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गुरु पूर्णिमा पर्व पर धार्मिक संस्थाओं में हुआ गुरु पूजन
Updated Sat, 28 Jul 2018 02:36 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश।
शुक्रवार को गुरु पूर्णिमा पर्व नगर क्षेत्र में विभिन्न आश्रमों, मठ, मंदिरों और अन्य संस्थाओं में श्रद्धापूर्वक मनाया गया। मुनिकीरेती स्थित दिव्य जीवन संघ शिवानंद आश्रम में गुरु पूर्णिमा पर उत्सव अध्यक्ष स्वामी विमलानंद के सानिध्य में मनाया गया। स्वामी शिवानंद समाधि मंदिर में प्रात:कालीन पूजा अर्चना और सामूहिक पादुका पूजा की गई। इस अवसर पर नगर संकीर्तन यात्रा निकाली गई। स्वामी विमलानंद ने कहा गुरु शिष्य परंपरा सदियों से भारतीय संस्कृति में चलती आ रही है। यह सर्वोत्तम परंपरा है। गुरु के बताए मार्ग पर चलकर ही उनके अनुयायी अपने जीवन को सद्मार्ग की ओर से ले जा सकते हैं। कार्यक्रम में आश्रम के उपाध्यक्ष स्वामी निर्लिप्तानंद, स्वामी योग स्वरूपानंद, स्वामी अध्वैतानंद, गोविंदानंद, स्वामी बैकुंठानंद, स्वामी धर्मनिष्ठानंद, स्वामी श्रीधरानंद, हंसानंद, सत्यप्रसाद बडोला आदि मौजूद थे।
उधर मायाकुंड स्थित दंडी बाड़ा आश्रम में गुरु पूर्णिमा पर्व पर ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य ब्रह्मलीन स्वामी माधवाश्रम महाराज की समाधि स्थल पर श्रद्धापूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर विभिन्न स्थानों से गुरुपर्व पर जुटे ब्रह्मलीन संत के शिष्यों, अनुयायियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ समाधि स्थल पर पादुका पूजन किया व श्रद्धासुमन अर्पित किए।
ब्रह्मचारी आशीष स्वरूप ने बताया कि शंकराचार्य द्वारा स्थापित विभिन्न संस्थाओं सर्वदलीय गौरक्षा महाभियान संघ, वैदिक ब्राह्मण महासभा, अखिल भारतवर्षीय धर्मसंघ व उत्तराखंड विद्वत परिषद के विभिन्न विद्वान, संत व महात्माओं ने गो, गंगा, गायत्री, रोटी, बेटी, चोटी को बचाने व सनातन धर्म की रक्षा का सामूहिक संकल्प लिया।
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वहीं श्री साई मंदिर गुमानीवाला में गुरुपूर्णिमा धूमधाम से मनाई गई। परमाध्यक्ष माता गीता शर्मा ने कहा कि मानव सेवा ही माधव सेवा है, शिष्यों की आत्मा का नाम गुरु है। उन्होंने कहा कि शिष्यों के ऊपर गुरु की कृपा बरसने के लिए गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया जाता है। मंदिर के ट्रस्टी आशीष शर्मा ने बताया कि गुरुपर्व पर कुष्ठ रोगियों को कपड़े, साबुन, तेल, दूध और अन्य सामग्री वितरित की गई। इस मौके पर सुभाष शर्मा, मुंशीराम, दिनेश, किशन लाल, नवदीप, निशा, सुषमा जोशी, साधना पोसवाल, राममनोहर सिंह, चंदा देवी, कमला जोशी, सोनी, रिकेश्वरी देवी, निधि रावत, मानसी शर्मा आदि मौजूद रहे।
उधर, जयराम अन्नक्षेत्र परमाध्यक्ष ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी के परम सानिध्य में गुरुपूर्णिमा पर्व परंपरागत रूप से मनाया गया। इस दौरान जयराम अन्नक्षेत्र में गुरु पूजन किया गया। आचार्य मायाराम रतूड़ी ने गुरु गद्दी में विराजित प्रतिमाओं का पूजन किया और गुरु पूजन, गुरु पादुका पूजन के साथ ही सत्यनारायण भगवान का पूजन किया। जयराम संस्थाओं के पीठाधीश्वर ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी ने कहा कि गुरु मानव जीवन में प्रकाश के साथ संस्कार प्रदान करते हैं। कार्यक्रम में आचार्य प्रदीप थपलियाल, अनिल सोडानी, राजेंद्र , प्रदीप शर्मा, हरिनंदन अग्रवाल, जगदीश अग्रवाल, खैरातीलाल सिंघला, साहिल मित्तल, पवन गर्ग, गौरीशंकर, नागेंद्र मिश्रा, सुभाष नरुला, दीप शर्मा आदि मौजूद थे।
दूसरी ओर आत्मप्रकाश आश्रम तारा पीठ मंदिर में गुरु पर्व धूमधाम से मनाया गया। आश्रम के महंत संध्या गिरि महाराज ने हिमालय पीठाधीश्वर बद्रीश श्रीविभूषित ब्रह्मलीन महंत गोदावरी गिरि महाराज की समाधि का विधिवत पूजन किया और उनके बताए चलने का संकल्प दोहराया। धार्मिक अनुष्ठान में रघुनंदन गिरि, ऋषिकेश गिरि, खुशी गिरि, महाकाल गिरि, गंभीर सिंह मेवाड़, संजय शास्त्री, भगतराम कोठारी, इंद्रकुमार गोदवानी, दिनेश सती, डीएस गुसाईं, बीरेंद्र शर्मा, वेदप्रकाश शर्मा, विनोद शर्मा, सरोज डिमरी, चारू कोठारी, कपिल त्यागी, पंडित मुकेश घिल्डियाल, सत्यपाल आदि शामिल हुए।
