एजुकेशन एक्सपर्ट की सलाह, कॉलेज नहीं बल्कि अपनी पसंद के विषय को प्राथमिकता दें छात्र
- दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रवेश प्रक्रिया 20 जून से है शुरू, 18 जुलाई आवेदन की अंतिम तारीख
- CBSE बोर्ड में 90 फीसदी से अधिक अंक लाने वाले छात्रों की संख्या 1,57,934, पिछले वर्ष यह संख्या थी 94,299
- 95 फीसदी से अधिक अंक लाने वाले छात्रों की संख्या 38,686, गत वर्ष यह संख्या 17,690 थी
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विस्तार
सीबीएसई बोर्ड के रिजल्ट आने के पहले ही 2.50 लाख से ज्यादा छात्र दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन कर चुके हैं। इस बार के रिजल्ट में हाई स्कोर करने वाले छात्रों की संख्या पिछले वर्ष के मुकाबले दोगुने के करीब है।
इसे देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि इस वर्ष प्रवेश के लिए ऊंची कटऑफ तय किए जाएंगे। लेकिन विशेषज्ञों की सलाह है कि छात्रों को किसी कॉलेज विशेष में एडमिशन के पीछे नहीं भागना चाहिए। इसकी बजाय उन्हें अपनी रूचि के विषय के अध्ययन को प्राथमिकता देनी चाहिए।
लेडी इरविन कॉलेज में डिपार्टमेंट ऑफ एजुकेशन की हेड प्रोफेसर रेनू मालवीय ने कहा कि ऊंचे कॉलेज में एडमिशन के चक्कर में कई बार छात्र अपना मनपसंद विषय छोड़ दूसरे विषयों का अध्ययन करने लगते हैं। लेकिन उनके करियर की दृष्टि से यह सही निर्णय नहीं होता है।
उनकी सलाह है कि छात्रों को उन्हीं विषयों का अध्ययन करना चाहिए, जिनमें उनकी रूचि हो। ऐसे विषयों की पढ़ाई उन्हें भविष्य में ज्यादा सफलता देती है।
नार्थ कैंपस छात्रों की पहली पसंद
दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ने आने वाले छात्रों की पहली पसंद नार्थ कैंपस होता है। यहां सेंट स्टीफेंस कॉलेज, हिंदू कॉलेज, रामजस कॉलेज, किरोड़ीमल कॉलेज, हंसराज कॉलेज छात्रों के बीच बहुत लोकप्रिय हैं।
राजनीति विज्ञान की पढ़ाई के मामले में हिंदू कॉलेज को सर्वश्रेष्ठ माना जाता है, तो कंप्यूटर साइंस में अपना भविष्य बनाने वाले छात्रों के लिए हंसराज एक मात्र विकल्प दिखाई पड़ता है।
महिला छात्रों की पहली पसंद लेडी श्रीराम कॉलेज होता है। इस कॉलेज से देश-दुनिया की कई बड़ी हस्तियों ने पढ़ाई की है। यही कारण है कि महिलाओं के बीच यह कॉलेज बहुत लोकप्रिय है।
इसके आलावा दौलतराम कॉलेज और मिरांडा हाउस कॉलेज भी बहुत प्रसिद्ध हैं।
आज के व्यापार प्रधान युग में कॉमर्स की पढ़ाई छात्रों की प्राथमिकता में रहती है। कॉमर्स की पढ़ाई छात्रों के लिए अनेक करियर विकल्प प्रदान करती है। यही कारण है कि छात्र इसे हमेशा सर्वश्रेष्ठ कॉलेज से पढ़ने की कोशिश करते हैं।
अगर दिल्ली विश्वविद्यालय में कॉमर्स की पढ़ाई की बात करें, तो श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स उनकी पहली पसंद होता है।
ऊंची रहे कटऑफ
कॉमर्स की पढ़ाई के लिए विख्यात श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स ने एक वर्ष में अपनी पहली कटऑफ 100 फीसदी निर्धारित कर दी थी। इसे लेकर काफी चर्चा हुई थी, लेकिन सच्चाई यही है कि देशभर से सर्वश्रेष्ठ छात्रों को आकर्षित करने वाली दिल्ली यूनिवर्सिटी में ऊंचे कट ऑफ के बाद ही प्रवेश मिलता है।
पिछले वर्ष हिंदू कॉलेज में पॉलिटिकल साइंस के लिए पहली कट ऑफ 99 फीसदी थी। लेडी श्रीराम कॉलेज में इंग्लिश की कटऑफ 97.75 फीसदी थी तो श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) में इकॉनोमिक्स की कटऑफ 98.75 फीसदी थी।