{"_id":"69e479e1843b655896036839","slug":"arvind-kejriwal-will-appear-in-the-high-court-on-monday-2026-04-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Excise Policy Case: दिल्ली हाईकोर्ट में सोमवार को फिर पेश होंगे केजरीवाल, सौरभ भारद्वाज ने दी ये जानकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Excise Policy Case: दिल्ली हाईकोर्ट में सोमवार को फिर पेश होंगे केजरीवाल, सौरभ भारद्वाज ने दी ये जानकारी
Sun, 19 Apr 2026 12:14 PM IST
Vijay Singh Pundir
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vijay Singh Pundir
Updated Sun, 19 Apr 2026 12:14 PM IST
विज्ञापन
अरविंद केजरीवाल
- फोटो : x/aap
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल सोमवार को आबकारी नीति मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होंगे। आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने इस बात की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि कल सुबह 10:30 बजे केजरीवाल एक बार फिर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत के सामने पेश होंगे।
विज्ञापन
इससे पहले गुरुवार को अरविंद केजरीवाल हाईकोर्ट में वीडियो कान्फ्रेंस के जरिए पेश हुए थे। अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति स्वर्णा कांता शर्मा पर शराब नीति मामले में सीधा हितों का टकराव का आरोप लगाते हुए गुरुवार को अतिरिक्त हलफनामा दाखिल कराया। न्यायमूर्ति शर्मा ने रजिस्ट्री को हलफनामा रिकॉर्ड पर लेने का निर्देश दिया। स्पष्ट किया कि वे फैसला सुनाए जाने के बाद मामले को दोबारा नहीं खोल रही हैं। कोर्ट ने 13 को फैसला सुरक्षित रख लिया था।
विज्ञापन
हलफनामे में केजरीवाल ने दावा किया कि न्यायमूर्ति शर्मा के बच्चे केंद्र सरकार के एमपैनल्ड वकील हैं, जिन्हें सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के जरिये काम मिलता है। मेहता सीबीआई की ओर से पेश हो रहे हैं। केजरीवाल ने कहा, यह 'डायरेक्ट कॉन्फ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट' है, जिससे उनकी रिक्यूजल (खुद को मामले से अलग करने) की मांग और मजबूत हो गई है।
विज्ञापन
आरटीआई दस्तावेजों का हवाला देते हुए केजरीवाल ने कहा कि न्यायमूर्ति के बेटे को 2023 में 2,487, 2024 में 1,784 और 2025 में 1,633 मामले आवंटित किए गए। उन्होंने कहा कि ये तथ्य रिक्यूजल याचिका दाखिल करने के बाद उनके संज्ञान में आए। केजरीवाल ने 13 अप्रैल को भी जज पर कई आपत्तियां जताई थीं।
जज रिक्यूजल मामला
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने रिक्यूजल का विरोध किया और केजरीवाल पर मानहानि तथा अवमानना की कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि बिना आधार के रिक्यूजल स्वीकार करने से खराब मिसाल बनेगी।