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नोएडा में नाम बदल कर रह रहा था पचास हजार का ईनामी नक्सल कमांडर
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
Updated Thu, 29 Mar 2018 10:23 AM IST
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नक्सली एरिया कमांडर सुधीर कुमार भगत
- फोटो : राजन राय
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बीटेक छात्र से नक्सली (माओवादी) एरिया कमांडर बने 50 हजार रुपये के इनामी सुधीर कुमार भगत को नोएडा की थाना सेक्टर-20 पुलिस ने सोमवार देर रात गिरफ्तार किया। सुधीर उत्तर बिहार व उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाके में सक्रिय पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) से जुड़ा था।
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संगठन का पश्चिमी बंगाल, छत्तीसगढ़ व झारखंड तक नेटवर्क है।वह चार साल से नोएडा के हरौला गांव में पत्नी, छह माह के बच्चे, बहन और जीजा के साथ पहचान बदलकर रह रहा था।
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सुधीर (25) मूलरूप से बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के थाना देवरिया अंतर्गत महोब्बतपुर गांव का रहने वाला है। उसके पिता का नाम रामदेव भगत है। हरौला गांव में वह चार साल से आदित्य कुमार के नाम से रहकर मजदूरी कर रहा था।
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32 बोर की एक पिस्टल और बीटेक कॉलेज का पहचान पत्र मिला
बरामद पिस्तौल
- फोटो : राजन राय
उसके पास से बरामद फर्जी पहचान पत्र में पिता का नाम साधूशरण भगत निवासी जाफरपुर असली थाना पाऊ मुजफ्फरपुर बिहार दर्ज है। साथी मजदूर उसे बहुत मेहनती और ताकतवर होने के कारण लोहा सिंह के नाम से भी बुलाते थे।
पुलिस को आरोपी के पास से .32 बोर की एक पिस्टल, पांच कारतूस, फर्जी आधार कार्ड और बीटेक कॉलेज का पहचान पत्र मिला है।हालांकि, आरोपी के पास से पुलिस को नक्सलियों द्वारा प्रयोग किया जाने वाला कोई साहित्य या पंफलेट बरामद नहीं हुआ है।
एसएसपी डॉ. अजयपाल शर्मा ने बताया कि आरोपी पुलिस से बचने के लिए यहां पर साहित्य या पंफलेट नहीं रखता था। बिहार जाकर वह साहित्य बांटता था। इसके लिए उसने अपने जिले के प्रत्येक गांव में पांच-पांच लोगों का संगठन बना रखा है। ये लोग नक्सली साहित्य बांटने के साथ लोगों को संगठन से जोड़ने का काम करते हैं।
पुलिस को आरोपी के पास से .32 बोर की एक पिस्टल, पांच कारतूस, फर्जी आधार कार्ड और बीटेक कॉलेज का पहचान पत्र मिला है।हालांकि, आरोपी के पास से पुलिस को नक्सलियों द्वारा प्रयोग किया जाने वाला कोई साहित्य या पंफलेट बरामद नहीं हुआ है।
एसएसपी डॉ. अजयपाल शर्मा ने बताया कि आरोपी पुलिस से बचने के लिए यहां पर साहित्य या पंफलेट नहीं रखता था। बिहार जाकर वह साहित्य बांटता था। इसके लिए उसने अपने जिले के प्रत्येक गांव में पांच-पांच लोगों का संगठन बना रखा है। ये लोग नक्सली साहित्य बांटने के साथ लोगों को संगठन से जोड़ने का काम करते हैं।
50 हजार का इनामी था
एसएसपी डॉ. अजयपाल शर्मा व गिरफ्तार नक्सली एरिया कमांडर सुधीर कुमार भगत
- फोटो : राजन राय
सुधीर ने वर्ष 2012 में गाजियाबाद के एक कॉलेज में बीटेक में वास्तविक नाम से दाखिला लिया था। वर्ष 2013 में उसने बीटेक छोड़ दी और बिहार में सक्रिय नक्सली, अनिल राम के संगठन में शामिल हो गया। बिहार पुलिस को 19 बड़े मामलों में उसकी तलाश थी। अनिल राम को बिहार एसटीएफ 18 मार्च 2018 को मुजफ्फरपुर में गिरफ्तार कर चुकी है।
एसएसपी ने बताया कि छह मार्च 2018 को ही बिहार पुलिस ने उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। बिहार पुलिस को नक्सली कमांडर के पकड़े जाने की सूचना दे दी गई है।
बिहार पुलिस, बिहार एटीएस, यूपी एटीएस समेत राज्य व केन्द्र स्तर की कई खुफिया एजेंसियां उससे पूछताछ कर जांच में जुट गई हैं। अब तक की पूछताछ में सुधीर भगत ने अपने और किसी साथी के नोएडा या एनसीआर में छिपे होने की जानकारी नहीं दी है। हालांकि, पुलिस इस दिशा में जांच कर रही है।
एसएसपी ने बताया कि छह मार्च 2018 को ही बिहार पुलिस ने उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। बिहार पुलिस को नक्सली कमांडर के पकड़े जाने की सूचना दे दी गई है।
बिहार पुलिस, बिहार एटीएस, यूपी एटीएस समेत राज्य व केन्द्र स्तर की कई खुफिया एजेंसियां उससे पूछताछ कर जांच में जुट गई हैं। अब तक की पूछताछ में सुधीर भगत ने अपने और किसी साथी के नोएडा या एनसीआर में छिपे होने की जानकारी नहीं दी है। हालांकि, पुलिस इस दिशा में जांच कर रही है।