माइक्रोवेव में निकला 26 लाख का सोना
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दुबई से माइक्रोवेव लेकर पहुंचे एक शख्स को इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आप सोच रहे होंगे कि आखिर एक माइक्रोवेव लाने पर किसी को क्यों गिरफ्तार किया जाएगा? असल बात यह है कि उस शख्स को माइक्रोवेव लाने नहीं उसमें 26 लाख का सोना छिपाकर लाने के लिए गिरफ्तार किया गया।
इस तरह इस शख्स ने सोना तस्करी का एक बहुत ही नायाब तरीका ढूंढा था पर आईजीआई पर मौजूद चौकस सुरक्ष घेरे से वह बच न सका और पकड़ा गया। पकड़े गए व्यक्ति ने जो तरीका अपनाया था उसे अगर आप पढ़ेंगे आपको भी इस तरकीब पर जरूर हैरानी होगी।
पहले से शक के घेरे में था स्मगलर
आईजीआई एयरपोर्ट पर तैनात एक कस्टम अधिकारी ने बताया कि दुबई से आने वाले यात्रियों पर पुलिस की हमेशा नजर रहती है। अधिकारी ने आगे बताया कि इस यात्री के बारे में इंटेलीजेंस विभाग की ओर से पहले से सूचना मिली इसलिए उसे ग्रीन चैनल पार करते ही गिरफ्तार कर लिया।
जब उसकी जांच शुरू की गई तो उसके पास या उसके सामान से कुछ नहीं मिला लेकिन वो अपने दुबई जाने की वजह ठीक-ठीक नहीं बता सका। कस्टम अधिकारियों को उसके पास से एक पैक बरामद हुआ, जिसमें दावा किया गया था कि माइक्रोवेव है।
उस पैक को एक्स-रे स्कैनर से स्कैन किया गया तो उसमें कुछ संदिग्ध होने की बात सामने आई। फिर पुलिस ने जब उसकी पूरी तरह से तलाशी ली तो उसमें से सोना बरामद किया गया।
सोने का था माइक्रोवेव का ट्रांसफॉर्मर
अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार किया गया शख्स पहले भी दो बार दुबई के छोटे-छोटे दौरे कर चुका है। इस बार वह तीसरी दफे गया था और पुलिस इस तरह लगातार दुबई जाने वालों पर हमेशा नजर रखती है। पूछताछ के दौरान पकड़े गए शख्स ने बताया कि वह अपने एक रिश्तेदार से मिलने गया था पर वह रिश्तेदार का नाम पुलिस को नहीं बता सका।
कस्टम अधिकारी ने आगे बताया कि जब उन्होंने माइक्रोवेव को खोला तो वह विश्वास नहीं कर सके कि माइक्रोवेव का ट्रांसफॉर्मर सोने का बना हुआ था। अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने पहली बार इस तरह की तस्करी देखी है।
पहले पकड़े गए थे सोने के स्टेपलर पिन
यह पहली बार नहीं है कि इस तरह से एयरपोर्ट से सोना पकड़ा गया हो। इससे पहले जून में एक स्मगलर सोने के स्टेपलर पिन ले जाते वक्त पकड़ा गया था जिसकी कीमत 20 लाख रुपए थी और जिसका वजन लगभग 750 ग्राम था।
कस्टम ने इस केस को लेकर सोने की तस्करी पर एक केस स्टडी की थी। इस केस स्टडी में स्मगलर किन-किन तरीकों से कस्टम से बचकर सोना देश में लाते हैं इसके बारे में अध्ययन किया गया था।
इस केस स्टडी के बाद इंटेलीजेंस एजेंसी ने अपने साथी अधिकारियों को एक सर्कुलर जारी किया, जिसमें स्मगलिंग के नए तरीके बताए गए हैं। एक उच्च अधिकारी ने अपने कर्मियों की तारीफ में कहा कि यह उनके सुरक्षाकर्मियों की काबिलियत है कि वह स्टेपलर पिन और माइक्रोवेव तक में से सोना खोजने में कामयाब रहते हैं।