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शुक्रवार को गुरु पूर्णिमा पर्व नगर क्षेत्र में विभिन्न आश्रमों, मठ, मंदिरों और अन्य संस्थाओं में श्रद्धापूर्वक मनाया गया। मुनिकीरेती स्थित दिव्य जीवन संघ शिवानंद आश्रम में गुरु पूर्णिमा पर उत्सव अध्यक्ष स्वामी विमलानंद के सानिध्य में मनाया गया। स्वामी शिवानंद समाधि मंदिर में प्रात:कालीन पूजा अर्चना और सामूहिक पादुका पूजा की गई। इस अवसर पर नगर संकीर्तन यात्रा निकाली गई। स्वामी विमलानंद ने कहा गुरु शिष्य परंपरा सदियों से भारतीय संस्कृति में चलती आ रही है। यह सर्वोत्तम परंपरा है। गुरु के बताए मार्ग पर चलकर ही उनके अनुयायी अपने जीवन को सद्मार्ग की ओर से ले जा सकते हैं। कार्यक्रम में आश्रम के उपाध्यक्ष स्वामी निर्लिप्तानंद, स्वामी योग स्वरूपानंद, स्वामी अध्वैतानंद, गोविंदानंद, स्वामी बैकुंठानंद, स्वामी धर्मनिष्ठानंद, स्वामी श्रीधरानंद, हंसानंद, सत्यप्रसाद बडोला आदि मौजूद थे।
उधर मायाकुंड स्थित दंडी बाड़ा आश्रम में गुरु पूर्णिमा पर्व पर ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य ब्रह्मलीन स्वामी माधवाश्रम महाराज की समाधि स्थल पर श्रद्धापूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर विभिन्न स्थानों से गुरुपर्व पर जुटे ब्रह्मलीन संत के शिष्यों, अनुयायियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ समाधि स्थल पर पादुका पूजन किया व श्रद्धासुमन अर्पित किए।
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ब्रह्मचारी आशीष स्वरूप ने बताया कि शंकराचार्य द्वारा स्थापित विभिन्न संस्थाओं सर्वदलीय गौरक्षा महाभियान संघ, वैदिक ब्राह्मण महासभा, अखिल भारतवर्षीय धर्मसंघ व उत्तराखंड विद्वत परिषद के विभिन्न विद्वान, संत व महात्माओं ने गो, गंगा, गायत्री, रोटी, बेटी, चोटी को बचाने व सनातन धर्म की रक्षा का सामूहिक संकल्प लिया।
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वहीं श्री साई मंदिर गुमानीवाला में गुरुपूर्णिमा धूमधाम से मनाई गई। परमाध्यक्ष माता गीता शर्मा ने कहा कि मानव सेवा ही माधव सेवा है, शिष्यों की आत्मा का नाम गुरु है। उन्होंने कहा कि शिष्यों के ऊपर गुरु की कृपा बरसने के लिए गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया जाता है। मंदिर के ट्रस्टी आशीष शर्मा ने बताया कि गुरुपर्व पर कुष्ठ रोगियों को कपड़े, साबुन, तेल, दूध और अन्य सामग्री वितरित की गई। इस मौके पर सुभाष शर्मा, मुंशीराम, दिनेश, किशन लाल, नवदीप, निशा, सुषमा जोशी, साधना पोसवाल, राममनोहर सिंह, चंदा देवी, कमला जोशी, सोनी, रिकेश्वरी देवी, निधि रावत, मानसी शर्मा आदि मौजूद रहे।
उधर, जयराम अन्नक्षेत्र परमाध्यक्ष ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी के परम सानिध्य में गुरुपूर्णिमा पर्व परंपरागत रूप से मनाया गया। इस दौरान जयराम अन्नक्षेत्र में गुरु पूजन किया गया। आचार्य मायाराम रतूड़ी ने गुरु गद्दी में विराजित प्रतिमाओं का पूजन किया और गुरु पूजन, गुरु पादुका पूजन के साथ ही सत्यनारायण भगवान का पूजन किया। जयराम संस्थाओं के पीठाधीश्वर ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी ने कहा कि गुरु मानव जीवन में प्रकाश के साथ संस्कार प्रदान करते हैं। कार्यक्रम में आचार्य प्रदीप थपलियाल, अनिल सोडानी, राजेंद्र , प्रदीप शर्मा, हरिनंदन अग्रवाल, जगदीश अग्रवाल, खैरातीलाल सिंघला, साहिल मित्तल, पवन गर्ग, गौरीशंकर, नागेंद्र मिश्रा, सुभाष नरुला, दीप शर्मा आदि मौजूद थे।
दूसरी ओर आत्मप्रकाश आश्रम तारा पीठ मंदिर में गुरु पर्व धूमधाम से मनाया गया। आश्रम के महंत संध्या गिरि महाराज ने हिमालय पीठाधीश्वर बद्रीश श्रीविभूषित ब्रह्मलीन महंत गोदावरी गिरि महाराज की समाधि का विधिवत पूजन किया और उनके बताए चलने का संकल्प दोहराया। धार्मिक अनुष्ठान में रघुनंदन गिरि, ऋषिकेश गिरि, खुशी गिरि, महाकाल गिरि, गंभीर सिंह मेवाड़, संजय शास्त्री, भगतराम कोठारी, इंद्रकुमार गोदवानी, दिनेश सती, डीएस गुसाईं, बीरेंद्र शर्मा, वेदप्रकाश शर्मा, विनोद शर्मा, सरोज डिमरी, चारू कोठारी, कपिल त्यागी, पंडित मुकेश घिल्डियाल, सत्यपाल आदि शामिल हुए।