CBI और आयकर विभाग के बाद ईडी के रडार पर यादव सिंह
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नोएडा प्राधिकरण के निलंबित चीफ इंजीनियर यादव सिंह मामले की जांच शुरू कर दी है। पहली बार निदेशालय का पत्र नोएडा प्राधिकरण को आया है, जिसमें यादव सिंह और उनके परिजनों के नाम दर्ज संपत्तियों व 24 कंपनियों की डिटेल मांगी गई है।
सूत्रों ने बताया कि प्रवर्तन निदेशालय के लखनऊ स्थित जोनल दफ्तर से मंगलवार को नोएडा प्राधिकरण को पत्र मिला है। निदेशालय ने यादव सिंह और उनके चार परिजनों के नाम पर दर्ज संपत्तियों का ब्योरा तत्काल उपलब्ध कराने को कहा है।
इसके अलावा ईडी ने 24 कंपनियों की नाम सहित सूची बनाकर दी है। इन कंपनियों को जमीन आवंटन से लेकर अब तक हुए ट्रांसफर का पूरा ब्योरा भी शीघ्र देने को कहा है। इन कंपनियों में यादव सिंह और उनके परिजनों के शेयर होने की आशंका है।
निदेशालय की तरफ से पहली बार प्राधिकरण को पत्र मिला
इससे पहले आयकर व सीबीआई की तरफ से ही यादव सिंह से जुड़े तमाम ब्योरा मांगे जाते रहे हैं। ये एजेंसियां इंजीनियरिंग सेल के अलावा संस्थागत, व्यावसायिक, ग्रुप हाउसिंग और आवासीय भूखंड विभागों से हुए आवंटनों का ब्योरा पहले ही ले चुकी हैं।
इसके अलावा यादव सिंह को अब तक मिले वेतन और बोर्ड बैठकों का ब्योरा भी प्राधिकरण इनको भेज चुका है। निदेशालय की तरफ से पहली बार प्राधिकरण को पत्र मिला है। ईडी किसी मामले की जांच तब शुरू करता है जब उसमें मनी लॉन्ड्रिंग की आशंका हो।
आयकर की रिपोर्ट से ईडी को जरूर कुछ आधार मिले हैं, जिससे अब निदेशालय से सीधी जांच शुरू हुई है। उधर, ईडी का पत्र मिलते ही प्राधिकरण ने ब्योरा जुटाना शुरू कर दिया है। प्राधिकरण के मुताबिक प्रवर्तन निदेशालय की तरफ से मांगा गया ब्योरा सीबीआई को पहले ही भेजा गया है, इसलिए ईडी को रिपोर्ट भेजने में ज्यादा समय नहीं लगेगा।