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आधार न होने पर गर्भवती को अस्पताल से भगाया, सड़क पर तड़पती रही लेकिन नहीं पसीजा दिल 

Tue, 30 Jan 2018 10:59 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जौनपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जौनपुर Updated Tue, 30 Jan 2018 10:59 AM IST
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Hospital refuse to delivery of pregnant woman
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सरकार और सुप्रीम कोर्ट के ‌आदेश-निर्देश के बाद भी आधार कार्ड पर मची रार लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। गर्भवती महिला को अस्पताल में इंट्री ‌इसलिए नहीं मिली क्योंकि उसके पास आधार कार्ड नहीं था।
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महिला दर्द के मारे सड़क पर तड़पती रही, परिजन गिड़गिड़ाते रहे लेकिन अस्पताल प्रशासन संवेदनहीन बना रहा। महिला का प्रसव अस्पताल के बाहर ही हो गया। संवेदनहीनता की यह पराकाष्ठा उत्तर प्रदेश के जौनप‌ुर में देखने को मिली।
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जिले के राजकीय अस्पताल शाहगंज में सोमवार को पहुंची प्रसव पीड़ा से कराह रही महिला को इसलिए भर्ती करने से मना कर दिया गया कि उसके पास बैंक पासबुक और आधार कार्ड नहीं था।
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प्रसव पीड़ा से कराह रही महिला की जान बचाने के लिए उसके साथ आए परिजन हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाते रहे लेकिन महिला डॉक्टर को उन पर जरा भी तरस नहीं आई। आरोप है कि महिला डॉक्टर ने उसे डाटकर भगा दिया।

निराश होकर गरीब परिवार के लोग महिला को लेकर अस्पताल गेट पर पहुंचे थे तभी वह अचेत होकर गिर पड़ी और फर्श पर ही उसे प्रसव हो गया। उसने बेटी को जन्म दिया। इस पर परिजनों के साथ आस पास के लोग भी हंगामा शुरू कर दिए। हंगामे के बाद महिला को अस्पताल में भर्ती किया गया।

फर्श पर ही छोड़ दिया गया

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शाहगंज में फैजाबाद रोड स्थित दादर पुल के नीचे खानाबदोश परिवार के लोग जीवन यापन करते हैं। इसी परिवार के अजय नट की पत्नी चंदा (24) को प्रसव पीड़ा होने पर सोमवार को दोपहर परिजन महिला को लेकर राजकीय अस्पताल पहुंचे।

आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात महिला डॉक्टर डा. शोभना दुबे ने प्रसूता का आधार कार्ड व बैंक खाता मांगा। परिजनों ने बताया कि न तो उनके पास बैंक का कोई खाता है और न ही आधार कार्ड बना है। इस पर महिला डॉक्टर ने महिला को भर्ती करने से इनकार कर दिया।

प्रसव पीड़ा से छटपटा रही महिला की जान बचाने के लिए परिवार के लोग हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाते रहे लेकिन महिला डॉक्टर को उन पर जरा भी तरस नहीं आई। उन्हें डाटकर भगा दिया गया। मायूस होकर परिजन महिला को लेकर अस्पताल से निकल रहे थे।

अस्पताल के गेट पर पहुंचते ही महिला बेसुध होकर गिर पड़ी। गेट के पास फर्श पर ही उसे प्रसव हो गया। परिजनों के चीखने चिल्लाने पर आसपास के लोग भी जुट गए।

​लोगों के आक्रोश को देखते हुए डॉक्टर जच्चा-बच्चा को लेकर अंदर पहुंचे। जहां घंटेभर उसे फर्श पर ही छोड़ दिया गया। काफी देर तक फर्श पर ही उसे लिटाकर रखा गया। बाद में पहुंची डॉक्टर डा. शोभना दुबे व बाल रोग विशेषज्ञ डा. एमके गुप्ता ने जच्चा-बच्चा दोनों का इलाज शुरू किया।

शाहगंज राजकीय अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डा. डीएस यादव का कहना है कि महिला को जिला अस्पताल के लिए रेफर किया गया था। गेट पर पहुंचते ही उसे प्रसव हो गया। अस्पताल से उसे कोई नहीं भगाया।
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