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खोजे जा रहे हैं मिलावटखोरों के ठिकाने
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
Updated Sun, 23 Oct 2016 12:06 AM IST
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त्योहार नजदीक आते ही जेवर व आसपास के देहात क्षेत्र में मिलावटखोरों ने डेरा डाल दिया है। पूर्व में यहां से भारी मात्रा में मिलावटी दूध व खोया पकड़ा जाता रहा है। बताया गया है कि इस समय जेवर व रबूपुरा क्षेत्र में मिलावटी मावा, मिठाई, पनीर, देशी घी, दूध व दूध से बनने वाले खाद्य पदार्थों में जमकर मिलावट की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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जानकारों के मुताबिक पानी में डिटर्जेंट पाउडर, तरल जैल, रिफाइंड, मोबिल ऑयल, एसेंट पाउडर मिलाकर आसानी से सिंथेटिक दूध तैयार किया जा रहा है। वहीं यूरिया का घोल बनाकर उसमें पाउडर डालकर भी दूध तैयार किया जा रहा है और इसमें चिकनाहट लाने के लिए रिफाइंड व मोबिल ऑयल का इस्तेमाल किया जाता है।
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वहीं असली दूध में सिंथेटिक दूध व सेखता कागज डालकर मावा व पनीर आसानी से तैयार किया जाता है। चिकनाहट लाने के लिए रिफाइंड व मोबिल ऑयल का इस्तेमाल किया जाता है।
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इसी तरह घी बनाने के लिए पशु की चर्बी का इस्तेमाल किया जाता है। दिल्ली, नोएडा, गुड़गांव व गाजियाबाद में आसानी से यह माल खपने के चलते यहां मिलावट का बाजार जोरों पर रहता है।
मिलावटखोरों के ठिकानों की पहचान की जा रही है। खाद्य पदार्थों में किसी तरह की मिलावट बर्दाश्त नही की जाएगी। मिलावटखोरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश फूड इंस्पेक्टर को दिए गए हैं। दूध या दूध से बनने वाले खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों को बक्शा नहीं जाएगा।-विवेक कुमार श्रीवास्तव, एसडीएम जेवर