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कर्मचारियों को करना होगा अभी और इंतजार
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
सरकारी कर्मचारियों को आयुष्मान योजना का लाभ पाने के लिए अभी और इंतजार करना पड़ सकता है। कर्मचारियों को इस योजना का लाभ अंशदान के आधार पर मिलना है, लेकिन अभी तक इस पर कोई फैसला सरकार ने नहीं लिया है। आगामी कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव पर निर्णय लिया जा सकता है।
गौरतलब है कि इस साल 26 जनवरी को महत्वाकांक्षी अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना की शुरुआत की गई थी। इसमें पांच लाख रुपये तक मुफ्त इलाज दिया जाना है। लॉन्चिंग के वक्त सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को इससे बाहर रखा गया था। राज्यकर्मियों को पुरानी व्यवस्था प्रतिपूर्ति के आधार पर ही स्वास्थ्य सेवाओं का खर्च दिया जा रहा है। सरकार ने उस वक्त कर्मचारियों को अंशदान के आधार पर इस योजना का लाभ देने की तैयारी की थी। इसके लिए राज्य स्वास्थ्य अभिकरण और आयुष्मान योजना क्रियान्वयन समिति की ओर से भी कुछ सुझाव दिए गए हैं। जिन्हें शामिल किया गया तो पेंशनर्स को लाभ मिल सकता है। इसके अलावा अलग अलग श्रेणी के अधिकारियों और कर्मचारियों व पेंशनर्स के लिए अलग अलग अंशदान तय किया गया है। राज्य स्वास्थ्य अभिकरण के अध्यक्ष दीलीप कोटिया ने बताया कि यह प्रस्ताव अभी सरकारी स्तर पर तय किया जाना है। सरकार की ओर से इस बार प्रस्ताव आगामी कैबिनेट में रखा जा सकता है।
श्रेणी के अनुसार है अंशदान
समूह क- 400 रुपये
समूह ख- 300 रुपये
समूह ग - 200 रुपये
समूह घ - 100 रुपये
पेंशनर्स - 200 रुपये
पेंशनर्स के लिए दिया सुझाव
विभाग की ओर से पेंशनर्स को राहत पहुंचाने के लिए कुछ सुझाव दिए गए हैं। पेंशनर्स को भी कार्मिकों की तरह समूह के हिसाब से बांटने का प्रस्ताव विभाग ने दिया है। इनमें तीन समूह दिए गए हैं। इनसे 50, 150 और 200 रुपये का अंशदान लिए जाने का सुझाव दिया गया है।
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सरकारी कर्मचारियों को आयुष्मान योजना का लाभ पाने के लिए अभी और इंतजार करना पड़ सकता है। कर्मचारियों को इस योजना का लाभ अंशदान के आधार पर मिलना है, लेकिन अभी तक इस पर कोई फैसला सरकार ने नहीं लिया है। आगामी कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव पर निर्णय लिया जा सकता है।
गौरतलब है कि इस साल 26 जनवरी को महत्वाकांक्षी अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना की शुरुआत की गई थी। इसमें पांच लाख रुपये तक मुफ्त इलाज दिया जाना है। लॉन्चिंग के वक्त सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को इससे बाहर रखा गया था। राज्यकर्मियों को पुरानी व्यवस्था प्रतिपूर्ति के आधार पर ही स्वास्थ्य सेवाओं का खर्च दिया जा रहा है। सरकार ने उस वक्त कर्मचारियों को अंशदान के आधार पर इस योजना का लाभ देने की तैयारी की थी। इसके लिए राज्य स्वास्थ्य अभिकरण और आयुष्मान योजना क्रियान्वयन समिति की ओर से भी कुछ सुझाव दिए गए हैं। जिन्हें शामिल किया गया तो पेंशनर्स को लाभ मिल सकता है। इसके अलावा अलग अलग श्रेणी के अधिकारियों और कर्मचारियों व पेंशनर्स के लिए अलग अलग अंशदान तय किया गया है। राज्य स्वास्थ्य अभिकरण के अध्यक्ष दीलीप कोटिया ने बताया कि यह प्रस्ताव अभी सरकारी स्तर पर तय किया जाना है। सरकार की ओर से इस बार प्रस्ताव आगामी कैबिनेट में रखा जा सकता है।
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श्रेणी के अनुसार है अंशदान
समूह क- 400 रुपये
समूह ख- 300 रुपये
समूह ग - 200 रुपये
समूह घ - 100 रुपये
पेंशनर्स - 200 रुपये
पेंशनर्स के लिए दिया सुझाव
विभाग की ओर से पेंशनर्स को राहत पहुंचाने के लिए कुछ सुझाव दिए गए हैं। पेंशनर्स को भी कार्मिकों की तरह समूह के हिसाब से बांटने का प्रस्ताव विभाग ने दिया है। इनमें तीन समूह दिए गए हैं। इनसे 50, 150 और 200 रुपये का अंशदान लिए जाने का सुझाव दिया गया है।
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