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मासूम छात्र को महिला शिक्षक ने इतना पीटा कि हो गई उसकी मौत
ब्यूरो, अमर उजाला, नोएडा
Updated Sun, 23 Jul 2017 11:26 PM IST
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नोएडा के फेज-थ्री कोतवाली क्षेत्र के चोटपुर कॉलोनी निवासी पांच वर्षीय बच्चे की इलाज के दौरान रविवार को चाइल्ड पीजीआई में मौत हो गई। परिजनों ने महिला शिक्षक पर बच्चे को पीटने का आरोप लगाया है। वहीं, परिजनों ने चाइल्ड पीजीआई के डॉक्टरों पर भी बिना पैसे के इलाज नहीं करने का आरोप लगाया है। परिजनों ने शिक्षक के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी है।
मूलरूप से फर्रुखाबाद निवासी अशोक कुमार नोएडा मेें चोटपुर कॉलोनी निवासी में रहते हैं और एक्सपोर्ट कंपनी में काम करते हैं। उनका बेटा सत्यम और बेटी कामिनी चोटपुर कॉलोनी के एक पब्लिक स्कूल में पढ़ते हैं। उन्होंने छोटे बेटे आयुष (5) का भी इसी स्कूल में यूकेजी में दाखिला सात दिन पहले कराया था।
अशोक का आरोप है कि 19 जुलाई को पहली बार आयुष को स्कूल भेजा गया था, उसी दिन शिक्षक ने उसे पीटा था। इस बात की शिकायत बच्चे ने घर आकर की थी। 20 जुलाई को बच्चे ने स्कूल जाने से मना कर दिया और सिर में दर्द बताने लगा। बच्चे के सिर में सूजन आ गई थी। सुबह उसे चाइल्ड पीजीआई में भर्ती कराने ले आए, लेकिन अस्पताल के चिकित्सकों ने रुपये न होने से बच्चे का ठीक से इलाज नहीं किया।
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इस पर वह बच्चे को अस्पताल से बाहर ले आए। उन्होंने किसी तरह 1100 रुपये उधार लिए और बच्चे को कुछ घंटे बाद ही फिर से चाइल्ड पीजीआई में दाखिल करा दिया, लेकिन इलाज के दौरान रविवार सुबह साढे़ पांच बजे बच्चे ने दम तोड़ दिया। अशोक का आरोप है कि यदि समय से बच्चे का इलाज हो जाता तो उसकी जान न जाती।
बच्चे के इलाज में कोई लापरवाही नहीं बरती गई है और रुपये मांगने का आरोप निराधार है। महज सरकारी फीस जमा करने के लिए कहा गया था। न्यूरोलॉजिस्ट इलाज कर रहे थे और बच्चे के दिमाग में सूजन थी। उसी कारण बच्चे को दौरे पड़ रहे थे और जिससे वह बेहोश हो रहा था।
- डॉ. डीके सिंह, सीएमएस चाइल्ड पीजीआई
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्चे के सिर पर चोट का कोई निशान नहीं आया है और मौत का कारण भी स्पष्ट नहीं हो पाया है। बिसरा सुरक्षित रख लिया है और उसे लैब में जांच के लिए भेजा जाएगा।
- अरुण कुमार सिंह, एसपी सिटी
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मूलरूप से फर्रुखाबाद निवासी अशोक कुमार नोएडा मेें चोटपुर कॉलोनी निवासी में रहते हैं और एक्सपोर्ट कंपनी में काम करते हैं। उनका बेटा सत्यम और बेटी कामिनी चोटपुर कॉलोनी के एक पब्लिक स्कूल में पढ़ते हैं। उन्होंने छोटे बेटे आयुष (5) का भी इसी स्कूल में यूकेजी में दाखिला सात दिन पहले कराया था।
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अशोक का आरोप है कि 19 जुलाई को पहली बार आयुष को स्कूल भेजा गया था, उसी दिन शिक्षक ने उसे पीटा था। इस बात की शिकायत बच्चे ने घर आकर की थी। 20 जुलाई को बच्चे ने स्कूल जाने से मना कर दिया और सिर में दर्द बताने लगा। बच्चे के सिर में सूजन आ गई थी। सुबह उसे चाइल्ड पीजीआई में भर्ती कराने ले आए, लेकिन अस्पताल के चिकित्सकों ने रुपये न होने से बच्चे का ठीक से इलाज नहीं किया।
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इस पर वह बच्चे को अस्पताल से बाहर ले आए। उन्होंने किसी तरह 1100 रुपये उधार लिए और बच्चे को कुछ घंटे बाद ही फिर से चाइल्ड पीजीआई में दाखिल करा दिया, लेकिन इलाज के दौरान रविवार सुबह साढे़ पांच बजे बच्चे ने दम तोड़ दिया। अशोक का आरोप है कि यदि समय से बच्चे का इलाज हो जाता तो उसकी जान न जाती।
बच्चे के इलाज में कोई लापरवाही नहीं बरती गई है और रुपये मांगने का आरोप निराधार है। महज सरकारी फीस जमा करने के लिए कहा गया था। न्यूरोलॉजिस्ट इलाज कर रहे थे और बच्चे के दिमाग में सूजन थी। उसी कारण बच्चे को दौरे पड़ रहे थे और जिससे वह बेहोश हो रहा था।
- डॉ. डीके सिंह, सीएमएस चाइल्ड पीजीआई
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्चे के सिर पर चोट का कोई निशान नहीं आया है और मौत का कारण भी स्पष्ट नहीं हो पाया है। बिसरा सुरक्षित रख लिया है और उसे लैब में जांच के लिए भेजा जाएगा।
- अरुण कुमार सिंह, एसपी सिटी