47 दिन बाद पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेल ट्रैक पर गूंजेगी छुक-छुक
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हिमाचल प्रदेश में हुई तेज बारिश के बाद ज्वालामुखी और पालमपुर के समीप लैंड स्लाइडिंग के कारण ठप पड़े पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेल सेक्शन पर मंगलवार से फिर ट्रेनों की छुक-छुक सुनाई देगी।
सोमवार को अकेले इंजन के साथ पठानकोट से गुलेर तक का सफल ट्रायल करने के बाद टेक्निकल और इंजीनियरिंग विंग ने ट्रेनों को बहाल करने पर सहमति जताई है। 47 दिन ठप रहे इस रूट पर सभी 14 ट्रेनों को बहाल कर दिया गया है पर फिलहाल कोई ट्रेन गुलेर से आगे नहीं जा पाएगी।
अधिकारियों के मुताबिक गुलेर से आगे अभी राहत कार्य चल रहा है, जल्द ही सभी ट्रेनों को जोगिंद्रनगर तक चला दिया जाएगा। हिमाचल में भारी बारिश से हुई लैंड स्लाइडिंग के बाद 10 जुलाई को नैरोगेज कांगड़ा घाटी की नाइट सर्विस बंद कर छह ट्रेनों (अप डाउन) को बंद किया।
28 जुलाई को चार और ट्रेनें रद्द की गई। उसके बाद 10 से 25 अगस्त तक हुई तेज बारिश के बाद ज्वालामुखी रोड, कोपरलाहड़ और पालमपुर नैरोगेज स्टेशनों के पास 6 जगह लैंड स्लाइडिंग हो गई, जिसके
चलते 13 अगस्त को फिरोजपुर रेल डिवीजन ने सभी 14 (अप-डाउन) ट्रेनें बंद करने का आदेश जारी किया था। तब से हिमाचल जाने के लिए लोगों को 7 गुणा अधिक किराया खर्च बस से जाना पड़ रहा था।
यह रहेगी ट्रेनों की टाइमिंग
फिरोजपुर रेल डिवीजन के आदेशों के बाद पठानकोट से रात के समय पठानकोट से चलकर जोगिंद्रनगर जाने वाली ट्रेन नंबर-52471 सुबह 2:15 बजे, पठानकोट-बैजनाथ पपरोला (52463) तड़के 4 बजे, पठानकोट-बैजनाथ पपरोला (52467) दोपहर 1:20 पर, पठानकोट-बैजनाथ पपरोला (52469) दोपहर 3:50 पर, पठानकोट-बैजनाथ पपरोला (52465) सुबह 7 बजे और पठानकोट-जोगिंद्रनगर (52473) सुबह 10 बजे गुलेर तक ही चलेंगी।
यही ट्रेनें गुलेर से वापस पठानकोट आएंगी। पठानकोट का अधिकतर व्यापार हिमाचल के कारोबारियों पर डिपेंड है। ट्रेनें शुरू होने पर व्यापार मंडल ने खुशी जताई है। चेयरमैन भारत महाजन ने कहा कि फेस्टिवल सीजन से ठीक पहले ट्रेनों के बहाल होने से पठानकोट का कारोबार प्रफुल्लित होगा।