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कैंसर रोग की पहचान व उपचार पर की गई चर्चा
Updated Mon, 09 Apr 2018 02:04 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला,ऋषिकेश।
एम्स ऋषिकेश में न्यूक्लियर मेडिसिन संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी के दौरान देशभर के चिकित्सकों ने न्यूक्लियर मेडिसन में रेडियोएक्टिव तत्वों के प्रयोग से कैंसर की पहचान और उपचार पर चर्चा की।
न्यूक्लियर मेडिसिन संगोष्ठी का शुभारंभ एम्स के निदेशक प्रोफेसर डॉ. रविकांत ने किया। उन्होंने बताया कि एम्स संस्थान में हाल ही में न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग अस्तित्व में आया है। न्यूक्लियर मेडिसिन में रेडियोएक्टिव तत्वों का प्रयोग बीमारी की पहचान और उपचार के लिए किया जाता है। गोष्ठी का उद्देश्य कैंसर की पहचान और उपचार में न्यूक्लियर मेडिसिन के उपयोग विषय से अवगत कराना है। बताया कि प्रोस्टेट कैंसर और न्यूरो एंडोक्राइन ट्यूमर के इलाज में न्यूक्लियर मेडिसिन के तहत थेरानौस्टिक मॉडल का प्रयोग काफी सफल रहा है। गोष्ठी में एसजीपीजीएल के प्रो. संजय गंभीर, दिल्ली एम्स के राकेश कुमार, भाभा परमाणु केंद्र मुंबई के डॉ. संदीप बसु, प्रो. अरुण मल्होत्रा, प्रो. पूजा रमाकांत, प्रो. वीना रवि, प्रो. मनोज गुप्ता, डॉ. मनीषी नारायण, डॉ. वंदना ढींगरा आदि ने विचार रखे।
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एम्स ऋषिकेश में न्यूक्लियर मेडिसिन संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी के दौरान देशभर के चिकित्सकों ने न्यूक्लियर मेडिसन में रेडियोएक्टिव तत्वों के प्रयोग से कैंसर की पहचान और उपचार पर चर्चा की।
न्यूक्लियर मेडिसिन संगोष्ठी का शुभारंभ एम्स के निदेशक प्रोफेसर डॉ. रविकांत ने किया। उन्होंने बताया कि एम्स संस्थान में हाल ही में न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग अस्तित्व में आया है। न्यूक्लियर मेडिसिन में रेडियोएक्टिव तत्वों का प्रयोग बीमारी की पहचान और उपचार के लिए किया जाता है। गोष्ठी का उद्देश्य कैंसर की पहचान और उपचार में न्यूक्लियर मेडिसिन के उपयोग विषय से अवगत कराना है। बताया कि प्रोस्टेट कैंसर और न्यूरो एंडोक्राइन ट्यूमर के इलाज में न्यूक्लियर मेडिसिन के तहत थेरानौस्टिक मॉडल का प्रयोग काफी सफल रहा है। गोष्ठी में एसजीपीजीएल के प्रो. संजय गंभीर, दिल्ली एम्स के राकेश कुमार, भाभा परमाणु केंद्र मुंबई के डॉ. संदीप बसु, प्रो. अरुण मल्होत्रा, प्रो. पूजा रमाकांत, प्रो. वीना रवि, प्रो. मनोज गुप्ता, डॉ. मनीषी नारायण, डॉ. वंदना ढींगरा आदि ने विचार रखे।
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