दिल्ली में फिर से चल सकेंगे बीएस-3 वाहन, बस पूरी करनी होगी दो शर्तें
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राजधानी में 31 मार्चल 2017 तक खरीदे गए बीएस-3 वाहनों के पंजीकरण का दरवाजा फिर खुल गया है। दिल्ली परिवहन विभाग ने कड़ी शर्तों के साथ सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर पंजीकरण की खिड़की खोल दी है।
दिल्ली परिवहन विभाग ने सभी मोटर लाइसेंसिंग ऑफिसर (एमएलओ) को निर्देश जारी करके बीएस-3 वाहनों के पंजीकरण करने के साथ जांच की शर्तों को पूरा करने को भी कहा है।
परिवहन विभाग के आदेश की पहली शर्त है कि 31 मार्च तक खरीदे गए सीर्फि उन्हीं बीएस-3 वाहनों का पंजीकरण हो जो ऐसे डीलर्स के यहां से खरीदे गए होंगे, जिसके पास ऑनलाइन सेल्फ रजिस्ट्रेशन का अधिकार नहीं होगा।
अगर डीलर्स के पास ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा है, तो उसके वहां से बेचे गए बीएस-3 वाहनों का पंजीकरण नहीं किया जत्रएगा। उसके साथ खरीजददार को सभी प्रमाण देने होंगे की उसने यह वाहन 31 मार्च 2017 तक या इससे पहले खरीदा है।
ये है दूसरी शर्त
दूसरी शर्त है कि वाहन खरीददार ने अगर 31 मार्च त वाहन खरीद लिया था तो उसे ऑनलाइन इंश्योरेंस प्रीमियम जमा किया है तो उसकी स्लिप दिखानी होगी। स्लिप में खरीददार का नाम ही होना चाहिए।
अगर उसने ऐसा नहीं किया है उसके पास मैनुअल रसीद है तो वह तभी मान्य होगा जब इंश्योरेंस करने वाली संबंधित एजेंसी उसे प्रमाणित करेगी। सिर्फ इनवायस या डीलर्स की रसीद दिखाकर उसका पंजीकरण नहीं कराया जा सकेगा।
सभी एमएलओ (मोटर लाइसेंसिंग ऑफिसर) को साफ कहा गया है कि वह सभी केस के वाहनों की व्यक्तिगत रूप से जांच करेंगे। उसका रिकॉर्ड भी मेंटेन करेंगे। यह सुनिश्चित करेंगे की जिन नियमों व शर्तों का हवाला दिया गया है वह सभी पूरे हो रहे है।
मालूम हो कि देशभर में 1 अप्रैल 2017 से बीएस-3 वाहनों के पंजीकरण पर रोक है। 31 मार्च 2017 तक खरीदे गए वाहनों का ही पंजीकरण हो सकता है। मगर बहुत से लोगों ने यह शिकायत थी कि उन्होंने 31 मार्च तक वाहन खरीद लिए थे लेकिन पंजीकरण नहीं हो रहा है, जिसके बाद परिवहन विभाग ने उन्हें फिर से शर्तों के साथ पंजीकरण कराने का मौका दिया है।