हज यात्रा: उत्तराखंड के चयनित आवेदकों को जमा करने होंगे मेडिकल दस्तावेज, पहली किस्त की रसीद भी करनी होगी अपलोड
हज-2027 की तैयारियों के बीच उत्तराखंड के चयनित यात्रियों के लिए जरूरी प्रक्रिया शुरू हो गई है। समयसीमा के भीतर मेडिकल जांच और दस्तावेज पूरे नहीं किए तो यात्रा की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
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हज यात्रा-2027 के लिए उत्तराखंड से चयनित 1526 आवेदकों को अब चिकित्सा जांच समेत जरूरी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। उत्तराखंड राज्य हज समिति ने सभी चयनित आवेदकों को 15 सितंबर तक मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र और निर्धारित दस्तावेज जमा करने के निर्देश दिए हैं।
उत्तराखंड राज्य हज समिति के अधिशासी अधिकारी मोहम्मद आरिफ ने बताया कि हज कमेटी ऑफ इंडिया, मुंबई के सर्कुलर के अनुसार हज-2027 के लिए चयनित आवेदकों को चिकित्सा जांच और जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे। हज नीति-2027 के तहत प्रत्येक चयनित यात्री के लिए दो चरणों में चिकित्सा जांच और फिटनेस प्रमाणपत्र की प्रक्रिया अनिवार्य है।
पहला चरण चयन के समय और दूसरा यात्रा से पहले पूरा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आवेदक हज कमेटी ऑफ इंडिया की वेबसाइट पर सर्कुलर नंबर-10 के साथ उपलब्ध प्रपत्र का प्रिंट लेकर सरकारी एलोपैथिक चिकित्साधिकारी से चिकित्सा जांच कराएं। मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र पर फोटो चस्पा कर चिकित्साधिकारी के हस्ताक्षर कराने के बाद इसे 15 सितंबर तक हज समिति की वेबसाइट के पिलग्रिम लॉगिन-2027 पर अपलोड करना होगा। साथ ही प्रथम किस्त जमा करने की ई-पे स्लिप या ऑनलाइन भुगतान की रसीद भी अपलोड करनी होगी।
पासपोर्ट से बैंक दस्तावेज तक जमा करने होंगे सभी कागजात
ऑनलाइन प्रक्रिया में परेशानी होने पर मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र उत्तराखंड राज्य हज समिति के हज हाउस, पिरान कलियर कार्यालय में अंतिम तिथि से पहले जमा कराया जा सकता है। चयनित आवेदकों को हस्ताक्षर सहित हज आवेदन फार्म की प्रति, डिक्लेरेशन, पासपोर्ट डिक्लेरेशन, सफेद बैकग्राउंड वाली दो रंगीन फोटो, बैंक खाते का कैंसिल चेक या बैंक पासबुक की छायाप्रति और पासपोर्ट के फ्रंट व बैक पेज की छायाप्रति भी जमा करनी होगी। यदि आवेदक का वर्तमान पता पासपोर्ट में दर्ज पते से अलग है तो हज आवेदन में दिए गए पते का प्रमाणपत्र भी देना होगा। सभी दस्तावेजों की छायाप्रतियों पर आवेदक के स्वहस्ताक्षर होना अनिवार्य है।
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मूल मेडिकल रिपोर्ट सुरक्षित रखने की सलाह
हज समिति ने चयनित आवेदकों को मूल चिकित्सा जांच रिपोर्ट और मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र सुरक्षित रखने की सलाह दी है। यात्रा के दूसरे चरण में चिकित्सा जांच और टीकाकरण के दौरान इन्हें चिकित्सा टीम के समक्ष प्रस्तुत करना होगा। समिति ने स्पष्ट किया कि निर्धारित स्वास्थ्य मानकों के अनुसार चिकित्सकीय रूप से अयोग्य पाए जाने पर आवेदक की हज यात्रा की उम्मीदवारी रद्द की जा सकती है। ऐसी स्थिति में जमा राशि नियमों के अनुसार वापस की जाएगी। वहीं स्वास्थ्य या चिकित्सा संबंधी जानकारी छिपाने या गलत जानकारी देने पर जमा राशि जब्त करने के साथ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।