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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   BJP councilor furious over officials' attitude; questions raised regarding pollution and responses to queries.

Delhi NCR News: अधिकारियों के रवैये पर भड़के भाजपा पार्षद, प्रदूषण और सवालों के जवाब पर उठे सवाल

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 01 Sep 2026 07:10 PM IST
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स्थायी समिति की बैठक में पौधे नहीं मिलने से लेकर अधूरी जानकारी देने तक पर जताई नाराजगी, अध्यक्ष ने अधिकारियों को दी सख्त चेतावनी
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। एमसीडी की स्थायी समिति की मंगलवार को हुई बैठक में अधिकारियों के रवैये को लेकर सत्ता पक्ष भाजपा के पार्षदों ने जमकर नाराजगी जताई। पार्षदों ने आरोप लगाया कि अल्पकालिक प्रश्नों के जवाब में अधिकारी गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं और कई मामलों में पूरी जानकारी भी उपलब्ध नहीं कराई जा रही। समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए साफ कहा कि इस तरह का रवैया बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
भाजपा पार्षद हेमचंद्र गोयल ने जलजनित बीमारियों से जुड़े अल्पकालिक प्रश्न का संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अधिकारियों से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि बीमारियां बढ़ रही हैं, ऐसे में उनकी रोकथाम के लिए निगम की ओर से की जा रही कार्रवाई और आंकड़ों की पूरी जानकारी पार्षदों को मिलनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों पर महत्वपूर्ण जानकारी छिपाने का आरोप लगाया।
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स्थायी समिति के उपाध्यक्ष सत्यपाल सिंह ने संपत्ति कर विभाग से जुड़े प्रश्न का जवाब नहीं मिलने का मुद्दा उठाया। इस पर सत्या शर्मा ने निगम सचिव से सवाल किया कि अल्पकालिक प्रश्न लगाने की वर्षों पुरानी व्यवस्था को खत्म करने की कोशिश क्यों की जा रही है। उन्होंने निगम सचिव कार्यालय के अधिकारियों को अपना व्यवहार सुधारने की चेतावनी दी। सत्यपाल सिंह ने एक निगमकर्मी डॉक्टर की कार्यशैली पर भी सवाल उठाते हुए उनकी अस्पताल में नियुक्ति को लेकर आपत्ति जताई।
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प्रदूषण की तैयारी पर भी घेरा
बैठक में दिल्ली के सर्दियों के प्रदूषण को लेकर भी एमसीडी की तैयारियों पर सवाल उठे। भाजपा पार्षद शशि यादव ने कहा कि प्रदूषण रोकने के लिए हरियाली बढ़ाना जरूरी है, लेकिन पार्षदों को पौधे तक उपलब्ध नहीं कराए जा रहे। उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण के लिए केंद्र से मिले फंड का इस्तेमाल नहीं होने का मुद्दा भी उठाया। निगम आयुक्त संजीव खिरवार ने प्रदूषण के स्रोतों और उनकी रोकथाम के लिए की जा रही कार्रवाई की रिपोर्ट पेश की। इसमें सड़क की धूल, निर्माण और ध्वस्तीकरण, खुले में कचरा जलाने तथा हरित क्षेत्र बढ़ाने के उपायों का ब्योरा दिया गया। हालांकि, समिति अध्यक्ष और पार्षदों ने रिपोर्ट पर सवाल उठाए। सत्या शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रदूषण नियंत्रण केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि जमीन पर भी कार्रवाई दिखाई दे।
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