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कैट का सुझाव, कोरोनावायरस से बचने के लिए पॉलिमर नोट शुरू करे केंद्र
Thu, 12 Mar 2020 04:42 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 12 Mar 2020 04:42 AM IST
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कोरोनावायरस के संक्रमण और जालसाजी से बचने के लिए कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने केंद्र सरकार को पॉलिमर नोट शुरू करने का सुझाव दिया है। कैट ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। इसके अलावा प्रधानमंत्री से डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए देशव्यापी अभियान शुरू करने की भी बात कही है।
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कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी भरतिया व राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा। उन्होंने लिखा है कि कोरोनावायरस और विभिन्न बीमारियों के चलते संक्रमण वाला नोट आगे बढ़ने में सबसे अधिक खतरा रहता है, क्योंकि भारत में पेपर (कागज) करेंसी का प्रयोग होता है।
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यदि सरकार पेपर करेंसी की बजाय पॉलिमर नोट शुरू करती है तो इन संक्रमण से बचा जा सकता है। सरकार बेशक आम लोगों को कोरोनावायरस से बचने के लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चला रही है, जोकि काबिलेतारीफ है, लेकिन पेपर करेंसी के चलते संक्रमण आगे बढ़ने की संभावना रहती है।
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खंडेलवाल के मुताबिक, पॉलिमर नोट सिंथेटिक पॉलिमर से बनाया जाता है, इसे बाइक्सियाली ओरिएंटेड पॉलीप्रोपाइलीन (बीओपीपी) कहते हैं। ऐसे नोट में कई सुरक्षा विशेषताएं होती हैं, जोकि पेपर नोट में उपलब्ध नहीं है।
इन नोटों में वायरस या संक्रमण के जाने का जोखिम बेहद कम है। यह खराब हो जाएं तो इनका पुनर्नवीनीकरण किया जा सकता है। इससे पर्यावरण को भी कम नुकसान होता है।
यह कागज के नोट की तुलना में अधिक चलता है। इसके अलावा जालसाजी होने का खतरा भी कम रहता है। यही कारण है कि दुनिया के अधिकतर छोटे-बड़े देश इस तकनीक को अपना रहे हैं।