके पहुंच गई। काजल ने हत्या के बाद फर्श पर पड़े खून के धब्बे साफ किए।
हंगामे के डर से मोर्चरी पर तैनात रही पुलिस
रिंकू के शव का बृहस्पतिवार दोपहर पोस्टमार्टम हुआ। इसके बाद परिजनों ने शव को हिंडन घाट पर ही अंतिम संस्कार कर दिया। इस दौरान वहां एसपी सिटी ने एहतियातन पुलिस फोर्स तैनात किया था।
रिंकू के भाई अमित ने बताया कि 10 लाख रुपये मुआवजा दिलाए जाने की मांग उन्होंने नहीं की है, किसी बाहरी व्यक्ति ने ऐसा कहा होगा।